गवर्नर उर्जित पटेल के बाद एक और इस्तीफा,सुरजीत भल्ला ने कहा पीएम की आर्थिक सलाहकार परिषद को अलविदा

मुद्दा , नई दिल्ली, मंगलवार , 11-12-2018


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जनचौक ब्यूरो

नई दिल्ली। रिजर्व बैंक के गवर्नर के बाद अब अर्थशास्त्री और न्यूजपेपर स्तंभकार सुरजीत भल्ला ने भी प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) से इस्तीफा दे दिया है। सुबह ट्विटर पर भल्ला ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि “मैंने पीएमईएसी के पार्ट टाइम सदस्य से 1 दिसंबर को ही इस्तीफा दे दिया था। मैं अपनी किताब सिटीजन राज: इंडियन इलेक्शन्स 1952-2019 पर ध्यान दे रहा हूं।”
सरकारी सूत्रों के मुताबिक उनके इस्तीफे को पीएम ने स्वीकार कर लिया है। भल्ला का ये इस्तीफा पिछले एक साल में सरकार से किनारा करने वाले बहुत सारे अर्थशास्त्रियों के बाद आया है। इसके पहले इस्तीफा देने वालों में नीति आयोग के मुखिया अरविंद पानगढ़िया, पूर्व आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्मणियन और आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल शामिल हैं।
पीएमईएसी को 2017 में पीएम मोदी द्वारा स्थापित किया गया था। मौजूदा समय में इसके अध्यक्ष वरिष्ठ अर्थशास्त्री और नीति आयोग के सदस्य बिबेक डेबराय हैं। दूसरे सदस्यों में रथिन राय, आशिमा गोयल, शामिका रवि और रतन वतल शामिल हैं।
परिषद ने विकास दर को बढ़ाने और रोजगार सृजन के लिए दस इलाकों को चिन्हित किया था जिसमें मौद्रिक नीति, सार्वजनिक खर्च और कृषि का क्षेत्र शामिल है।
अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि बाहर होने से एक महीना पहले भल्ला ने रोजगार पर एक रिपोर्ट तैयार की थी। बाहर के कुछ हिस्सों में उसकी आलोचना हुई थी।
बहरहाल भल्ला और उर्जित पटेल के इस्तीफे ने इस बात को साबित कर दिया है कि सरकार के भीतर बहुत कुछ अच्छा नहीं चल रहा है। और खासकर आर्थिक मोर्चे पर स्थिति बहुत नाजुक बनी हुई है। और इस मामले में सरकार को कोई रास्ता भी नहीं सूझ रहा है। संकट को हल करने के लिए सरकार जो रास्ता अख्तियार कर रही है विशेषज्ञों का ये मानना है कि वो और भी खतरनाक साबित होगा। शायद यही वजह है कि उर्जित पटेल उसको स्वीकार करने की जगह खुद को उससे अलग रखना उचित समझे और नतीजतन समय से पहले ही वो इस्तीफा देकर बाहर हो गए।










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