संस्थाओं को कमजोर करके भीड़तंत्र और गृहयुद्ध को बढ़ावा दे रही है सत्ताधारी पार्टी

कहां आ गए हम... , , बृहस्पतिवार , 19-04-2018


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राजेश कुमार

कठुआ में 8 साल की बच्ची से गैंगरेप और हत्या मामले में कई गंभीर प्रवृत्तियों को देखा जा सकता है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि जांच एजेंसियों और संवैधानिक संस्थाओं पर से भरोसा खत्म करने की सुनियोजित साजिश चल रही है। कठुआ प्रकरण की जांच राज्य की एजेंसियों ने की और चार्जशीट सौंपी। केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकार है। इसके बावजूद स्वयं भाजपा नेताओं और उनके सोशल मीडिया समूहों के माध्यम से चार्ज शीट और पूरी घटना के खिलाफ तरह-तरह का झूठ फैलाया जा रहा है। 

यहां तक की पूरी प्रक्रिया को न्यायिक जांच और अदालती कार्रवाई से दूर करने का षड्यंत्र किया जा रहा है। अगर जांच एजेंसियां गलत हैं, उनकी चार्जशीट गलत है और अदालतों पर भी भरोसा नहीं है, तो आखिर किसकी गलती है? 

ऐसा कभी नहीं हुआ है, जब केंद्र और राज्य दोनों जगह सत्ता में मौजूद पार्टी के लोगों द्वारा ही संस्थाओं और एजेंसियों की विश्वसनीयता खत्म करने की कोशिश हुई हो। आज सत्ता दल ही सोशल मीडिया के सहारे झूठ को सच साबित करने की कोशिश में जुटा है। ऐसे तो देश में किसी भी एजेंसी और संस्था की कोई विश्वसनीयता ही नहीं रह जाएगी। यह देश में अराजकता और भीड़तंत्र को बढ़ावा देना है। इससे देश गृहयुद्ध की तरफ बढ़ रहा है।

इस भीड़ में ऐसे लोग हैं जिन्हें हर मामले में हिंदू मुस्लिम का एंगिल देखने की ट्रेनिंग दी जा रही है। इन्हें यह भी याद नहीं कि कठुआ के साथ ही देश की जनता उन्नाव में युवती के साथ भाजपा विधायक द्वारा रेप और पीड़िता के पिता की हत्या मामले पर भी आवाज उठा रही है। 

उस मामले में बैकफुट पर गई भाजपा ने सचेत रूप से कठुआ मामले में जांच एजेंसियों तथा न्यायिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता के खिलाफ सोशल मीडिया में दुष्प्रचार करके एक बेहद गंभीर प्रवृत्ति को बढ़ावा दिया है। 

अब इन प्रवृत्तियों के जरिए भाजपा को इतनी सफलता तो मिल ही गई है कि किसी भी आंदोलन के खिलाफ दुष्प्रचार करके झूठ को सच और सच को झूठ बना दे। इस दुष्प्रचार पर भरोसा करने वालों ने पिछले साल दिल्ली पहुंचे तमिलनाडु के किसानों के आंदोलन पर तरह-तरह की मूर्खतापूर्ण बातें की। ऐसे लोग अब किसी भी चीज के लिए आसानी से तैयार किए जा सकते हैं। 

इन्हें आसानी से समझाया जा सकता है कि जेएनयू में शिक्षा पर खर्च करना बेकार है। इन्हें स्वास्थ्य सेवाओं तथा स्कूल-कॉलेजों को प्राइवेट करने का आईडिया भी भाता है। इन्हें आसानी से समझाया जा सकता है कि अल्प शिक्षित स्मृति ईरानी को चुनाव में हारने के बावजूद केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री इसलिए बनाया गया कि एक अनपढ़ ही शिक्षा का महत्व समझ सकता है। 

लिहाजा, कठुआ की घटना को महज एक बलात्कार और हत्या तक सीमित करने के बजाए देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं और प्रक्रियाओं को हाईजैक करके भीड़तंत्र को बढ़ावा देने में भाजपा को मिल रही अपार सफलता के तौर पर देखा जा सकता है। 

लोग आसानी से पूछ रहे हैं कि जब कठुआ में घटना जनवरी में हुई थी, तो इतने दिन के बाद उस पर हंगामा क्यों हो रहा है? लोग पूछ रहे हैं कि देशभर में बलात्कार की घटनाएं होती हैं तो फिर उस एक घटना पर ही इतना हंगामा क्यों हो रहा है।

इस भक्त भीड़ को आसानी से समझाया जा सकता है कि एटीएम में कैश नहीं होने के पीछे विपक्ष की साजिश है जिसने अफवाह फैला दी और लोग बेवजह पैसे निकालने लगे। यह भीड़ आसानी से मान लेती है कि विजय माल्या से लेकर नीरव मोदी तक जो बैंक लूट हुई, वह कांग्रेस की देन है। अरबों रुपए का एनपीए माफ़ किये जाने के बावजूद अंधभक्तों को बताया जा रहा है कि बैंकों का काफी पैसा लौट आया। यहां तक कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों के अच्छे भवन बनने और स्वीमिंग पूल बनाए जाने को भी टैक्सपेयर पर बोझ बताया जाना आसानी से स्वीकार किया जा रहा है।

ऐसे किसी भी कठमुल्ले तर्क को भाजपा इतनी आसानी से मध्यवर्गीय खासकर सवर्ण समूहों में स्वीकार्य बना रही है। यह बेहद चिंता की बात है।








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Mohit :: - 04-20-2018
Bjp ki vichardhara kabhi bhi is desh ke samnta or Samta or bhaichara ki moolbhavna ki nahi thi. Bjp ne pure desh ko murkh bna kar saam daam dand bhed ki neeti Jo inhone apne purvajo se sikhi hai uni sidhanto par desh ko chlana chathi hai. Bjp me kbhi bhi desh ke savidhan ke prati positive bhavna nahi rakhi usko to apne purvajo ke purne niyam kayado se is desh ko chlana hai or uski ijjajat ye savidhan kabhi nahi deta. Savidhan ek gareeb se gareeb had varg visesh ki raksha karta hai. Or yahi bat bjp ko nagavara hai. Hindhu Muslim kinrajneeti ki rotiya sekne Bali bjp humesa is desh ko isse hindhu Muslim ki Gandhi rajniti se desh ko chlana chahti hai. Lekin bjp kaan khool kar sun le ydi bjp me desh ke savidhan ko khtam karne ki kosis ki to no khud smapt ho jayegi. Is desh ka aam nagrik usko ESE saja dega jisko usne sapne me bhi nahi socha hoga. Bade sharm aati hai bjp ke netao par Jo itna gandi soch rakhte hai. Hum rahe ya na rate bjp tumhara sapna kabhi pura nahi hone dege. Shame of bjp and RSS Tum manvta par ek kala daag ho

Ashish Paul :: - 04-19-2018
whole nation is ready to set ablaze at any moment,in each and every corner of the country there is a mob ready to lynch anybody in the name of religion,caste and off in the name of modi yogi the worst leaders in the Indian history. yes I am ashamed of our leaders.