पाखंड के विरोधियों पर हमले का मतलब घबराए हुए हैं पाखंडी

मुद्दा , , बृहस्पतिवार , 19-07-2018


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हिमांशु कुमार

भाजपा के लोग जगह-जगह लिख कर स्वामी अग्निवेश पर हमले का समर्थन कर रहे हैं 

उनका कहना है कि स्वामी अग्निवेश हिन्दू धर्म का अपमान करते हैं इसलिए उन्हें सबक सिखाया गया है 

आइये इस आरोप का परीक्षण करते हैं कि इस आरोप में हकीकत तथ्य कितना है और मूर्खता कितनी है ?

भाजपाई जो आरोप लगा रहे हैं कि स्वामी अग्निवेश हिन्दू धर्म का अपमान करते हैं क्या वह आरोप सत्य है ?

भारत में कोई एक धर्म नहीं है जिसे हिन्दू धर्म कहा जा सके 

धर्म अलग चीज़ है परम्पराएँ अलग चीज़ हैं और इतिहास अलग चीज़ है 

लेकिन अब तीनों चीज़ों को मिला कर एक मिक्सचर तैयार किया गया है जिसमें धर्म परम्पराओं और इतिहास को मिला दिया गया है 

भारत में हजारों धर्म हैं हजारों परम्पराएँ हैं हजारों इतिहास हैं 

दलितों के अपने धर्म हैं अपनी परम्पराएँ अपने इतिहास हैं इसी तरह आदिवासियों के भी अपने धर्म हैं अपनी परम्पराएँ अपने इतिहास हैं

और हर स्थान के अपने धर्म हैं अपनी परम्पराएँ अपने इतिहास हैं तामिल नाडु के अलग, नागालैंड के अलग 

आप किसी एक धर्म परम्परा और इतिहास को हिन्दू इतिहास धर्म और परम्परा कह कर लाठी के दम पर सबको उसे मानने पर मजबूर नहीं कर सकते 

मैंने जब बस्तर में आदिवासियों के साथ रहना शुरू किया था तब वो किसी राम कृष्ण को नहीं जानते थे 

ना उन्हें रामायण का पता था ना ऋषि मुनियों का ना हिन्दू शब्द का 

संघ उन आदिवासियों को हिन्दू बनाने के लिए काम करता है उन्हें रामायण बांटता है और फिर मुसलमानों के खिलाफ दंगों में उनका इस्तेमाल करता है 

आज जिन स्वामी अग्निवेश को भाजपा वाले जान से मारना चाहते हैं वे आर्य समाज के सन्यासी हैं 

आर्य समाज के बारे में भी जान लीजिये 

महर्षि दयानंद ने आर्य समाज की शुरुआत करी थी 

महर्षि दयानंद ने अवतार वाद और मूर्ति पूजा का ज़ोरदार विरोध किया था 

यानी महर्षि दयानंद ने राम कृष्ण के अवतार होने को नहीं माना 

इसके अलावा उन्होंने मूर्ति, मन्दिर और पूजा पाठ ब्रह्मणों के कर्म काण्ड श्राद्ध आदि का ज़ोरदार विरोध किया था 

अब अगर स्वामी अग्निवेश कहते हैं कि बर्फ टपकने से जो पिंड बन रहा है वह भगवान नहीं है तो वे कोई नई बात थोड़ी कह रहे हैं 

यह बात तो दो सौ साल पहले उनके गुरु महर्षि दयानंद कह चुके हैं 

स्वामी अग्निवेश तो महज़ अपने गुरु के रास्ते पर चल रहे हैं 

आर्य समाज में पाखंड विखंडन को एक धर्म कार्य माना गया है 

स्वामी अग्निवेश तो अपना धर्म निभा रहे हैं 

आप किसी को उसका धर्म पालन करने से कैसे रोक सकते हैं ?

भारत में जो पाखंड फैला हुआ है उसका विरोध करना ही आर्य समाज का धर्म है 

अब अगर आज पाखंडियों की सरकार बन गई है तो वो ज़रूर पाखंड का खंडन करने वालों पर हमले करेंगे 

इसलिए भाजपाइयों का यह आरोप कि स्वामी अग्निवेश हिन्दू धर्म का विरोध करते हैं बिल्कुल झूठा है 

स्वामी अग्निवेश भारत में फैले पाखंड, कर्म कांड और अंध विश्वासों का विरोध करते हैं 

और वह काम हम भी करते हैं और करते रहेंगे 

महर्षि दयानंद को ज़हर दिया गया था 

उनके शिष्य की भी जान लेने की कोशिश करी गई है 

पाखंड का विरोध करने वालों पर अगर हमला होता है 

तो समझो पाखंडी लोग घबराए हुए हैं

(हिमांशु कुमार गांधीवादी कार्यकर्ता हैं और आजकल हिमाचल प्रदेश में रहते हैं।)

 








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