आपकी सोच ही आपकी राजनीति है, लिहाजा राजनीति को बदलने के लिए विचारधारा में बदलाव जरूरी

खरी-खरी , , सोमवार , 16-04-2018


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हिमांशु कुमार

मैं जब कहता हूं कि अगर आपको बदलाव चाहिए तो आपको अपनी राजनीति बदलनी पड़ेगी

तब नौजवान मुझसे पूछने लगते हैं कि अच्छा बताइये कि फिर हमें कौन सी पार्टी को वोट देना चाहिए ?

ज्यादातर लोग राजनीति का मतलब चुनाव वोट और चालाकी को समझते हैं

लेकिन राजनीति का दूसरा मतलब होता है

राजनीति का मतलब होता है कि आप इस समाज को कैसे चलाना चाहते हैं

समाज के बारे में आपकी सोच ही आपकी राजनीति है

आप जैसा सोचते हैं वही आपकी राजनैतिक विचारधारा कहलाती है

जो आपकी व्यक्तिगत सोच है वही आपकी राजनैतिक सोच होती है

जैसे अगर आप व्यक्तिगत तौर पर सोचते हैं कि औरतों को घर के भीतर रहना चाहिए

तो यही आपकी राजनीति है कि आप औरतों को घर के भीतर रखना चाहते हैं

फिर जो राजनैतिक पार्टी औरतों को घर के भीतर रखना चाहती है वही आपकी पसंदीदा पार्टी बन जायेगी

और अगर समाज में बहुत सारे लोग यही सोचने वाले हों कि औरतों को घर के भीतर रहना चाहिए

तो वहाँ की राजनैतिक पार्टी भी कहेगी कि हाँ औरतों को घर के भीतर रहना चाहिए

और उस समाज में औरतों को घर की भीतर रखने के पक्ष में अदालतें भी वैसे ही फैसले देंगी जिसमें औरतों को घर की भीतर रखने की हिमायत होगी

तो आप जैसा सोचते हैं वही आपकी राजनीति होती है

आप मुसलमानों के बारे में क्या सोचते हैं वही आपकी राजनीति है

आप दलितों के बारे में किस तरह सोचते हैं वह आपके राजनैतिक विचार बन जायेंगे

कोई पूंजीपति कैसे बनता है मजदूर कड़ी मेहनत के बाद भी गरीब क्यों रहते हैं किसानों की ज़मीन सरकार छीन कर अमीरों को क्यों देती है

इन सब के बारे में आपकी जो समझ होगी वही आपकी राजनीति तय करेगी

अक्सर आपके राजनीतिक विचार आपके अपनी पोजीशन के हिसाब से बनते हैं

जैसे आप अगर अमीर हैं तो आप सोचेंगे कि आपका अमीर होना जायज़ है

लेकिन अगर आप गरीब हों और दिन भर कड़ी मेहनत करने के बाद भी बच्चों को पालने में असमर्थ हों तो आपको बिना मेहनत किये अमीर बन जाना नाजायज़ लगेगा

अलग अलग वर्ग के राजनैतिक विचार अलग अलग होते हैं

इसी तरह से आप शहर में रहते हैं तो आपको लगेगा कि जो किसान फैक्ट्री बनाने के लिए ज़मीन नहीं दे रहे वो विकास के विरोधी हैं

लेकिन अगर आप गांव के किसान हैं तो आप की राजनीति यह होगी कि आप अपनी ज़मीन को कैसे बचा सकते हैं ?

ज्यादातर लोगों की राजनीति अपने वर्ग के स्वार्थ से जुड़ी हुई होती है

लेकिन कुछ लोग होते हैं जो अपने वर्ग के स्वार्थ से ऊपर होकर पूरी सच्चाई को समझते हैं और अपने वर्ग के समूह के खिलाफ खड़े होकर आवाज़ उठाते हैं

जैसे बहुत सारे सवर्ण दलितों की समानता की लड़ाई में शामिल हो जाते हैं

जैसे बहुत सारे हिन्दू लोग मुसलमानों के खिलाफ होने वाली हिंसा के खिलाफ बहुसंख्य हिन्दुओं के खिलाफ आवाज़ उठाते हैं

बहुत सारे पुरुष लोग औरतों के समानता के अधिकारों की लड़ाई में शामिल हो जाते हैं

तो आपकी सोच ही आपके राजनैतिक विचार तय करती है

और आपके राजनैतिक विचार ही देश की राजनीति की दिशा तय करती है

जैसे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने नौजवानों के दिमागों को साम्प्रदायिक बनाया

धीरे धीरे भारत की राजनीति साम्प्रदायिक बन गई

अब अगर हम सब मिल कर नौजवानों का दिमाग धर्म निरपेक्ष और प्रगतिशील बनायेंगे

तो देश की राजनीति धर्मनिरपेक्ष बन जायेगी

वरना तो आज कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी भी मंदिर-मंदिर भटक कर वोट पाने की कोशिश कर रहे हैं

और समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव कह रहे हैं कि वह सत्ता में आने के बाद रामलीला के कलाकारों को पेंशन देंगे

इसलिए ज़रूरी यह है कि देश के लोगों के राजनैतिक विचारों को बदलने का काम किया जाय

उसी से देश की राजनीति बदलती है

गांधी ने कांग्रेस को गांव में काम करने वाला गैर राजनैतिक संगठन बनाने का प्रस्ताव इसीलिये किया था

लेकिन कांग्रेसी नेताओं ने इस बात को नहीं माना

वह काम राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने किया और गाँव-गाँव में अपनी शाखाएं चलाते रहे

और उसका नतीजा है कि संघ के लोग आज भारत की सत्ता पर हैं बीस राज्यों में उनकी सरकारें हैं और सेना पुलिस अदालतों में जज युनिवर्सिटियों के प्रोफेसर और कुलपति उनकी विचारधारा के लोग हैं  

इसलिए राजनीति बदलने का मतलब पार्टी बदलना नहीं होता

उसका मतलब होता है विचारधारा बदलने का काम करना

(हिमांशु कुमार गांधीवादी कार्यकर्ता हैं और आजकल हिमाचल प्रदेश में रहते हैं।)










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Mridul :: - 04-18-2018
I agree with the above given analysis,,,it need revolutionary change in public mind towards politics and society

Ranbir Singh Raman :: - 04-18-2018
बहुत ही सकारात्मक और सही सही मार्गदर्शक विचार हैं। राष्ट्र बदलने के लिए सर्वप्रथम स्वंय की सोच को बदलना जरूरी है। धन्यवाद हिमांशु कुमार जी।

Mukesh Naik :: - 04-17-2018
Absolutely Right

Mukesh Naik :: - 04-17-2018
Absolutely Right

Nilesh choubey :: - 04-16-2018
Nice thought.