मालिकों के बीच में गुलामों को बोलने का कोई हक नहीं!

आड़ा-तिरछा , , शनिवार , 02-12-2017


rahul-modi-janeu-election-gujrat-congress-bjp

वीना

जनता सरकार के नाम पर यूं डलता है वोट पर डाका... 

मोटा भाई - मैं गुजराती हूं।

छोटा भाई - मैं जनेऊ धारी हूं। 

मोटा भाई - मेरे पास चाय की अजान है। 

छोटा भाई - मेरे पास किसानों, दलितों, पिछड़ों का तुम्हारे अत्याचार के विरुद्ध उफान है। 

मोटा भाई - अरे जाओ, मैं कह दूंगा तुम गुजरात-गुजराती से नफरत करते हो। गुजरात मेरा है। मेरी बात मानेगा।

छोटा भाई - पूरा देश जान गया हैं कि तुम सिर्फ अंबानी-अडानी, टाटा-बिड़ला से मोहब्बत करते हो। 

मोटा भाई - अंबानी-अडानी, टाटा-बिड़ला आदि-आदि तुम्हारे बिग बॉस नहीं हैं क्या?

छोटा भाई - हां हैं, पर तुम तो जनता की लंगोटी तक नोचकर उन्हें थमाना चाहते हो!

मोटा भाई - तुम मेरे गरीब इतिहास पर हंसते हो। 

छोटा भाई - तुम मेरी चांदी की चम्मच से जलते हो। 

मोटा भाई - तुम्हें गरीबों के पसीने से नफरत है। 

छोटा भाई - तुम हमसे सस्ते में किसान का पसीना बेचते हो। 

मोटा भाई - हमारे मंदिर पर तुम्हारे परनाना ने नांक सिकोड़ी थी।

 छोटा भाई - हां, क्योंकि मेरा परनाना धर्मनिरपेक्ष था।

मोटा भाई - और तुम फिर भी खुद को हिंदू कहते हो?

छोटा भाई - हां, फिर भी। मैं जनेऊ धारी हूं, ये मंदिर मेरा है। 

मोटा भाई - नहीं मेरा है। 

छोटा भाई - नहीं मेरा है। 

मोटा भाई - तुम ढोंगी हो। हिंदू बनते हो और हिंदू राष्ट्र से इंकार करते हो।

छोटा भाई - मैं हिंदू हूं पर हिंदूराष्ट्र का ढोंग रचाकर समानता का संविधान भंग नहीं करना चाहता। तुम जनता के सारे अधिकार छीनकर अपनी जेब में रखना चाहते हो। 

मोटा भाई - हिंदू राष्ट्र तो हम बनाकर रहेंगे। कोई चाहे या नहीं।

छोटा भाई - और तुम मेरी दादी की इमरजेंसी को कोसते हो?

मोटा भाई - हमारे राज को चैलेंज करना हमें बर्दाश्त नहीं।

 छोटा भाई - गुजरात तुम्हारे मायाजाल से निकल चुका है।

मोटा भाई - गुजरात का 90 प्रतिशत हिंदू वोट मेरा है। 

छोटा भाई - नहीं अब मेरा है। 

मोटा भाई - मैंने गुजरात को हिंदू राज्य का सम्मान दिलाया है।

छोटा भाई -गुजरात का किसान अब फसल का उचित दाम चाहता है। दलित सम्मान चाहता है। पिछड़ा रोज़गार चाहता है।

मोटा भाई - हिंदू गौरव के सामने ये सब डिमांड तुच्छ हैं।

छोटा भाई - तो मैं तुमसे बड़ा हिंदू हूं।

मोटा भाई - मैं गुजरात का बेटा हूं।

छोटा भाई - पर तुम तो बनारस की गंगा के बेटे थे!

मोटा भाई - गंगा मेरी मौसी है। गुजरात मेरा सगा माई-बाप है। 

छोटा भाई - तुम तो वसुधैव कुटुंबकम कहते हो!

