योगी के “रामराज्य” का शर्मनाक चेहरा आया सामने, सवर्ण दबंग ने पीट-पीट कर दलित युवक को किया अधमरा

कहां आ गए हम... , नई दिल्ली, सोमवार , 28-01-2019


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जनचौक ब्यूरो

नई दिल्ली। यूपी की योगी सरकार गुंडों और माफियाओं के खिलाफ लड़ाई के नाम पर एनकाउंटरों की झड़ी लगा दी है। लेकिन उससे न तो सूबे का माहौल बदला और न ही अपराधियों में डर पैदा हुआ। बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर होने वाली इन घटनाओं ने अपने तरह का एक सामाजिक स्वरूप हासिल कर लिया। जिसमें पूरा का पूरा एक समुदाय ही उसी तरह से व्यवहार करने लगा। दरअसल कथित गुंडों और माफियाओं के खिलाफ अभियान न केवल जातीय और धार्मिक द्वेष से प्रेरित था बल्कि उसके पीछे मंशा भी साफ नहीं थी। लिहाजा जमीन पर उसका कोई असर नहीं हुआ। लेकिन इस कड़ी में एक काम जरूर हुआ है जिसने सवर्ण समुदाय के दबंग हिस्से को एक माफिया की तरह पेश आने का मौका दे दिया है। जो कभी मुसलमानों की मॉब लिंचिंग के तौर पर दिखता है। तो कभी दलितों की बेहरमी से पिटाई के रूप में सामने आता है।

सूबे के चित्रकूट जिले से इसी तरह की एक तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें एक शख्स कोड़े से एक युवक की बेरहमी से पिटाई करते हुए दिख रहा है। पीटने वाले शख्स का नाम रज्जन मिश्रा बताया जा रहा है। और पीटा जाने वाला युवक दलित मजदूर है। घटना चित्रकूट जिले के मऊ थाने में शिवपुर इलाके की है। वीडियो में देखा जा सकता है कि युवक को दबंग लगातार पीटे जा रहा है। लेकिन युवक चाहते हुए भी उसका कोई प्रतिरोध नहीं कर पा रहा है। कुछ समय के बाद युवक गिर जाता है लेकिन फिर भी मिश्रा द्वारा उसकी पिटाई जारी रहती है।

दबंग व्यक्ति चारों तरफ घूम-घूम कर युवक को पीटता है। और अंत में उसके सिर पर अपना पैर रखकर उसे दबाने की कोशिश करता है। शुरू में कोई भी छुड़ाने के लिए सामने नहीं आता है। बीच में एक शख्स कुछ आधे-अधूरे मन से कोशिश भी करता है तो युवक उसे झिड़क देता है। इस बीच दबंग युवक उसे लगातार गाली देता रहता है। बाद में कुछ लोग आते हैं। लेकिन तभी वहीं वीडियो खत्म हो जाता है। ट्विटर पर कई लोगों ने इसे ट्वीट और रिट्वीट किया है लेकिन अभी तक यूपी पुलिस की तरफ से इसका कोई संज्ञान नहीं लिया गया है। न तो दबंग शख्स के खिलाफ कोई मामला दर्ज किया गया है और न ही उस दिशा में कोई पहल हुई है।

ये है योगी राज की सच्चाई। जहां दलितों और मजलूमों को खुलेआम पीटा जा रहा है। और प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है। दरअसल ये बीजेपी की वैचारिक और राजनैतिक स्थिति के अनुकूल है। जिसमें ब्राह्मणवादी सवर्ण वर्चस्व उसकी बुनियाद में है। लिहाजा जमीन पर वो इसी रूप में सामने आती है। जिसमें दलितों के लिए एक इंसान भी होना मयस्सर नहीं है। नागरिकता और उसके अधिकार तो बहुत दूर की बात हैं। ऐसे में अगर कोई दलित थोड़ा भी अपना अधिकार जताने या फिर सवर्णों के किसी निर्देश का उल्लंघन भर करने की कोशिश करता है तो उसे इन्हीं स्थितियों से दो-चार होना पड़ता है। लिहाजा कहा जा सकता है कि इस समय यूपी में अपने तरह का रामराज्य है। जहां व्यवस्था संविधान के हिसाब से नहीं बल्कि मनुस्मृति के हिसाब से चल रही है। और ये घटना उसी को परिलक्षित करती है।








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Lateef :: - 01-28-2019
Touch Shakti Sali Suwar so

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