रावण का पुतला जलाने को लेकर बवाल! छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में मुश्किल में पड़ा दशहरा

बदलाव , रायपुर, मंगलवार , 16-10-2018


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तामेश्वर सिन्हा

रायपुर। छत्तीसगढ़ में रावण दहन को लेकर बवाल खड़ा हो गया है। यहां के आदिवासियों ने रावण के पुतले के दहन पर रोक लगाने के लिए प्रशासन से गुहार लगाई है। प्रदेश के महासमुंद, रायगढ़, राजनंदगांव, गरियाबंद, कवर्धा आदि जिलों के आदिवासियों ने इस संबंध में प्रशासन को आवेदन दिया है।

यही नहीं कवर्धा जिले के पूरे ब्लॉक में आदिवासी समाज ने रावण दहन करने वालों पर एफआईआर दर्ज करने को लेकर थाने में आवेदन दिया है। 

आदिवासी समुदाय के लोगों ने अपने आवेदन में जिक्र किया है कि आदिवासियों की सामाजिक-सांस्कृतिक आस्था को ठेस पहुंचाते हुए रावण का पुतला दहन किया जाता है। इसके साथ ही असुर भैसासुर को दुर्गा प्रतिमा के साथ अपमानजनक तरीके से स्थापित कर उनकी आस्था, संस्कृति एवं सामाजिक मान्यताओं पर कुठाराघात किया जाता है। 

दरअसल, आदिवासी मान्यताओं के अनुसार रावण को आदिवासी समुदाय अपना पूर्वज मानता है। आगे आपको यह भी बताते चलें कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में आज भी रावण दहन नहीं होता है। बल्कि दशहरा के दिन रावण की पूजा की जाती है। आदिवासी समुदाय के अनुसार हिन्दू धर्म ग्रंथों में आदिवासी मूलनिवासियों को ही असुर बताया गया है। 

आदिवासियों का ज्ञापन।

इस संबंध में विस्तृत चर्चा करते हुये आदिवासी विकास परिषद के संरक्षक तथा सर्व आदिवासी समाज जिला गरियाबंद के उपाध्यक्ष महेन्द्र नेताम ने बताया कि दुर्गा नवमी के दिन हम सभी आदिवासी समाज के लोग महिषासुर और रावण की परम्परानुसार अपने घरों व खेतों में पूजा करते हैं। महेन्द्र नेताम के अनुसार दशहरा पर रामलीला-नाटक आदि पर हमें कोई आपत्ति नहीं है पर रावण के पुतले का दहन हमारी भावनाओं के साथ खिलवाडं है। नेताम ने ये भी बताया कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडीसा जैसे आदिवासी बहुल राज्यों के सभी आदिवासी रावण दहन का विरोध करते हैं।

आदिवासी समुदाय ने सामूहिक ज्ञापन देते हुए कहा कि आदिवासियों (जनजातियों )की ही नहीं बल्कि भारतीय कार्यपालिका का सरेआम उल्लंघन किया गया है इससे हमारी भावनाओं को ठेस पहुंची है हमारी भावनाओं व हमारे आदर्शों आराध्यों का इस प्रकार अपमानित करना बंद नहीं हुआ तो हमारे द्वारा माननीय उच्च न्यायालय की शरण लेना पड़ेगा व आंदोलन उग्र आंदोलन मजबूर होकर करना पड़ेगा

उन्होंने आगे यह भी मांग किया है कि रावण दहन करने वाले समिति दुर्गा उत्सव समिति के अध्यक्ष के विरुद्ध भारतीय संविधान के तमाम अनुच्छेदों के (46) अनु. 51 (क) (ग ) (ड)आईपीसी 1860 की धारा 295 295 ( क) 298 153 (क) के तहत मामला कायम कर सख्त से सख्त कार्यवाही करें।

जनचौक संवाददाता ने इस संबंध में गरियाबंद एसडीएम, कवर्धा जिला कलेक्टर, महासमुंद जिला कलेक्टर से बात किया। उनका कहना है कि यह धार्मिक मामला है। हम इस आवेदन के सम्बंध में किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं कर सकते।

 