मोटा भाई - अभी मैं गुजरात कुटुंबकम हूं।

छोटा भाई - गुजरात तुमसे शर्मसार है।

मोटा भाई - पूरा देश तुम पर शर्मशार है।

छोटा भाई - वो तो 3 साल पहले था। अब तुम्हारी बारी है।

मोटा भाई - वाह जी वाह! तुम 60 साल और मैं 3 साल?

छोटा भाई - तुम्हें टास्क पूरा करने की जल्दी थी, अब भुगतो

मोटा भाई - तो मैं तुमसे ज़्यादा लायक हूं। इसका तो ईनाम मिलना चाहिये मुझे!

छोटा भाई - बिग बासेस के मुनाफे के इतर हिंदू ऐजेंडे के लिए कत्लेआम करवाते हो। जज, अदालत, कानून, प्रशासन, सबको डराते हो। बिग बॉस गैंग को ये रास नहीं आता।

मोटा भाई - इससे बिग बॉस गैंग को क्या लेना देना? उनका काम तो तुमसे अच्छा करता हूं।

छोटा भाई - ओह! तुम समझते हो तुम्हारा संविधान को खारिज करना आकाओं को रास आएगा? सेनाराज में तुम्हारी दिलचस्पी को वो क्या मान जाएगा?

मोटा भाई - न माने। वो अपना काम करें मैं अपना करूंगा।

छोटा भाई - किसको कब, क्या, कितना करना है ये बिग बॉस गैंग का अधिकार क्षेत्र है। हमारा नहीं।

मोटा भाई - नहीं...नहीं...मैं बिग बॉसेस की ये बात नहीं मानूंगा।

छोटा भाई - हां, आका तुम्हारी और तुम्हारे संघ गैंग की मनमानी ताड़ गए हैं शायद। सो अब तुम्हारा लग्ज़री बजट कट करने का समय आ गया है।

मोटा भाई -ये नाइंसाफी है।

छोटा भाई - देखो तुम्हारी बारी हम कुछ नहीं बोले थे। जो बिग बॉसेस ने कहा चुपचाप माना। अब हमारी बारी।

मोटा भाई - इतनी जल्दी?

छोटा भाई - हम क्या करें? बिग बासेस का आर्डर है।

मोटा भाई - तुम भी तो हमारे हिंदू-धार्मिक एजेंडे की नकल करते हो?

छोटा भाई -नकल नहीं करते,  हम सौम्य दूरदर्शी हैं। सी माई जनेऊ पिक्स! तुम ओवर फ्लो करते हो। धर्म के नाम पर देश के लिए घातक हो। हमें हिंदू होने के लिए लव-जिहाद, गौ रक्षा, के नाम पर कत्लेआम की ज़रूरत नहीं।

मोटा भाई - फिर भी इतनी जल्दी तुम्हारी बारी नहीं आ सकती पप्पू।

छोटा भाई - स्टॉप कॉलिंग मी पप्पू नॉओ। ऑन दिस मैटर अवर, साइलेंस कॉन्ट्रेक्ट विथ बिग बॉस इज़ ऑलसो ओवर।

मोटा भाई - फिर भी अभी मेरी बारी है।

छोटा भाई - सॉरी, पर अब मेरी बारी है। 

मोटा भाई - नहीं अभी मेरी बारी है।

छोटा भाई - मेरी बारी है।

जनता - और हमारी बारी कब आएगी? 70 साल से इंतज़ार कर रहे हैं।

मोटा भाई - चु....प। जब दो मालिक लोग आपस में बात कर रहे हों तो गुलामों को बीच में बोलना किसने बताया?

छोटा भाई - देखा! हम मुंह तो खोलने की आज़ादी देते हैं। पर मोटा भाई के हिंदूराष्ट्र में...?

(वीना पत्रकार के साथ-साथ फिल्मकार हैं।)







 






Leave your comment











Himmat Singh :: - 12-02-2017
बहुत सामायिक और तीखी मिर्च की तरह है......!!! वीना को बधाई.