11 साल बाद पाकिस्तान की स्वात घाटी में फिर मुस्कराए बुद्ध

बदलाव , नई दिल्ली, शुक्रवार , 13-07-2018


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जनचौक ब्यूरो

नई दिल्ली। एक बार बुद्ध फिर मुस्कराए हैं और वो भी पाकिस्तान के स्वात में। ये मुस्कराहट असली है। इसके पहले वो एक बार भारत में भी मुस्कराए थे। जब अटल बिहारी वाजपेयी के शासन के दौरान पोखरण में 1999 में परमाणु परीक्षण हुआ था। लेकिन वो मुस्कराहट नकली थी। क्योंकि वो काम उनके विचारों के खिलाफ जाता था। अहिंसा के पुजारी एक शख्स के नाम पर हिंसा को बढ़ावा देने वाला एक विध्वंसक परीक्षण किया गया था।

सातवीं सदी में बनी स्वात की बुद्ध की ऐतिहासिक मूर्ति को उसके बिल्कुल असली रूप में फिर से स्थापित कर दिया गया है। इस काम को पाकिस्तान ने इटली के सहयोग से किया है। पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिम में स्थित इस मूर्ति को प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान के आतंकियों ने 11 साल पहले डायनामइट से उड़ा दिया था। गौरतलब है कि उस समय इन आतंकियों का इस इलाके पर नियंत्रण स्थापित हो गया था।

दक्षिण एशिया की सबसे बड़ी चट्टान पर बनी इस कृति में बुद्ध ध्यान की मुद्रा में बैठे थे जिसे 2007 में तालिबानी आतंकियों ने चेहरे समेत शरीर के ऊपरी हिस्से में ड्रिल के जरिये विस्फोटक भरकर उड़ा दिया था। पूरी दुनिया में इस पर कड़ी प्रतिक्रिया हुई थी। और लोगों ने अपना रोष जाहिर किया था।

दुनिया की इस सांस्कृतिक विरासत को जिंदा करने और उसे बरकरार रखने के लिए इटली ने इस पर पांच सालों में 2.9 मिलियन डालर खर्च किया है। छह मीटर लंबे स्वात के इस बुद्ध को कमल के आकार में एक ग्रेनाइट पत्थर के आधार पर स्थापित किया गया है।

पूरे पुनर्निर्माण के काम को देखने वाले इटैलियन पुरातत्वविद लूसा मैरिया ओलवियरी का कहना था कि मूर्ति को पुनर्स्थापित करना बहुत आसान नहीं था। पुरातत्वविद ने बताया कि पुनर्निर्माण बिल्कुल पुराने जैसा नहीं है। लेकिन इसको जानबूझ कर किया गया है। क्योंकि ध्वंस की झलक भी उसमें दिखती रहनी चाहिए।

मरम्मत की प्रक्रिया 2012 से कई चरणों में शुरू हुई जिसमें सबसे पहले मूर्ति के खंडित हिस्से की रक्षा के लिए उसमें लेपन का काम किया गया। सबसे पहले चेहरे को लेबोरेटरी में लेजर सर्वे और पुराने फोटो के आधार पर 3डी का इस्तेमाल करते हुए हूबहू उसी तरह से बनाया गया। आखिरी चरण जिसमें स्वात के बुद्ध को वास्तविक तौर पर स्थापित किया गया वो 2016 में हुआ।

ध्वंस के बाद स्थान।

अब पाक सरकार और उससे जुड़े महकमे के अधिकारी फिर से हासिल की गयी बुद्ध की इस मुस्कराहट और उसकी प्रतिष्ठित स्थिति को धार्मिक पर्यटन के केंद्र के तौर पर चीन और थाईलैंड जैसे देशों में प्रचारित करने में लग गए हैं।

इटली सरकार इलाके में अकेले यही काम नहीं कर रही थी। इस इलाके में स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर वो इसी तरह के सैकड़ों काम कर रही है। जिससे पूरे इलाके को इतिहास से प्यार करने वाले और उसमें रुचि लेने वालों को ध्यान में रखते हुए एक पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित किया जा सके।

2007 में मुल्ला फजलुल्लाह के नेतृत्व में तालिबानी आतंकियों ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा सूबे की आकर्षित करने वाली स्वात घाटी पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया था। आतंकियों ने नाच, पार्टी और संगीत आयोजन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था। इसके साथ ही उन लोगों ने 400 से ज्यादा स्कूलों को ध्वस्त कर दिए थे।

2009 में पाकिस्तानी सेना ने राह-ए-रस्त नाम से एक आपरेशन लांच कर इस कबीलाई इलाके से आतंकियों को भगाने का अभियान छेड़ दिया।

पाकिस्तान आधारित तहरीक-ए-तालिबान का कुख्यात मुखिया मुल्ला फजलुल्लाह अफगानिस्तान के कुनार सूबे में जून 2018 में एक अमेरिकी ड्रोन हमले में मार गिराया गया। 








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