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Bheeshm singh :: - 10-22-2018
Rawan k wansaj ho to bhago lanka men hindustan men kyoun rah rhe ho

Bhuneshwar kole :: - 10-19-2018
किसी भी समुदाय के आस्था व धर्म से जुड़े लोगों को वास्तविकता के अनुरूप ही मान्यता मिलना चाहिए। अगर कोई समुदाय किसी अन्य समुदाय के लोगों के आस्थ या उनके द्वारा मनाएं गए देवी, देवताओं का दहन या अपमान करना उस समुदाय के लोगों का अपमान करना है।सामाजिक दृष्टिकोण से भी ये उचित नहीं है।

?? ?? ?????? :: - 10-18-2018
राजा लंकेश और महिषा सूर आदिवासियों मुलनिवासीयो का पूरवजो की देवता पुजा करते आ रहे हैं तो दशहरा उतशव में रावन दहन करना मुलनिवासीयो संसकिरीती अपमान करना है शासन प्रशासन को ईस रावन दहन पर रोक लगाना होगा

Shanker adil :: - 10-18-2018
Hindu Dharma me sirf ek bar jalaya jata hai.pratik ke nam par bar bar kyo.agar jalani hi hai to samaj me faise burai ko jalao .govt me dimak ke tarah failed corruption ko jalao. Thanks.

pramodsinghshesar :: - 10-16-2018
Surjpur(c.g.)

pramodsinghshesar :: - 10-16-2018

pratap kumar :: - 10-16-2018
मुलनिवासी साथियों अब अपनी आजादी के लिए कमर कस लीजिए...कब तक गुलाम रहेंगे....5000 साल तक गुलामी की जिंदगी जी रहे .अब अपनी हक लेकर रहेगे...

Ankur Paswan :: - 10-16-2018
Raean Hamare Mahapurush Hai,Adarsh Hai, Purwaj Hai, Hamare Aradhy Hai, Bilkul Rawan, Meghnath,Kumhkaran, Maishasur Ka Putla Dahan Nhi Hona Chahiye Aur Na Hin Apttijanak Taswir Dikhani Chahiye.

Dinky gosvami :: - 10-16-2018
गलत है यार ये सब अगर करना था इनको विरोध तो इनके पूर्वज कहा गए थे पहले बताये आप इसमें कुछ नई मिलेगा भाई

Dinky gosvami :: - 10-16-2018

Kamlesh lohar :: - 10-16-2018
Aadiwasi rawn rakshas kul hai to ham bhi Hindu hai agar rakchhas hamare aan ban ko chot pahuchayega to osi tarah jalate rahenge? Jai shree ram Jai mata di

Mahendra mandavi :: - 10-16-2018
लास्ट मे कहा गया है की यह धार्मिक मामला हैं इसमें कोई कार्यवाही नही कर सकते ईश बात पर गौर करना चाहिए

???? ????? ???? :: - 10-16-2018

Khilendra :: - 10-16-2018
Sahi baat hai ji Roke lagana chahiye

???? ???? :: - 10-16-2018
जनचौक संवाददाता ने इस संबंध में गरियाबंद एसडीएम, कवर्धा जिला कलेक्टर, महासमुंद जिला कलेक्टर से बात किया। उनका कहना है कि यह धार्मिक मामला है। हम इस आवेदन के सम्बंध में किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं कर सकते। अब सवाल ये उठता है कि सिर्फ सवर्णों का ही धार्मिक अधिकार होता है या मूल निवासियों / आदिवासियों का भी? क्या उनकी धार्मिक भावनाए रावण को जलाने से आहत होना, कोई मुद्दा नहीं है? धार्मिक भवनाएं सिर्फ ब्रहमनों की ही आहत होती हैं?

Pareshwar negi :: - 10-16-2018
जय लंकेश जय भैंसासुर .....बिल्कुल सही बात है हमारे गोंड जनजाति में रावण दहन और भैंसासुर वध का चित्रण पर रोक लगाना ही उचित है हम भी साथ है जागो मूलनिवासियो जागो

Ankit dhruw :: - 10-16-2018
बहुत अच्छा विचार है हम भी इसमे साथ देगे