कीचड़ में खिलता है सभी राजसत्ताओं का कमल

आड़ा-तिरछा , , शनिवार , 26-08-2017


ram-rahim-baba-voilence-rape-panchkula-highcourt-punjab-haryana

वीना

उम्मीद थी कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं के पथ प्रदर्शक प्रधानमंत्री मोदी तथाकथित ‘‘पिता’’ बाबा गुरमीत राम रहीम को बलात्कार का दोषी साबित होने पर ऐसे ख़तरनाक ढोंगी का सामना करने के ईनाम स्वरूप स्वयं उन दो साध्वियों के घर जाकर उन्हें हौसला देंगे। सच्चाई के लिए शहीद हुए निडर पत्रकार रामचंद्र छत्रपति को पूरे देश के सामने सलाम ठोकेंगे। पीठ थपथपाएंगे साहसी सीबीआई अधिकारी सतीश डागर की जिसने हर धमकी-दबाव को नकार कर देश की बहादुर बेटियों का साथ दिया।

पीएम नरेंद्र मोदी।

और आभारी होंगे पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय और सीबीआई के जजों के जिन्होंने न्याय का सर नीचा नहीं होने दिया। आखि़र जब से मोदी सरकार बनी है बेटियों-महिलाओं के दुख-दर्द, सम्मान को समझने का दम भरने वाले, हर भाषण में तीन तलाक को महिलाओं के सम्मान का दुश्मन मानने वाले प्रधानमंत्री से ये उम्मीद कोई ज़्यादा तो नहीं थी। पर लगता है प्रधानमंत्री के ‘‘न्यू इंडिया’’ में ऐसे साहस कोई मायने नहीं रखते। तभी तो प्रधानमंत्री जी को अचानक याद आ गई बिहार की बाढ़। हफ्तों-महीनों से मरते-बहते, बरबाद होते सैकड़ों लोगों की परवाह मोदी को आज से पहले नहीं हुई।
तो क्या गुरमीत राम रहीम मामले में मोदी साक्षी महाराज के तर्क के पक्ष में हैं? खुद भी बलात्कार और भ्रष्टाचार के मामलों में आरोपी साक्षी महाराज ने बयान दिया है कि राम रहीम के खिलाफ सिर्फ एक महिला ने आरोप लगाया है और उनके करोड़ों भक्त हैं। यह सिर्फ राम रहीम नहीं भारतीय संस्कृति के खिलाफ षड़यंत्र है।
मोदी के इस मामले में दिए छोटे से बयान से कुछ साफ नहीं हुआ। वो बलात्कारी गुरमीत के इशारों पर पहले से ही प्लान की गई हरियाणा में होने वाली हिंसा से दुखी हैं या गुरमीत को बलात्कार का दोषी करार दिए जाने से। शायद वो खुद भी कुछ ठीक से सोचने की स्थिति में नहीं हैं। 2019 में चुनाव जो हैं। कहा जाता है कि करीब 35 सींटों पर राम रहीम का सिक्का चलता है। अब क्या होगा जो गुरमीत को जेल हो गई? पिछली बार तो शाह ने बाबा के चरणों में नतमस्तक होकर हरियाणा-पंजाब की बहुत सी सीटें अपने नाम करवा ली थी। अब बाबा उखड़ गए तो क्या होगा! और कुछ नहीं तो कम से कम यही कह जाते कि देश की बहादुर बेटियों, उन दो साध्वियों को पूरी सुरक्षा दी जाए। उन्होंने पूरे विश्व में देश का नाम रौशन किया है। गुरमीत राम रहीम को ज़ेड प्लस सुरक्षा क्यों दी थी सरकार ने? क्या उसे उन दो असहाय लड़कियों से ख़तरा था! 26 अगस्त को दोषी साबित होने तक वो राजसी सुरक्षा के मज़े ले रहा था। जबकि पीड़ितों को सुरक्षा के नाम पर एक सिपाही देकर टरका रखा था। ज़ेड प्लस सुरक्षा की तो इन लड़कियों को ज़रूरत थी। जो पूरे पुलिस प्रशासन और राज्य सत्ता की ताकत से लैस गुंडे-बलात्कारी गुरमीत का मुकाबला कर रही थीं।
रिलायंस फाउंडेशन की मालकिन नीता अंबानी जो देश में सामाजिक सेवा करने का दम भरती हैं। वो भी अभी तक खामोश हैं। कम से कम आप ही कुछ बोलतीं!

