गब्बर बन गया रामगढ़ का चौकीदार!

आड़ा-तिरछा , , रविवार , 24-03-2019


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भूपेश पंत

वाल्मीकि की रामायण के नाट्य मंचन में रावण ने फिर सीता हरण के लिये साधु वेश धर लिया है। सोने का मृग सीता को लुभाने के लिये वन में डोल रहा है। उधर महाभारत के अंधे युग में सूत पुत्र कर्ण को दानी कहलाने के लिये अपने कवच कुंडल और मरते वक़्त सोने का दांत तक दे देना पड़ा है। द्रोणाचार्य को आधे सच और पुत्र मोह के हथियार से मार डाला गया है। मंटो के ठंडे गोश्त ने भूखे भेड़ियों के आगे अपनी काली सलवार का इज़ारबंद खोल दिया है। टोबा टेक सिंह सरहद पर अपने खून से बंटवारे की लकीर खींच रहा है। प्रेमचंद के होरी ने कई जगह कर्ज़ के बोझ तले आत्महत्या कर ली है। हामिद इस बार ईद पर स्मार्टफ़ोन लाया है और बूढ़ा भगत सांप के काटे का मंत्र भूल कर सियासत के मारों का इलाज कर रहा है। इलाचंद जोशी का पंछी जगह न मिलने पर उड़ उड़ कर जहाजों की अदला बदली में लगा हुआ है। गोर्की की मां चुपचाप अपने कलेजे के टुकड़े की शहादत को वोट में बदलते देख रही है।

नेपोलियन उसी क्रांति को खा चुका है जिस की कोख से वो पैदा हुआ। प्लेटो का दार्शनिक राजा रोज अपने दर्शनों से भक्तों को कृतार्थ कर रहा है। अरस्तू की दास प्रथा देसी रूप में जीवंत हो रही है। मैकियावली का धूर्त मनुष्य किताबों से बाहर आ चुका है। हिटलर ने अपने समर्थकों को भर्ती कर दरिंदों की सेना बना ली है। गांधी का स्वराज अब स्व के राज से पहचाना जाने लगा है। मार्क्स का द्वंद्वात्मक भौतिकवाद का सिद्धांत द्वंद्वात्मक भक्तिवाद में बदल गया है। टैगोर के विचारों की नौका डूब चुकी है और काबुली वाला शक के घेरे में है। राष्ट्रवादी शहीद भगत सिंह को अगरबत्ती जलाकर बहरी सत्ता के कान खोलने का प्रण ले रहे हैं। कुछ लोग राष्ट्रीय एकता को बचाने के लिये सरेआम दूसरे लोगों की मां और बहन को एक कर रहे हैं।

चारों ओर चिड़िया बम फूट रहे हैं। दुनिया में जादू नाम के एलियन का कब्जा हो चुका है। इंद्रजाल कॉमिक्स का जादूगर मैण्ड्रेक अपने जोड़ीदार लोथार के साथ मिल कर लोगों को सम्मोहित कर रहा है। डायना को छोड़ने के बाद वेताल अब खोपड़ी वाली गुफा में नहीं रहता लेकिन तूफ़ान और गुर्रम आज भी उसके साथ हैं। राजन इकबाल को एयर स्ट्राइक में मारे गये आतंकियों की गिनती करने का ज़िम्मा सौंपा गया है। फ्लैश गोर्डन अंतरिक्ष यान से देश की सीमाओं की चौकसी कर रहा है ताकि भागने वालों का रास्ता साफ़ हो सके। चाचा चौधरी कंप्यूटर से तेज दिमाग दौड़ा रहे हैं। साबू का गुस्सा ज्वालामुखी की तरह विरोधियों को नेस्तनाबूद कर रहा है। बिल्लू और पिंकी न्यूज चैनल लगा कर नये चुटकुले ढूंढ रही है। मुल्ला नसीरुद्दीन अंधों को आईना बांट रहे हैं। प्रपंचतंत्र का शेर कुंए में अपनी परछाई देख कर मूछों को ताव दे रहा है। खरगोश की जान पर बनी हुई है।

फिल्मी डॉन नामुमकिन को मुमकिन बनाने पर आमादा है। जगीरा उन्मादी गिद्धों को इंसानी खून की खुराक़ दे रहा है। सबने विजय के लिये हाथ पर लिख लिया है मेरा बाप चोर है। गब्बर खुद को डाकू की वर्दी समेत रामगढ़ का पहरेदार घोषित कर चुका है। जोकर चिल्ला रहा है जीना यहां मरना यहां। पीके रांग नंबर को लगा कर पांच साल से जुमले छोड़ रहा है। न्यू इंडिया के भैंचो ने सहस्र कुबुद्धि की सोच के शब्द बदल दिये हैं और मायने भी। उल्टा चश्मा लोगों को सीधे सीधे उल्टी दुनिया दिखा रहा है। तेनालीरामा कृष्ण देव राय की ताजपोशी का माहौल बना रहे हैं। बिग बॉस के आदेश ही अब कानून हैं। टाइटैनिक की तरह देश का बेड़ा गर्क हो रहा है।

न न..... घबराइये मत ये सब अभी आभासी दुनिया में ही हो रहा है। असल ज़िंदगी में तो देवकीनंदन खत्री का ऐयार क्रूर सिंह भेष बदल कर चुनारगढ़ की सत्ता पर कब्ज़ा कर चुका है। चंद्रकांता की संतति सीरीज सियासत में ऐयारों का वजूद आज तक बनाये हुए है। ऐयारों का ऐयार भूतनाथ चुपचाप सब देख रहा है और डायरी में सबका हिसाब लिख रहा है। आपको भी गवाही में अंगूठा लगाना होगा।

(भूपेश पंत वरिष्ठ पत्रकार हैं और आजकल देहरादून में रहते हैं।)

 










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