छत्तीसगढ़ सरकार ने लागू किया एससी-एसटी एक्ट का बदला कानून

मुद्दा , , मंगलवार , 17-04-2018


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हिमांशु कुमार

छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार ने सभी पुलिस थानों के लिए आदेश जारी कर दिया है

कि बिना पुलिस जांच के एससी-एसटी अत्याचार निवारण कानून की धाराओं के अंतर्गत अपराध ना कायम किये जाएं

छत्तीसगढ़ में आदिवासियों के विरुद्ध सबसे ज़्यादा अत्याचार सरकार करती है

सरकार की पुलिस द्वारा आदिवासी बच्चों की हत्याएं

पुलिस द्वारा आदिवासी महिलाओं से बलात्कार

पुलिस द्वारा आदिवासियों के घर जला देना

पुलिस द्वारा आदिवासी लड़कियों को पुलिस थाने के भीतर लाकर बलात्कार करना रोज़ किये जाने वाले अपराध हैं

तो अब नया आदेश के मुताबिक आरोपी पुलिस ही शिकायत दर्ज़ करने से पहले खुद के खिलाफ खुद ही जाँच करेगी और खुद ही फैसला करेगी कि मेरे विरुद्ध रिपोर्ट लिखी जानी चाहिए या नहीं

पुलिस मुख्यालय से जारी आदेश में कहा गया है कि सर्वोच्च न्यायालय के इस आदेश का पालन सभी अधिकारी करें वरना उनके ऊपर न्यायालय की अवमानना का मामला बनाया जाएगा

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कई साल पहले आदेश दिया था कि यदि कोई पुलिस अधिकारी रिपोर्ट लिखने से मना करता है

तो उस पुलिस अधिकारी को जेल में डाल देना चाहिए

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि यदि कोई नागरिक किसी अपराध की सूचना किसी पुलिस अधिकारी को दे रहा है तो यह उसका कर्तव्य है वह उसे तत्काल दर्ज़ करे

वह सूचना सत्य है या असत्य इसका फैसला लेने का अधिकार उस अधिकारी को नहीं है

इसका फैसला जांच के बाद खुद ही हो जाएगा

लेकिन सरकार ने आज तक सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को लागू नहीं होने दिया

मैं और सोनी सोरी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले की कापी लेकर पुलिस अधिकारियों को दिखाते रहे

लेकिन पुलिस ने आदिवासियों की रिपोर्ट नहीं लिखी

हार कर हमें अपने मुकदमे सीधे हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में दायर करने पड़े

यहाँ तक कि बस्तर में पुलिस के आई जी कल्लूरी ने गीदम शहर में आकर एक मीटिंग करी और उसमें भाजपा के लोगों को भड़काया कि आप लोग सोनी सोरी को शहर से भगा दो क्योंकि यह पुलिस के खिलाफ मुकदमे कर के परेशान करती है

पुलिस के भड़काने पर भीड़ ने सोनी सोरी के घर पर पत्थर भी फेंके थे

जब सोनी सोरी इस मामले में कल्लूरी के खिलाफ एसटी एससी अत्याचार रोकथाम के तहत थाने में गई

तो सोनी की रिपोर्ट नहीं लिखी गई

आज दो साल हो गये रिपोर्ट नहीं लिखी गई

पुलिस द्वारा किये गये बलात्कारों के मामलों में आज तक पुलिस ने जांच पूरी ही नहीं करी है और मामला कोर्ट में भेजा ही नहीं है

दो साल पहले सोनी सोरी के मुंह पर पुलिस वालों ने ही तेजाब डाला था

पुलिस ने आज तक उस मामले की जांच ही पूरी नहीं करी

छत्तीसगढ़ में पुलिस वालों ने पांच शहरों में मेरा पुतला जलाया था

उस मामले में पुलिस ने आज तक जांच पूरी नहीं करी  

पुलिस अपने खिलाफ क्यों जांच करेगी पुलिस पागल थोड़ी है

अब सुप्रीम कोर्ट के नए आदेश के बाद तो आदिवासियों के लिए इन्साफ की लड़ाई बहुत ही मुश्किल हो जायेगी

(हिमांशु कुमार गांधीवादी कार्यकर्ता हैं और आजकल हिमाचल प्रदेश में रहते हैं।)








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Prahlad dhruw :: - 04-17-2018
Bahut taklif bhari jindagi jiyenge ab hamare aadiwasi bhai bahan

Stan Swamy :: - 04-17-2018
Will the fence eat the crop? How legitimate is it that police will examine its own crimes?