माना 25 अगस्त से पहले बहुत से लोगों को गुरमीत राम रहीम की काली करतूतों का पता नहीं था। आपको भी नहीं होगा। पर अब तो है। कुछ दिन के लिए अपनी वाई प्लस सिक्योरिटी उन साध्वियों को क्यों नहीं भेट कर देतीं? आप तो मैनेज कर ही लेंगी। हो सके तो उनके साथ में कुछ फोटो-शोटो भी हो जाए। ताकि राम रहीम के गुंडे थोड़ा डर जाएं। उन्हें लगे कि बाबा मालिक की जहां तक पहुंच है इन साध्वियों को उनके भी आकाओं की सरपरस्ती हासिल है। उम्मीद है कुछ पल के लिए आप सिर्फ एक औरत और एक बेटी की मां होकर सोचेंगी।

सुषमा स्वराज।

आशा तो ये भी थी कि पाकिस्तान के चंगुल से एक बेटी को बचाकर लाने वाली सुषमा स्वराज तो तुरंत काफिले के साथ इन साध्वियों को शाबासी देने पहंचेंगीं। कहेंगी डरना नहीं मैं तुम्हारे साथ हूं। देख लेंगे कौन बाबा अब तुम्हें तंग करता है। नारी शक्ति जिंदाबाद। मांफ करना विदेशी परेशानियों में घिरे रहने के चलते मैं तुम्हारे बारे में जान नहीं पाई। अफसोस अब तक ऐसा कुछ नहीं हुआ।
दो बेटियों की मां और राज्य सभा में चंडी रूप धारण कर सांसदों तक की सिट्टी-पिट्टी गुम करा देने वाली स्मृति ईरानी तो गुरमीत राम रहीम के सारे चमत्कारों को एक ही झटके में धो डालतीं। पर शायद बेचारी को समझ ही नहीं आया कि मामला क्या है। ट्वीट करके नसीहत तो दे दी। पर किसे दी, क्यों की? पता नहीं।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जी, सोनिया जी को देश की संपत्ति की फिक्र तो है। पर बलात्कार पीड़िता के सम्मान की धज्जियां उड़ाते साक्षी महाराज की धमकियों से कोई परहेज नहीं। हाई कोर्ट ने कहा कि गुरमीत राम रहीम की संपत्ति जब्त करके नुकसान की भरपाई की जाए। तो खट्टर साहब कहते हैं नुकसान सरकार भरेगी। क्यों खट्टर साहब सरकार में जो पैसा है वो आपकी व्यक्तिगत संपत्ति है क्या? जिसे आप अपने बलात्कारी दोस्त पर कुर्बान कर देंगे। और उन बरगलाए गए, दबे-कुचले लोगों को कौन इंसाफ देगा? बाबा का खौफ बैठाने के लिए आपने जान बूझकर मारे जाने के लिए जिन्हें इकट्ठा होने दिया। अगर कोर्ट द्वारा दिए गए सुरक्षा निर्देशों का पालन किया जाता तो जान-माल का ये नुकसान कतई नहीं होता, जो हुआ।

अभिनेत्रियों के साथ बाबा।

हाईकोर्ट को धमकी देते हुए साक्षी महाराज कह रहे हैं कि राम रहीम को बलात्कार की सज़ा देना भारतीय संस्कृति के खिलाफ़ षडयंत्र है। हां, वो सच ही कह रहे हैं शायद। क्योंकि उनकी हिंदू संस्कृति तो बाप द्वारा बेटी का बलात्कार करने की ही रही है। ब्रह्मा ने अपनी बेटी सरस्वती का बलात्कार करके मनुस्मृति लिखने वाले मनु को पैदा किया था। फिर भी वो भगवान हैं।
अगर ब्रह्मा ऐसा नहीं करते तो सृष्टि के लिए पहले मानव मनु की रचना कैसे होती? तो बेटी का बलात्कार विलास के लिए नहीं मानव रचना के लिए किया गया था। और इसीलिए ब्रह्मा ने अपना आसन कमल के फूल को बनाया जो कीचड़ में खिलता है। समझ गए न आप।
विकास के इसी सिद्धांत पर चलने के लिए भाजपा ने भी कमल के फूल को अपना चुनाव चिन्ह बनाया है। गुरमीत राम रहीम कीचड़ है तो क्या हुआ? कमल भी तो वहीं खिलाएगा। इसलिए खट्टर जो कर रहे हैं सही कर रहे हैं। प्रधानमंत्री समेत पूरी पार्टी उनके साथ हैं।
सीताराम येचुरी, खट्टर को राजधर्म क्यों याद दिला रहे हैं आप? आप तो लोकधर्म के पैरोकार हैं ना। हसिया-हथौड़ा लेकर उन दो साहसी बेटियों का साथ दीजिये। सभी राजसत्ताओं का कमल कीचड़ में खिलता है। इसलिए सब के मुंह पर ताले लगे हैं। पर आपकी धार क्यों तेज़ नहीं?

 










Leave your comment