बीएचयू में भगवा गिरोह का तांडव, पत्रकार को बनाया हमले का निशाना

निशाने पर मीडिया , , बृहस्पतिवार , 27-07-2017


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जनचौक ब्यूरो

वाराणसी। काशी हिंदू विश्‍वविद्यालय (बीएचयू) में अब पत्रकारों पर हमले शुरू हो गए हैं। गुरुवार को दिनदहाड़े परिसर के भीतर विश्‍वनाथ मंदिर पर विश्‍व हिंदू परिषद और हिंदूवादी संगठनों के कुछ गुंडों ने पत्रकार शिवदास पर हमला कर दिया। उन्‍हें बुरी तरह मारा-पीटा गया है और उनके मोबाइल से वीडियो आदि जबरन डिलीट कर दिया गया है।

घटना कुछ देर पहले की है जब हिंदूवादी संगठनों के कुछ लड़के विश्‍वनाथ मंदिर परिसर के आसपास मौजूद दुकानों से जन्‍माष्‍टमी के नाम पर पैसा वसूली कर रहे थे। वनांचल एक्‍सप्रेसनामक टेबलॉयड के पत्रकार शिवदास मौके पर मौजूद थे क्‍योंकि वे विश्‍वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से शोध भी कर रहे हैं। पत्रकारिता विभाग की बिल्डिंग मंदिर के पास ही है।

शिवदास ने वसूली करते लोगों का वीडियो शूट करने की जब कोशिश की तो उनसे उनका मोबाइल छीन लिया गया और पिटाई की गई। उन्‍होंने मीडियाविजिल को फोन पर बताया कि भारी संख्‍या में भगवा गिरोह उनके ऊपर टूट पड़ा और उनके साथ जबरदस्‍त हाथापाई की है। उन्‍होंने संदेह जताया है कि यह हमला सुनियोजित तरीके से विश्‍वविद्यालय प्रशासन की शह पर करवाया गया है।

ध्‍यान देने वाली बात है कि पिछले दिनों बीएचयू का पत्रकारिता विभाग एक दलित शिक्षिका डॉ. शोभना नर्लीकर के उत्‍पीड़न के मामले में लगातार सुर्खियों में रहा है। शिवदास डॉ. शोभना के निरीक्षण में ही अपना शोध कर रहे हैं। डॉ. शोभना की ओर से प्रो. कुमार पंकज के खिलाफ़ करायी गई एफआइआर और बाद के घटनाक्रम की खबरें वनांचल एक्‍सप्रेस के ब्‍लॉग से प्रसारित हुई थीं जिसे लेकर प्रशासन में रोष था।

शिवदास का कहना है कि चूंकि प्रॉक्‍टोरियल बोर्ड का संरक्षण हमलावरों को हासिल है, लिहाजा वहां शिकायत दर्ज कराने का भी कोई लाभ नहीं है। चूंकि उनके मोबाइल से सारे वीडियो और फोटो जबरन डिलीट कर दिए गए हैं, इसलिए एफआइआर भी अज्ञात लोगों के खिलाफ़ ही बनती है जिसका कोई नतीजा निकला संभव नहीं दिखता, हालांकि एक एफआइआर दर्ज करवाने पर वे विचार कर रहे हैं। ख़बर लिखे जाने तक वे परिसर में ही मौजूद थे।

बीएचयू में किसी पत्रकार पर हमले की भले ही यह पहली घटना हो, लेकिन उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के वक्‍त मीडिया को दिए अपने साक्षात्‍कार में खुद विश्‍वविद्यालय के कुलपति ने ऑन रिकॉर्ड वरिष्‍ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई के बारे में कहा था कि अगर वे परिसर में दिख जाएंगे तो लड़के उनकी पिटाई करेंगे। मामला उस वक्‍त प्रधानमंत्री मोदी के साथ कुलपति की विश्‍वनाथ मंदिर में दर्शन करती हुई तस्‍वीर का था। लोकसभा चुनाव के दौरान भी एक महिला पत्रकार के साथ बीएचयू में बदसलूकी की बात सामने आई थी।

 

                                                            (मीडियाविजिल से साभार)






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