लखनऊ प्रशासन ने इलाहाबाद जा रहे सपा अध्यक्ष अखिलेश को हवाई अड्डे पर रोका, कहा- हिंसा की थी आशंका

मुद्दा , , मंगलवार , 12-02-2019


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जनचौक ब्यूरो

नई दिल्ली। बंगाल में अपना हेलीकाप्टर न उतरने देने पर देश भर में हंगामा मचाने वाले यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने ही सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को अपने विमान पर चढ़ने से रोक दिया। ये घटना उस समय हुई जब अखिलेश लखनऊ के चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डे पर पहुंचे। अभी वो इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ का उद्घाटन करने के लिए अपने चार्टर्ड प्लेन की तरफ बढ़े ही थे कि तभी पुलिस ने उनका रास्ता रोक दिया। 

इस बीच योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि छात्रसंघ समारोह में उनकी भागीदारी हिंसा को जन्म दे सकती थी। सपा अध्यक्ष ने इसका जवाब देते हुए कहा कि अपनी बदहवासी को छुपाने के लिए योगी ने इस बहाने की तलाश की है।

प्रशासन का कहना है कि इलाहाबाद के डीएम ने लखनऊ के डीएम और एसएसएपी को पत्र लिख कर विश्वविद्यालय की सलाहकार समिति के आयोजन में किसी राजनीतिक शख्सियत को न बुलाने की सलाह दी थी। जिसके बाद सरकार ने अपना काम किया। इस सूचना के बाद पूरे सूबे में सपा कार्यकर्ता भड़क गए और जगह-जगह विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। इलाहाबाद में छात्रों का रोष सड़कों पर फूट पड़ा। जिस पर पुलिस ने जमकर लाठीचार्ज किया। इस घटना में सपा नेता और पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रिचा सिंह तथा सांसद धर्मेंद्र यादव घायल हो गए हैं।

इस मौके पर सामने आए एक वीडियो में बिल्कुल साफ तौर पर देखा जा सकता है कि हवाई अड्डे पर जैसे ही अखिलेश यादव पहुंचे प्रशासन के लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया। इस बीच उनके साथ कुछ धक्का-मुक्की भी करने की कोशिश की गयी। लेकिन उनके सुरक्षा अधिकारियों ने तुरंत मामले को संभाल लिया। इस दौरान उन्हें हाथ मत लगाइये कहते हुए भी सुना जा सकता है।

उन्होंने घटना के तुरंत बाद ट्वीट कर कहा कि “बिना किसी लिखित आदेश के मुझे एयरपोर्ट पर रोका गया। पूछने पर भी स्थिति साफ करने में अधिकारी विफल रहे। छात्रसंघ कार्यक्रम में जाने से रोकने का एकमात्र मकसद युवाओं के बीच समाजवादी विचारों और आवाज को दबाना है।” 

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पदाधिकारियों की ओर से आमंत्रित किया गया था। इस सिलसिले में विश्वविद्यालय के कुलपति के निजी सचिव गंगाराम ने उन्हें एक पत्र भी भेजा था। जबकि योगी आदित्यनाथ का कहना है कि विश्वविद्यालय ने उनके दौरे पर रोक लगाने की गुजारशि की थी और उसके मुताबिक सरकार ने काम किया है।

इस घटना पर राजनीतिक खेमे से तीखी प्रतिक्रिया हुई है। बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने एक ट्वीट कर कहा कि ये कदम बीजेपी सरकार के तानाशाह और लोकतंत्र विरोधी होने का सबसे बड़ा उदाहरण है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी घटना पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि “मेरी पहले ही अखिलेश यादव से बात हो गयी है। हम उन सभी बीजेपी नेताओं के अहंकारी रवैये की निंदा करते हैं जिन्होंने अखिलेश को छात्रों की सभा को संबोधित करने से रोक दिया।

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