पीएम मोदी की मौजूदगी वाले सम्मेलन से दीपिका ने खींचा हाथ

विवाद , , बुधवार , 22-11-2017


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जनचौक ब्यूरो

नई दिल्ली। पद्मावती के विरोधियों को संरक्षण देने का खामियाजा अब सरकार को भुगतना पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय जगत और मीडिया में छवि पर लगे बट्टे के बाद अब घरेलू मोर्चे पर भी उसका नुकसना शुरू हो गया है। विरोध के तौर पर एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए फिल्म की अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने ग्लोबल इंटप्रेन्योरशिप सम्मेलन में भागीदारी करने से इंकार कर दिया है। गौरतलब है कि 28 नवंबर को आयोजित होने वाले इस सम्मलेन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की बेटी इवान्का हिस्सा ले रही हैं। और इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।

तेलंगाना सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दीपिका ने सम्मेलन में भाग लेने से इंकार कर दिया है। 29 नवंबर को सम्मेलन के आयोजित एक सत्र में ‘हॉलीवुड टू नॉलीवुड टू बॉलीवुड: दि पाथ ऑफ मूवी मेंकिंग’ विषय पर उन्हें बोलना था। तेलंगाना सरकार के सूचना विभाग के सचिव जयेश रंजन ने बताया कि “ पहले ऐसा माना जा रहा था कि दीपिका पादुकोण उस सत्र में मौजूद रहेंगी लेकिन अब उन्होंने इंकार कर दिया है।” हालांकि उन्होंने कहा कि उनके फैसले के पीछे के कारणों की जानकारी उन्हें नहीं है। अधिकारी ने मीडिया को बताया कि बोलने वालों की सूची को अभी अंतिम रूप देना बाकी है। उसमें बहुत कुछ बदलाव हो सकता है।

दीपिका का ये फैसला ऐसे समय आया है जबकि उनकी एक दिसंबर को प्रदर्शित होने वाली फिल्म पद्मावती को लेकर पूरे देश में बवाल मचा हुआ है। राजपूत समूहों द्वारा विरोध प्रदर्शन को देखते हुए फिल्म की रिलीज को कुछ दिनों के लिए टाल दिया गया है। बीजेपी से जुड़े कुछ नेताओं और दक्षिण पंथी संगठनों ने निर्देशक संजय लीला भंसाली को सीधे-सीधे धमकी दी है। यहां तक कि कुछ ने उनकी जान लेने पर पुरस्कार देने तक की घोषणा कर डाली है। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के एक नेता ने अभिनेत्री को जिंदा जला देने पर एक करोड़ रुपये के पुरस्कार की घोषणा की है।

हरियाणा में बीजेपी के एक नेता ने इस मसले पर सीधे मोदी को चुनौती दे डाली। इसके अलावा नांक काटने से लेकर गर्दन काटने तक की धमकियां दी जा रही हैं। दीपिका ने इस फिल्म में एक राजपूत रानी की भूमिका निभायी है। विरोध करने वाले कुछ समूहों का कहना है कि भंसाली ने इतिहास से छेड़छाड़ की है और उन्होंने रानी को गलत तरीके से पेश किया है।

भारत, अमेरिका और जीईएस द्वारा साझे तौर पर ‘सर्वप्रथम महिला, सबकी समृद्धि’ विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में पूरी दुनिया से 1500 उद्यमी, निवेशक और पारिस्थितिकी समर्थक जुटेंगे। प्रशिक्षण का ये कार्यक्रम ढाई दिनों तक चलेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की बेटी इवान्का ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी 28 नवंबर को उसके उद्घाटन सत्र में हिस्सा लेंगे।  










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