हिंदू-मुस्लिम उन्माद के पीछे किसानों-मजदूरों को बांटने का खेल

धर्म-सियासत , , मंगलवार , 05-12-2017


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हिमांशु कुमार

आप भारत के हिन्दू-मुस्लिम राजनीति से बहुत परेशान हैं

 परेशान मत होइए

 इसे ठीक से समझिये

 उससे आप इसे ठीक करने का इलाज खोज पायेंगे

 दुनिया में बहुत सारे देशों में नफरत की राजनीति का प्रयोग किया जाता है

 राजनीति एक दुश्मन खोजती है

 फिर उस दुश्मन से लड़ने के नाम पर बहुसंख्य आबादी को अपने पीछे लगा लेती है

 और लोग सब कुछ भूल-भाल कर काल्पनिक दुश्मन से लड़ने के नाम पर सत्ता सौंप देते हैं

 कौन लोग होते हैं वो और ऐसा क्यों करते हैं इसी जानना ज़रूरी है

 असल में सारी दुनिया के लोग बराबरी चाहते हैं

 और गरीबी बीमारी से आज़ादी चाहते हैं

 इसके लिए वह सरकार बनाते हैं

 तो राजनीति का काम है जनता में समानता लाना, गरीबी दूर करना ताकि लोग भूख और बीमारी से आज़ाद हो सकें

लेकिन हर देश में एक वर्ग ऐसा होता है जो असल में जनता की गरीबी के लिए ज़िम्मेदार होता है

यह वर्ग अमीर बड़ी ज़ात वाला या कहीं गोरी चमड़ी वाले अमीर होते हैं

यह लोग हमेशा अमीर ताकतवर और प्रभावशाली होते हैं

यह अमीर बड़ी जाति वाले या गोरे लोग सरकार पर और राजनैतिक दलों को चंदा देते हैं

बड़ी संख्या में नेता भी इन्हीं अमीर बड़ी ज़ात के गोरे लोग होते हैं

इसलिए यह लोग बराबरी और गरीबी खत्म होने से डरते हैं

इन्हें लगता है कि बराबरी आ जायेगी तो हमारी अमीरी खत्म हो जायेगी

या बराबरी आ जायेगी तो आज हमें जो रुतबा हासिल है वह नहीं रहेगा

इसलिए यह अमीर बड़ी ज़ात के गोरे लोग एक चाल खेलते हैं

यह एक काल्पनिक दुश्मन खड़ा करते हैं

जैसे जर्मनी में पूंजीपतियों की मदद से हिटलर ने सिर्फ एक प्रतिशत यहूदियों को जर्मनी की बेरोजगारी बदहाल अर्थव्यवस्था और हर समस्या का कारण बताया

और फिर हिटलर ने साठ लाख यहूदी बच्चों, औरतों, बूढों और जवानों समेत

अपने राजनैतिक विरोधियों छात्रों और बुद्धिजीवियों समेत करीब एक करोड़ दस लाख लोगों का क़त्ल कर दिया

इसी तरह पकिस्तान के तानशाह ज़िया उल हक़ ने अपनी तानशाही बरकरार रखने और जनता को बेवकूफ बनाने के लिए इस्लाम खतरे में है का नारा लगाया और साड़ी पहनने को हराम जैसी तमाम बेवकूफियां फैलायीं

इसी तरह मुशर्रफ ने भारत का हव्वा खड़ा कर के पकिस्तान की सत्ता हासिल कर ली

भारत में भी मुसलमानों का हव्वा बनाया गया है

भारत की राजनीति का काम मेहनत करने वाली जनता को उसका हक दिलवाना

जाति और धर्म के नाम पर हर तरह के भेदभाव को दूर करना

हर नागरिक के लिए न्याय पक्का करना होना चाहिए

लेकिन मुसलमानों का हव्वा खड़ा करके बड़ी चालाकी से भारत की परम्परागत शासक सवर्ण जातियों और जनता को लूट कर अपनी तिजोरियां भरने वाले अमीरों के राज की हिफाज़त करी जा रही है

इस नफरत के कारण ना किसान मिलकर लड़ पा रहे हैं ना मजदूर

अगर भारत के हिन्दू-मुसलमान सभी जातियों के गरीब मिलकर संघर्ष छेड़ दें

तो भारत में ना कोई भूखा रहेगा ना बेईज्ज़त होगा

लेकिन बड़ी चालाकी से हमें नफरत के फंदे में फंसा कर रखा गया है

और चालाक लोग अपना राज बदस्तूर चला रहे हैं

(हिमांशु कुमार गांधीवादी कार्यकर्ता हैं और आजकल हिमाचल प्रदेश में रहते हैं।)

 

 

 






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Md Tarique :: - 12-08-2017
I really am worried about the current situation of my country. Politicians used patriotism,army,and religion as a tool to divide India into sections and spread hate among us. Its the tool of politics to make a virtual enemy and act like you are fighting against it and by doing that spread their own propaganda. Once upon a time Gandhi ji was the most respected personality but now many a people speak ill about him. Once Hindu, Muslims, sikhs, Christians and all diffrent religion people were seen with one eye and were called Indians but today Politicians divided us and its very pity full that people have started getting influenced.