वाटर कैनन भी नहीं तोड़ सका 69 के मानिक का हौसला!

आंदोलन , , बृहस्पतिवार , 09-08-2018


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धीरेश सैनी

अगरतला। अपनी सादगी और ईमानदारी के लिए देशभर में मशहूर त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री मानिक (माणिक) सरकार का एक फोटो वायरल हो रहा है। वे किसानों के मुद्दे पर देशव्यापी आंदोलन के तहत अगरतला में प्रदर्शनकारियों की अग्रिम पंक्ति में वॉटर कैनन झेलकर तर-बतर चले जा रहे हैं। कैमरामैन उनकी इस छवि को कैद करते नज़र आ रहे हैं। यह शायद संयोग ही है कि सीपीआईएम के दोनों शीर्षतम नेताओं प्रकाश करात और सीताराम येचुरी की ऐसी कोई छवि कभी नज़र से नहीं गुज़री। मानिक सरकार की इस तस्वीर ने देशभर में उनकी पार्टी कार्यकर्ताओं को ही नहीं, दूसरे लोगों को भी हौसला दिया। 

उनकी यह तस्वीर देखते ही देखते वायरल हो चली। 69 साल के मानिक 20 साल मुख्यमंत्री रहे हैं। फिलहाल वे त्रिपुरा विधानसभा में नेता विपक्ष हैं। सीपीआईएम के लिए पश्चिमी बंगाल के टापू की तरह रहे इस राज्य के इस शानदार नेता को पार्टी की तरफ से ही राष्ट्रीय स्तर पर तब लाइमलाइट मिली जब यह टापू ही स्टेपिंग स्टोन की तरह बचा रह गया था। सादगी और ईमानदारी के लिए सरकार दम्पति को देशभर के मीडिया की सुर्खियां तो मिलती ही रही हैं। विधानसभा चुनाव में हार और कार्यकर्ताओं के भारी दमन का सामना कर चुके वाम मोर्चा ने किसान मजदूर जॉइंट फोरम के आह्वान पर प्रदेश भर में जोरदार प्रदर्शन कर गिरफ्तारियां दीं। 

अगरतला में अखिल भारतीय किसान सभा के राज्य सचिव, नारायण कार, पबित्रा कार आदि के साथ मानिक सरकार प्रदर्शन की अग्रिम पंक्ति में थे। पत्रकार राहुल सिन्हा ने बताया कि तय कार्यक्रम के मुताबिक, जुलूस के बाद गिरफ्तारियां दी जानी थीं लेकिन पैराडाइस चौमुनी (चौमुहानी) पर अप्रत्याशित रूप से बैरिकेडिंग कर दी गई थी। प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की तो पुलिस ने आंसू गैस के गोले और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया। त्रिपुरा की राजधानी को करीब 20-25 सालों बाद आंसू गैस के गोलों के अनुभव से दो-चार होना पड़ा।

प्रदर्शनकरी एकबारगी तितर-बितर हुए पर नेताओं के जमे रहने से पैराडाइस चौमुनी ही रैलीस्थल में तब्दील हो गई और मानिक सरकार ने यहीं प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित किया। विधानसभा की पूर्व डिप्टी स्पीकर पबित्रा कार ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने पैराडाइस चौमुनी और शहर भर में नाकेबंदी कर युद्ध जैसे हालात पैदा कर दिए थे। 

किसान सभा के नेता नारायण कार ने आरोप लगाया कि गंडाचारा, धलाई, पनीपुर आदि जगहों पर बीजेपी के गुंडों ने प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जा रहे किसानों पर हमला किया। पुलिस ने किसी भी तरह की हिंसा की घटना से इनकार किया है। पुलिस के मुताबिक, इस जेल भरो आंदोलन में प्रदेश में 5222 लोगों को गिरफ्तार किया गया। भाजपा प्रवक्ता मृणाल कांति देब ने भी लेफ्ट नेताओं के आरोपों को खारिज किया है।

(धीरेश सैनी पेशे से पत्रकार हैं।)






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Sumit Saini :: - 08-10-2018
Great leader. An ordinary person but extraordinary personality. Salute.