अयोध्या में लगा क्रांतिकारियों के वंशज फिल्मकारों का मेला

विशेष , फिल्म फेस्टिवल, बुधवार , 16-08-2017


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काकोरी की याद में 

अयोध्या (फ़ैज़ाबाद)। अयोध्या में  काकोरी एक्शन डे के मौके पर क्रांतिकारियों के वंशज फिल्म निर्माताओं का मेला लगा। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकान्द सभागार में तीन दिन के इस फिल्म फेस्टिवल में क्रांतिकारियों के वंशजों ने अपनी बातचीत और फिल्मों के जरिये चेताया कि आज़ाद भारत में आज़ादी के सुबूत नष्ट किए जा रहे हैं, जिन्हें बेहतर भविष्य के लिए बचाना ज़रूरी है।

फिल्म फेस्टिवल का उद्घाटन करते तात्या टोपे के वंशज विनायक राव टोपे।

9 से 11 अगस्त तक चले इस फिल्म फेस्टिवल में अमर शहीद तात्या टोपे के वंशज विनायक राव टोपे, सरदार भगत सिंह के पार्टी केन्द्रों के चीफ़ रहे डॉ. गया प्रसाद कटियार के पुत्र क्रांति कुमार, अमर शहीद जमुना प्रसाद त्रिपाठी के पौत्र इंजीनियर राज त्रिपाठी, शहीद रोशन सिंह की प्रपौत्री सरिता सिंह, इतिहासकार डॉ. आलोक वाजपेयी, क्रांतिकारी लेखक सुभाष चन्द्र कुशवाहा, अवध विवि के इतिहास विभागाध्यक्ष डॉक्टर अजय प्रताप सिंह ने उपस्थिति दर्ज कराई

'आज़ाद भारत में आज़ादी की लड़ाई के सुबूत रौंदे जा रहे हैं'

शुरुआत काकोरी एक्शन के नायकों को पुष्पांजलि अर्पित कर याद करने से हुई। इस दौरान चौरी-चौरा जनविद्रोह और अवध के किसान आंदोलन को लेकर क्रांतिकारी साहित्य लेखक सुभाष चन्द्र कुशवाहा ने कहा कि देश की आज़ादी के 70 सालों बाद भी हालात यह हैं कि आज़ादी आंदोलन के समय के सारे सबूत रौंदे जा रहे हैं उन्होंने कहा कि जो देश जंग-ए-आजादी के नायकों का सम्मान करना भूल जाता है, उस देश का भविष्य अच्छा नहीं होता

काकोरी केस के क्रांतिवीरों की विरासत और आज का समाज विषय पर इतिहासकार डॉ. आलोक वाजपेयी ने कहा कि राष्ट्रीय आंदोलन में जिन क्रांतिकारियों ने अपनी आहुति दी थी, उसका तथ्यों के साथ समाज के सामने आना ज़रूरी है।

फिल्म फेस्टिवल में मौजूद लोग।

अगस्त क्रांति की भी याद

क्रांतिकुमार कटियार ने सरदार भगत सिंह के साथी रहे अपने पिता डॉ. गया प्रसाद कटियार के आजादी आंदोलन के दौरान कठिनाईयों को साझा किया। अमर शहीद यमुना प्रसाद त्रिपाठी के प्रपौत्र इंजीनियर राज त्रिपाठी ने कहा कि यह फिल्म फेस्टिवल अगस्त क्रांति की याद दिलाता है

फतेहगढ़ सेन्ट्रल जेल में अनशन के दौरान शहीद होने वाले मणीन्द्रनाथ बनर्जी के वंशज अरुण कुमार बनर्जी  ने कहा काकोरी केस के इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर को बनारस के गदौलिया चौराहे पर मणीन्द्रनाथ बनर्जी ने गोली मारी थी। क्रांतिकारी अपने एक्शन को कितना गुप्त रखते थे कि आज तक उस रिवाल्वर का पता नहीं चला है। उन्होंने कहा कि चन्द्रशेखर आजाद की शहादत स्थल पर शुल्क लगाकर नौजवानों को क्रांतिकारी विरासत से दूर किया जा रहा है उच्च न्यायालय को इस पर विचार करना चाहिए।

