लूट, हिंसा और युद्ध से आती है अमीरी; आपकी हो या अमेरिका की

विशेष , , सोमवार , 13-11-2017


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हिमांशु कुमार

दुनिया में अमेरिका के नौ सौ सैनिक अड्डे हैं

यह सैनिक दुनिया में शांति लाने के लिए नहीं भेजे गए हैं 

यह सैनिक दुनिया के खनिज, जंगल और संसाधनों पर कब्जे के लिए भेजे गये हैं 

मेरे एक मित्र जो सेना में हैं वे कांगो में शांति सेना में शामिल रह चुके हैं 

वे बता रहे थे कि कांगो से अमेरिका और ब्रिटेन के दो-दो जहाज़ भर कर कच्चा माल रोज़ निकल कर जाता है 

हम सब जानते हैं कि इन इलाकों में यूरेनियम, डायमंड, गोल्ड, कोल्टान जैसी कीमती धातुएं हैं 

तो यह है अमेरिकी अमीरी का राज 

लूट युद्ध और हिंसा ही अमेरिका में अमीरी ला सकती है 

ठीक यही लूट और हिंसा भारत की अमीरी का भी राज है 

बताइये भारत के अर्ध सैनिक बल सबसे बड़ी संख्या में आज कहां तैनात हैं ?

आज भारत के सबसे ज्यादा अर्ध सैन्य बल आदिवासी इलाके में जंगलों में तैनात हैं 

यह अर्ध सैनिक बल क्या करने के लिए जंगलों में भेजे गये हैं ?

क्या यह सैनिक जंगलों की रक्षा करने के लिए वहाँ भेजे गये हैं? 

नहीं 

क्या यह सैनिक आदिवासियों को सुरक्षा देने गये हैं? 

नहीं 

बल्कि यह अर्ध सैन्य बल के सैनिक जंगलों में मौजूद खनिज पर कब्जा करने गये हैं 

क्या यह खनिज भारत की गरीब जनता के लिए लूटे जायेंगे 

नहीं यह खनिज मुट्ठी भर अमीरों के लिए निकाले जायेंगे 

इन मुट्ठी भर अमीरों की कम्पनियों में काम करने वाले शहरी भी इस लूट के समर्थक हैं 

सोचो आप के पास शहर में क्या है ?

कुछ भी नहीं है 

गाँव को लूटा जाएगा तब शहर की अय्याशी चलेगी 

आपकी अमीरी भी लूट, हिंसा और युद्ध से ही आती है 

जैसे अमेरिका अपनी लूट को दुनिया की आजादी कहता है 

वैसे ही भारत में आदिवासियों की लूट को देश की रक्षा कहा जाता है 

यह आपकी चालाकी है 

निठल्ले शहरी लोग इस देश के आदिवासियों, किसानों के संसाधनों को अपने सैनिकों की मदद से लूट रहे हैं 

इस देश में इस लूट के जारी रहते कभी शांति नहीं आ सकती 

जैसे अमेरिकी लूट के जारी रहते दुनिया में शांति नहीं आ सकती 

(लेखक गांधीवादी कार्यकर्ता हैं और आजकल हिमाचल प्रदेश में रह रहे हैं।)






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