किसानों के कर्जे माफी के मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

आंदोलन , , सोमवार , 03-07-2017


farmer-protest-madras-highcourt-supremecourt-jantar-mantar-loan

जनचौक ब्यूरो

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है जिसमें उसने तमिलनाडु सरकार को किसानों के सभी ऋण माफ करने का आदेश दिया था। इसमें उसने छोटे से लेकर बड़े किसानों सबको रखा था। हाईकोर्ट ने इस साल के अप्रैल महीने में ये आदेश दिया था जब तमिलनाडु के किसान दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देने आए थे और उन्होंने केंद्र सरकार से 40 हजार करोड़ रुपये सहायता की मांग की थी।

जुलाई में राज्य सरकार ने छोटे और सीमांत किसानों का ऋण माफ कर दिया था साथ ही उसने बड़े किसानों के भी कुछ कर्जों को माफ किया था। हालांकि हाईकोर्ट ने इन धनी किसानों के भी सभी लोन को माफ करने का आदेश दिया था।

कोर्ट ने कहा था कि बैंकों द्वारा बनाए गए जमीन के मालिकाने के रजिस्टर और ऋण के रजिस्टर कोई जरूरी नहीं है कि वास्तविक जमीन मालिकाने की तस्वीर पेश करें। इस बात की पूरी संभावना है कि एक किसान केवल वही जमीन दिखाए जिसके लिए उसे ऋण की जरूरत है।

इस आदेश से 3 लाख और किसान कर्जे माफी के दायरे में आ जाते। इससे सरकार के कंधे पर पड़ने वाला बोझ 5780 करोड़ रुपये से बढ़कर 7769 करोड़ रुपये हो जाता।

इसके पहले तमिलनाडु के किसान जंतर-मंतर पर अपने कर्जे की माफी के लिए 30 दिनों तक धरना-प्रदर्शन किए थे। साथ ही उन्होंने सूखे से प्रभावित किसानों के लिए मुआवजे की भी मांग की थी। इस दौरान उन्होंने भांति-भांति तरीके से प्रदर्शन कर लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींचने के लिए मजबूर कर दिया था। इसमें सिर छिलाने से लेकर पीएमओ के सामने निर्वस्त्र होकर प्रदर्शन करने तथा खुदकुशी करने वाले अपने परिजनों की खोपड़ियों को हाथ में लेकर प्रदर्शन के कई कार्यक्रम शामिल थे। किसानों ने अपना आंदोलन तब समाप्त किया जब मुख्यमंत्री पालानीसामी ने उनसे मुलाकात की।






Leave your comment