मोदी-योगी राज में साजिशों के दिलचस्प किस्से

भई भक्तन की भीड़ , , रविवार , 10-06-2018


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भड़का भक्त

*एक*

योगी के सीएम बनने के बाद अचानक यूपी विधानसभा पर खतरा आ गया। विधायकों की कुर्सियों पर सफ़ेद रासायनिक पावडर डालकर विधायकों समेत पूरी विधानसभा को उड़ा देने का हल्ला उठा। कई दिन मीडिया और भक्तों को रोजगार मिल गया। बाद में पता चला, विधानसभा के किसी स्टाफ ने खैनी मलने के बाद उसका चूना उन कुर्सियों की तरफ झाड़ दिया था।

*दो*

यूपी में कैराना उपचुनाव के पहले भाजपा के कई विधायकों को फिरौती वसूली के मैसेज मिले। मीडिया और भक्तों ने खूब हंगामा किया। लेकिन किसी की गिरफ़्तारी नहीं हुई। सारे विधायकों ने फिरौती की भारी रकम चुकाकर किसी तरह अपनी जान बचाई। इस घाटे की भरपाई अब विधायक फंड में अपना कमीशन बढ़ाकर पूरा करेंगे। वैसे, इतना खतरा उठाने के बाद भी भाजपा उपचुनाव हार गई। अगले चुनाव में इससे बेहतर साजिश करने वालों की तलाश की जाएगी।

*तीन*

मोदी की हत्या के लिए डिजिटल इंडिया की तर्ज पर ऑनलाइन साजिश बनी। साजिशकर्ताओं ने अपने सभी साथियों के नाम टाइप किये, प्रिंट निकाला, ईमेल भी किया ताकि जांच एजेंसी को परेशानी न हो। पत्र में यह भी बता दिया गया कि हत्या के लिए 'रोड शो' का मौका चुना गया है। लेकिन साजिश नाकाम हुई। साजिशकर्ता 90 किलोमीटर सड़क के अंतिम छोर पर खड़े इंतजार करते रह गए। मोदी जी का 'रोड शो' मात्र नौ किलोमीटर तक जाकर खत्म हो गया। इससे आगे सड़क बनी ही नहीं थी। पूरी बनी होती, तो हादसा हो सकता था। सड़क का काम अधूरा रह जाना भी राष्ट्रहित में है।

*चार*

जब मोदी सीएम थे, तब भी उनकी हत्या की साजिशें हुआ करती थीं। उस वक्त भी ‘चोर-सिपाही’ खेल की तरह पुलिस तत्काल साजिशकर्ताओं को पकड़ लेती और पीठ पर दोनों हथेलियों से थप्पी लगाकर जोर से चिल्लाया करती- “धप्पा!”

*पांच*

मोदी की हत्या की ताजा साजिश के बाद किसी ने सलाह दी- “ऐसी साजिश अगर बनावटी नहीं, तो इतना हल्ला क्यों करते हो? क्या मोदी राज में कुछ गोपनीय नहीं?

मासूम भक्त ने जवाब दिया- "हत्या की साजिश सार्वजनिक कर दी गई तो क्या गम है, स्मृति ईरानी और नरेंद्र मोदी की डिग्रियां तो गोपनीय हैं।”

*छह*

गांव का एक युवक अक्सर जंगल जाकर चिल्लाता- “भेड़िया आया, भेड़िया आया।” लोग उसे बचाने जाते तो पता चलता वह झूठ बोल रहा था। एक बार जब सचमुच भेड़िया आया तो कोई बचाने नहीं गया।

इस कथा का नया संस्करण देखें-

गांव का युवक अक्सर जंगल जाकर चिल्लाता- “भेड़िया आया, भेड़िया आया!”

यह सुनते ही पुलिस वाले फौरन प्रेस कॉन्फ्रेंस करके भेड़िया के आने की खबर सुनाते, टीवी चैनलों पर ब्रेकिंग न्यूज़ चलती, सोशल मीडिया में भक्तों द्वारा ट्रेंडिंग कराई जाती- ‘भेड़ियाकमिंग!’

एक दिन भेड़िया वाकई आ गया। आगे की कहानी तो आप जानते होंगे।

 








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