सुप्रीम कोर्ट विवाद में बाहरी हस्तक्षेप की जरूरत नहीं- जस्टिस जोसेफ कुरियन

विवाद , , चयन करें , 14-01-2018


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जनचौक ब्यूरो

 

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट विवाद को हल करने लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन और केंद्र सरकार मैदान में कूद पड़े हैं। सुलह की कोशिशें तेज हो गईं हैं। आज बार काउंसिल ऑफ इंडिया का एक प्रतिनिधि मंडल मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा से मिलेगा। न्यायपालिका से जुड़ा हर पक्ष विवाद को शीघ्र हल करने के पक्ष में है वहीं प्रेस कांफ्रेंस करने वाले चार जजों में शामिल न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ ने कहा है कि -

इस मामले को हल करने के लिए किसी बाहरी हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है। क्योंकि यह घटना एक संस्था के अंदर की है। संस्था ही इसके लिए जरूरी कदम उठाएगी और शीघ्र ही समस्या का समाधान होगा।

कोच्ची में एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद उन्होंने पीटीआई से बातचीत में कहा कि इस मामले को राष्ट्रपति के समक्ष नहीं ले जाया जाएगा। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट में राष्ट्रपति कोई अथॉरिटी नहीं हैं। जो सवाल उठाया गया पूरे देश ने उसे सुना। मेरा मानना है कि भविष्य में दोबारा ऐसा नहीं होगा। न्यायमूर्ति कुरियन ने कहा कि राष्ट्रहित में हमने ऐसा किया। न्याय और न्यायिक व्यवस्था पर देश का विश्वास बना रहे इसको ध्यान में रखते हुए हम लोगों ने प्रेस कांफ्रेंस किया। यह करके हमने अनुशासनहीनता नहीं की है। 

बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने शनिवार को एक बैठक करके तय किया कि बीसीआई की 7 सदस्यीय टीम कॉलेजियम के पांचों जज को छोड़कर बाकी दूसरे जजों से मुलाकात करेगी। इसके लिए उनसे वक्त लिया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के 12 जजों ने मुलाकात के लिए सहमति दे दी है। बैठक के बाद बीसीआई के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि हम चाहते हैं कि इस मामले का जल्द से जल्द हल निकल जाए। बीसीआई ने इस मसले पर केंद्र सरकार को पत्र लिखने का मन बनाया है। बीसीआई ने कहा कि इस मुद्दे को मीडिया के समक्ष नहीं ले जाना चाहिए था। 

उधर, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने कहा है कि सभी जजों को मिलकर इस विवाद को खत्म करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने शनिवार को बैठक करके कहा कि मीडिया के सामने आना काफी गंभीर बात है। एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास सिंह ने कहा कि-

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की पहली मीटिंग चीफ जस्टिस के साथ रखी जाएगी। अगर वो हमारे विचारों से सहमत होते हैं तो हम बाकी जजों से भी अपॉइंटमेंट लेंगे और मीटिंग फिक्स करेंगे। बार के अध्यक्ष विकास सिंह ने कहा कि हम इस मामले का जल्द से जल्द निपटारा चाहते हैं। हमारा प्रस्ताव है कि अब जनहित याचिकाओं के मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस को दी जाए या 5 जजों की कोलेजियम को सौंपी जाए। 

प्रेस कांफ्रेंस के बाद केंद्र सरकार ने इस मसले को हल करने के लिए प्रयास तेज कर दिया है। इसी मद्देनजर कल प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्र मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्र के आवास पर मुलाकात करने पहुंचे। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक उस समय जस्टिस दीपक मिश्रा पूजा कर रहे थे। नृपेंद्र मिश्र करीब पांच मिनट तक चीफ जस्टिस के आवास के बाहर खड़े रहे, लेकिन उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद नृपेंद्र मिश्र ने मीडिया को बताया कि वह सीजेआई को नए साल और नए घर में आने की बधाई देने गए थे। 

प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्र ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा से मुलाकात के लिए पहुंचने पर कांग्रेस ने सवाल उठाया है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट में कहा- ‘‘जैसा कि पीएम मोदी के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के आवास 5 कृष्ण मेनन मार्ग मिलने पहुंचे थे। इस मामले में पीएम को जवाब देना चाहिए कि उन्होंने ऐसा क्यों किया?’’

इन सबके बीच अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि उम्मीद है कि पूरा मामला जल्द ही सही ढंग से निपट जाएगा। बीसीआई के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा कहते हैं कि हम चाहते हैं कि इस मसले का हल जल्द से जल्द अच्छे तरीके से निकल जाए। बार काउंसिल ऑफ इंडिया की तरफ से मैं सभी पार्टियों से अपील करता हूं कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करें। हम बार की भावना जजों को बताएंगे और उनसे अपील करेंगे कि मसले का शांतिपूर्ण और जल्द से जल्द निपटारा करें। अगर बार के सीनियर मेंबर्स की मदद की जरूरत है तो हम उसके लिए तैयार हैं।






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