महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा राष्ट्र के सामने एक बड़ी चुनौती : जसम

आंदोलन , चिंता, रविवार , 24-06-2018


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जनचौक डेस्क

झारखंड के कोचांग में नुक्कड़ नाटक दल की महिलाओं के साथ हुए बलात्कार कांड पर जन संस्कृति मंच (जसम) का निंदा प्रस्ताव व बयान

जन संस्कृति मंच झारखंड के खूंटी जिले के कोचांग में नुक्कड़ नाटक करने गईं नाटक टीम की लड़कियों के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना की निंदा करता है। यह कृत्य बेहद अमानवीय और सभ्य समाज के लिए शर्मनाक है। जिस तरह पूरे देश में महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा हो रही है वह राष्ट्र के सामने एक बड़ी चुनौती है जो भारतीय लोकतंत्र को आइना दिखाती है।

फोटो : साभार

 

निर्भया के बाद पूरे देश मे फैले महिलाओं की बेख़ौफ़ आज़ादी के आंदोलन के बाद बने कड़े कानूनों के बावजूद देश मे बलात्कार की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। आज भी कश्मीर के कठुआ और झारखण्ड के कोचांग जैसी घटनाएं घट रही हैं।

जैसे जैसे समाज मे महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है, सामाजिक,राजनैतिक जीवन मे वे खुल कर शामिल हो रही हैं और अपना मुकाम हासिल कर रही हैं वैसे वैसे पितृसत्ता की अपराधी शक्तियां उनका मनोबल तोड़ने के लिए इन घटनाओं को अंजाम दे रहीं हैं।

 

जिस तरह घटना के तुरंत बाद सरकार और पुलिस द्वारा पत्थलगड़ी आंदोलन के समर्थकों पर सीधे आरोप लगाया गया है, इस संदर्भ में भी जांच होनी चाहिए। इस घटना के जरिये समूचे पत्थलगड़ी आंदोलन पर कीचड़ उछालना किसी दूसरी साजिश की ओर इशारा करता है। यह आंदोलन आदिवासी समाज के प्राकृतिक और सामाजिक अधिकार का व्यापक आंदोलन है।जिससे रघुवर सरकार ने अवैध घोषित कर रखा है। इस आंदोलन ने झारखंड में संघ परिवार के अभियान का भी प्रत्याख्यान रचा है। वनवासी कल्याण संघ के जरिये वर्षों से संघ परिवार आदिवासियों के बीच अपनी विभाजनकारी राजनीति की पैठ बनाता रहा है। पिछले दिनों संघ प्रमुख मोहन भागवत ने वनवासी कल्याण संघ की बैठक में शामिल होकर पत्थलगड़ी का 'समाधान' खोजने का आह्वान किया था।इससे यह साबित होता है कि पत्थलगड़ी के खिलाफ साजिश चल रही है।

इसलिए नुक्कड़ नाटक दल की महिला कार्यकर्ताओं के साथ घटी इस घटना के जरिये पूरे आदिवासी समाज को बदनाम करने की कोशिश का विरोध जरूरी है। यदि अपराध को अंजाम देने वाले अपराधी पत्थलगड़ी समर्थक गांव के हों तब भी उनपर कड़ी कड़ी कार्रवाई हो लेकिन इन अपराधियों के कारण आंदोलन को बदनाम करने की छूट नहीं दी जानी चाहिए।

जसम झारखण्ड सरकार से सभी दोषियों को गिरफ्तार करने, उनपर कड़े कानूनों के तहत कार्रवाई करने और साथ ही घटना के पीछे के मंसूबे और षडयंत्र का पर्दाफाश करने की मांग करता है।

( जसम राष्ट्रीय कार्यकारिणी की ओर से महासचिव मनोज सिंह द्वारा जारी)








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