अभिनेत्री श्रीदेवी का असामयिक निधन, पूरे बॉलीवुड में मातम

सिनेमा , नई दिल्ली, रविवार , 25-02-2018


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जनचौक ब्यूरो

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री और एक समय तक सिनेमा दर्शकों के दिलों पर राज करने वाली श्रीदेवी नहीं रहीं। उनका दिल का दौरा पड़ने से दुबई में निधन हो गया। उनकी उम्र महज 54 साल थी। खबर के आने के साथ ही बॉलीवुड समेत उनके प्रशंसकों में मातम छा गया है। श्रीदेवी को बॉलीवुड में पुरुष अभिनेताओं के वर्चस्व को तोड़ने वाली अभिनेत्री के तौर पर जाना जाता है। एक ऐसी अभिनेत्री जिसमें अपने बल पर फिल्मों को चलाने की क्षमता थी।

परिवार के सूत्रों के मुताबिक श्रीदेवी परिवार के साथ अपने भांजे मोहित मारवाह की शादी में शामिल होने के लिए दुबई गयी थीं। हालांकि परिवार के कुछ सदस्य लौट आए थे। लेकिन श्रीदेवी, बोनी कपूर और खुशी वहीं रुक गए थे।

सिनेमा के पर्दे पर हर तरह के किरदार को निभाने वाली श्रीदेवी ने अपने कैरियर की शुरुआत 1978 में फिल्म “सोलहवां सावन” से की थी।

इसे श्रीदेवी की आखिरी फोटो बतायी जा रही है।

लेकिन उनको सफलता अभिनेता जितेंद्र अभिनीत फिल्म ‘हिम्मतवाला’ से मिली। हालांकि इसके पहले ‘सदमा’ फिल्म में उन्होंने अपने अभिनय की अमिट छाप छोड़ दी थी। उस फिल्म के साथ ही श्रीदेवी में एक संभावनामय अभिनेत्री की प्रतिभा दिख गयी थी।

उनकी गहरी नीली आंखें, चुलबुलापन और नायाब अदाओं से दर्शकों को मोह लेने की कला ने उन्हें बहुत जल्द ही सिनेमा जगत में स्थापित कर दिया। ‘मवाली’ (1983), ‘तोहफा’ (1984), ‘मि. इंडिया’ (1987) और ‘चांदनी’ (1989) आदि फिल्मों ने उन्हें बॉलीवुड का सुपर स्टार बना दिया। जबकि ‘सदमा’ (1983), ‘चालबाज’ (1989), ‘लम्हे’ (1991) और ‘गुमराह’ (1993) ने उन्हें एक संवेदनशील अभिनेत्री के तौर पर स्थापित करने का काम किया।

उसके बाद अपने घर की फिल्म ‘जुदाई’ में काम करने के बाद वह 15 सालों के लिए वो अपने पारवारिक जिम्मेदारियों में चली गयीं। इस बीच उन्होंने फिल्मों में कोई काम नहीं किया। उसके बाद निर्देशक गौरी शिंदे की 2012 में आयी ‘इंग्लिश-विंग्लिश’ के साथ उन्होंने 12 साल बाद बॉलीवुड में वापसी की।

इस फिल्म में उन्होंने एक मध्यवर्ग की महिला का किरदार निभाया जो घर में अपनी स्वीकार्यता के लिए अंग्रेजी सीखती है। इसमें उनके अभिनय की भूरि-भूरि प्रशंसा हुई। और व्यवसायिक तौर पर भी फिल्म सफल रही। पिछले साल नवाजुद्दीन सिद्दीकी और अक्षय कुमार के साथ उन्होंने ‘मॉम’ फिल्म किया। उन्होंने सुपर स्टार शाहरुख खान की आने वाली फिल्म ‘जीरो’ में मेहमान की भूमिका निभायी है।

बॉलीवुड में अपने प्रवेश के दौरान श्रीदेवी का दक्षिण की फिल्मों में एक जाना-पहचाना चेहरा था। उन्होंने अपनी शुरुआत 1969 में तमिल फिल्म ‘थुनाइवन’ में एक बाल कलाकार के तौर पर की थी। एक बालिग एक्टर के तौर पर उन्होंने तमिल सिनेमा में 70 के दशक में प्रवेश किया। लेडी अमिताभ के तौर पर जानी जाने वाली श्रीदेवी ने मलयालम, तेलगु और कन्नड़ फिल्मों में भी काम किया। बोनी कपूर और खुशी के अलावा वो अपनी बेटी जान्ह्वी कपूर, जिसने हाल में हिंदी सिनेमा में प्रवेश किया है को अपने पीछे छोड़ गयी हैं। इसके अलावा बोनी कपूर और उनकी पहली पत्नी मोना से पैदा हुए अर्जुन कपूर और उनकी बहन अंशुला उनके परिवार के दूसरे सदस्यों में हैं।

 

 

 

 










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