प्रकाश राज : मोदी और शाह की सत्ता से टकराता एक कलाकार

विशेष , नई दिल्ली/हैदराबाद, शुक्रवार , 19-01-2018


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जनचौक स्टाफ

“कातिलों का समर्थन करने वाले खुद को हिन्दू नहीं बोल सकते”

“मैं हिन्दू विरोधी नहीं मोदी और शाह विरोधी हूं।”

ये बेबाक बयान हैं दक्षिण भारतीय और हिन्दी सिनेमा के मशहूर कलाकार प्रकाश राज के।

आज के समय में प्रकाश राज शायद ऐसे इकलौते फिल्म अभिनेता हैं जो भाजपा के मुखर आलोचक हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक से खुला मोर्चा ले रहे हैं। आमिर खान या शाहरुख खान ने भी बीच-बीच में बीजेपी की कुछ नीतियों या असहिष्णुता को लेकर बयान दिए लेकिन वे मोदी या शाह  की खुलकर आलोचना नहीं कर पाए और मुसलमान होने की वजह से भी उनके विरोध या आलोचना को खारिज करने की कोशिश की गई। दक्षिण भारत और हिंदी सिनेमा के भी शानदार कलाकार कमल हासन ने भी हिन्दुत्तव या कट्टरता को लेकर आलोचना की है, लेकिन जिस तरह प्रकाश राज मोर्चा ले रहे हैं, फिलहाल दूसरा कोई फिल्म कलाकार-निर्माता नहीं दिखता।

हैदराबाद में हुए ‘इंडिया टुडे साउथ’ सम्मेलन में भी मोदी और बीजेपी को लेकर प्रकाश राज ने अपनी यही बेबाकी और तेवर बरकरार रखे। 

साभार

सम्मेलन में अपनी बात रखते हुए प्रकाश ने कहा कि आलोचकों ने उन पर गलत आरोप लगाए हैं। आलोचक कहते हैं कि मैं हिन्दू विरोधी हूं जबकि मैं कहता हूं कि मैं मोदी, शाह और हेगड़े विरोधी हूं। 

हेगड़े से उनका आशय केन्द्रीय मंत्री अनन्त कुमार हेगड़े से था। 

प्रकाश राज ने कहा कि पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के बाद मोदी समर्थकों के जश्न मनाने पर उन्होंने मोदी से प्रतिक्रिया मांगी थी तब प्रधानमंत्री शांत थे। प्रकाश राज ने कहा कि एक सच्चा हिन्दू ऐसे कामों का समर्थन नहीं कर सकता।

उनका कहना था कि कातिलों का समर्थन करने वाले खुद को हिन्दू नहीं बोल सकते।

प्रकाश के इन बयानों के बाद श्रोताओं के बीच बैठे तेलंगाना के भाजपा प्रवक्ता कृष्णा सागर राव ने विरोध किया। इस पर प्रकाश ने अपना पक्ष रखते हुए उनसे कहा कि अगर वह उन्हें हिन्दू विरोधी बोल सकते हैं तो वे भी उन्हें बोल सकते हैं कि वे हिन्दू नहीं हैं।

प्रकाश राज ने फिल्म ‘पद्मावत’ की रिलीज को प्रतिबंधित करने वाली राज्य सरकारों एवं इसकी रिलीज का विरोध करने वाले समूहों पर भी निशाना साधा।

प्रकाश राज ने कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा कर्नाटक में उस स्थान को गौमूत्र से ‘साफ करने’ का भी हवाला दिया, जहां से कुछ दिन पहले उन्होंने हेगड़े के एक बयान की आलोचना की थी।

 

बंगलुरु, कर्नाटक में जन्में अभिनेता, निर्माता प्रकाश राज पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या और नोटबंदी समेत कई मौकों पर मोदी और बीजेपी की कड़ी आलोचना कर चुके हैं। 

उन्होंने गुजरात चुनावों में बीजेपी की जीत पर भी सवाल किया था कि पार्टी 150 से ज्यादा सीट लाने के अपने लक्ष्य को हासिल क्यों नहीं कर पाई। प्रकाश ने एक ट्वीट कर भाजपा की जीत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी, लेकिन उन्होंने कहा, ''क्या आपको अपने विकास के साथ सूपड़ा साफ नहीं करना चाहिए था? 150 प्लस का क्या हुआ?''  उन्होंने कहा कि क्या मोदी एक पल रुककर यह सोचेंगे कि 'विभाजनकारी राजनीति' काम नहीं आई।

अभिनेता प्रकाश का कहना है कि 'हमारे देश के पास पाकिस्तान, धर्म, जाति, धमकाने वाले समूहों का समर्थन करना और आपसी रंजिश निकालने की तुलना में बड़े मुद्दे हैं। हमारे पास वास्तविक ग्रामीण मुद्दे हैं।' उन्होंने कहना है कि किसान, गरीब और ग्रामीण भारत की 'नजरअंदाज की गई आवाज' और तेज हो गई है। उन्होंने प्रधानमंत्री से पूछा था कि क्या वह ये आवाज सुन सके।

नोटबंदी के एक साल पूरे होने पर नवंबर में प्रकाश राज ने ट्वीट कर मांग की कि केंद्र सरकार को अपनी ‘सबसे बड़ी भूल’ पर माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि 

“जहां अमीरों को अपने काले धन को कड़क नोटों में तब्दील करवाने के कई रास्ते मिल गए...इसका लाखों लोगों की जिंदगी पर गहरा असर पड़ा और वे लाचार हो गए...असंगठित क्षेत्र के कर्मियों को जोर का झटका लगा...क्या आपको अपने समय की सबसे बड़ी भूल के लिए माफी नहीं मांगनी चाहिए...मैं तो सिर्फ यूं ही पूछ रह था।”

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता कन्नड़ और तेलुगु सिनेमा के अभिनेता प्रकाश राज ने "सिंघम", "वान्टेड" "दबंग-2" और “हीरोपंती” के जरिये बॉलीवुड में खलनायक की खाली जगह को भरने का काम किया। फ़िल्म कांचीवरम में उत्कृष्ठ अभिनय के लिए उन्हें वर्ष 2009 के सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के लिए चुना गया।

दक्षिण भारतीय सिनेमा से कमल हासन और रजनी कांत के बाद प्रकाश राज ऐसे कलाकार हैं जिन्होंने हिन्दी सिनेमा में अपनी छाप छोड़ी है। वे एक आला दर्जे के खलनायक और अभिनेता हैं।










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