पीएनबी घोटाले पर रवीश ने लिखा विनोद राय को खुला खत, कहा-चुप्पी तोड़िए जनाब!

रवीश की बात , नई दिल्ली, शनिवार , 17-02-2018


ravish-vinod-letter-pnb-scam-2g

रवीश कुमार

आदरणीय विनोद राय जी,

विदित हो कि पंजाब नेशनल बैंक में साढ़े ग्यारह हज़ार करोड़ का घोटाला हुआ है। आप शून्य प्रेमी हैं इसलिए इसमें ग्यारह के बाद शून्य ही शून्य है। लेखक जानना चाहता है कि आप इसी फरवरी माह की 26 तारीख़ 2016 को बैंक बोर्ड ब्यूरो के प्रमुख बने थे। प्रधानमंत्री ने आपको गवर्नर या मंत्री वगैरह न बनाते हुए एक बड़ा काम सौंपा कि आप बैंकों की गवर्नेंस में सुधार लाएँ और चेयरमैन से लेकर सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया को ठीक करें।

दो दिन से नीरव मोदी की योग्यता का मारा पंजाब नेशनल बैंक क़राह रहा है और आप बोल ही नहीं रहे हैं। दो साल में आपने पंजाब नेशनल बैंक को लेकर कितनी बैठक की है, क्या सुधार किए हैं, ये सब आपको बताना चाहिए। क्या वाक़ई किसी रिपोर्टर ने इतने बड़े मामले में संपर्क नहीं किया? आप तो ऑडिटर रहे हैं, यही बताते कि मासिक, तिमाही और सालाना ऑडिट के बाद भी कैसे नीरव मोदी ने बिना कलरव किए ग्यारह हज़ार करोड़ का चूना लगा दिया।

आप बोल ही नहीं रहे हैं? फिर कोई किताब लिख रहे हैं क्या सर? टू जी पर आपकी किताब आई, उसके कुछ समय बाद ए राजा ही बाहर आ गए। राजा साहब भी किताब लिख लाए हैं। फिर भी आप चुप हैं । कपिल सिब्बल ने तो आपको चुनौती दी है। फिर भी आप चुप हैं। टू जी मामले में सबूत न मिलने और आरोपियों के बरी होने पर कैसे चुप रह गए? एक लेख तो लिखते, टीवी डिबेट में आते या राजा से माफी ही मांग लेते।

अब बैंक का घोटाला है, आप चुप हैं। कहीं आपका बैंक बोर्ड ब्यूरो सरकार के कॉफी बोर्ड या टी बोर्ड की तरह तो नहीं है? आप तो शून्य अधिपति हैं, आप क्यों नहीं बोल रहे हैं? कम से कम 11000 में दस बीस ज़ीरो ही जोड़ देते। है न सर।

पत्र मिलने पर जवाब दीजिएगा। आप देश की अंतरात्मा की दूसरी डायरी तो नहीं लिख रहे हैं।

सबका,

रवीश कुमार

 






Leave your comment











Binod kr jha :: - 02-17-2018
Jo ka jhatka dire se

Adhok pandita :: - 02-17-2018
They should open up if they are clean. Why blame someone else.