डॉ. मधुसूदन दीक्षित ने चेतावनी दी कि जो अपने इतिहास को भूलता है वह समय का शिकार हो जाता है।

फिल्मों का प्रदर्शन

फेस्टिवल में रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय, लखनऊ के छात्रों की डाक्यूमेंट्री फिल्म मेला’, लघु फिल्म मिट्टी का प्रदर्शन हुआआजादी आंदोलन पर केन्द्रित दस्तावेजी फिल्म इंकलाब का प्रदर्शन भी हुआआने वाली फीचर फिल्म के कुछ अंश को दिखाकर फिल्म निर्देशक सत्येंद्र सिंह और अभिनेता रफी खान ने संवाद किया।

तेलुगू फिल्मों के सुपरस्टार निर्माता-निर्देशक आदित्य ओम अपनी बात रखते हुए।

'मास्साब' का ट्रेलर रिलीज़

तेलुगू फिल्मों के सुपरस्टार निर्माता-निर्देशक आदित्य ओम ने अपनी फिल्म मास्साबके ट्रेलर रिलीज़ होने पर कहा कि यह गर्व की बात है कि उनकी फिल्म का ट्रेलर क्रांतिकारियों के वंशजों के बीच जारी हुआ हैउन्होंने कहा कि मेरी फ़िल्में चाहे वह शूद्रा’, ‘बंदूक’,अलिफ हो या बुनियादी शिक्षा पर  आधारित मास्साहब’,ये फ़िल्में सिस्टम को बदलने का सन्देश देती हैं

अवाम का सिनेमा के संस्थापक शाह आलम ने अवाम के सिनेमा पर प्रकाश डाला।

सम्मान और विमोचन

कार्यक्रम में देश-विदेश से भेजे गये विशेष लोगों के वीडियो संदेश स्क्रीन पर प्रर्दर्शित किये गए। काकोरी एक्शन डे पर क्रांतिकारियों के वंशजों को अवध विश्वविद्यालय के प्रो. आर के विश्वकर्मा, डॉ. अनिल यादव, डॉ. संग्राम सिंह, डॉ. फारुख जमाल, प्रोफेसर विजय चतुर्वेदी व राजेश कुशवाहा ने सम्मानित कियाइस दौरान अभिमन्यु के नाम से प्रसिद्ध मृगेन्द्र राज का बाल उपन्यास उगती खुशियां का विमोचन किया गया।

अतिथियों को प्रशस्ति पत्र दिए गये पर्यावरण व्यवहार विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. जसवंत सिंह, विश्वविद्यालय के अभियंता इंजीनियर आरके सिंह, आदित्य ओम व सरिता सिंह को पत्रकारिता विभाग के स्टूडेंट्स ने सम्मानित किया

डॉ. अजय प्रताप सिंह की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में शहीद संस्थान के निदेशक सूर्यकांत पांडे ने आजादी की डगर पे पांव यात्रा के अनुभवों को साझा कियासंचालन किया अवध विश्वविद्यालय के कोर्ट मेंबर ओम प्रकाश सिंह ने। कार्यक्रम में पर्यावरणविद् डॉ. विनोद चौधरी और पुस्तकालय अध्यक्ष आर के सिंह ने भी हिस्सा लिया। 

फिल्म फेस्टिवल के तीनों दिन काकोरी केस के नायकों से जुड़े दस्तावेजों की प्रदर्शनी लगी कार्यक्रम के समापन पर अमर शहीद खुदीराम बोस को शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि दी गई।

(अरविंद कुमार की रिपोर्ट पर आधारित)










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