झारखंड बचाओ, देश बचाओ पदयात्रा का दूसरा चरण समाप्त, नेताओं ने कहा- लेकर रहेंगे जमीन और रोजगार का अधिकार

आंदोलन , , रविवार , 09-12-2018


jharkhand-yatra-padyatra-jameen-employment

रिंकू यादव

झारखंड में संघर्षरत युवाओं ने ज्वलंत प्रश्नों पर जनता की सामाजिक-राजनीतिक दावेदारी को बुलंद करने के लिए पिछले दिनों  झारखंड जनतांत्रिक महासभा का गठन किया है। इस बैनर तले ऐतिहासिक व साहसिक पहलकदमी लेते हुए पहले दौर में घाटशिला से रांची तक की लगभग 200 किलोमीटर की 'झारखंड बचाओ-देश बचाओ' पदयात्रा हुई है।

अब दूसरे चरण में संथाल परगना में महगामा के शहीद भगत सिंह चौक से 1 दिसंबर से शुरु पदयात्रा लगभग 225 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए आज 9 दिसंबर को दुमका में हजारों की सभा के साथ संपन्न हुई।

दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों, मुसलमानों व महिलाओं पर बढ़ते जुल्म और संविधान व लोकतंत्र पर बढ़ते हमले, मॉब लिंचिंग, झारखंड में भूमि अधिग्रहण कानून, 2013 में संशोधन व जल-जंगल-जमीन की बलात की जा रही लूट के खिलाफ संपूर्ण झारखंड राज्य को सूखाग्रस्त घोषित करने, आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 73 प्रतिशत करने, सभी अनुबंधकर्मियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देकर समान काम के लिए समान वेतन देने सहित अन्य मांगों को लेकर 'झारखंड बचाओ-देश बचाओ पदयात्रा' चल रहा है।

इस पदयात्रा का केन्द्रीय नारा है- 'जान-जमीन व रोजगार बचाओ! आरएसएस-भाजपा मुक्त देश बनाओ!'

पदयात्रा में हर रोज सैकड़ों की संख्या में भागीदारी हुई। पदयात्रा को आम अवाम का भारी समर्थन हासिल हुआ।

पदयात्रा।

पदयात्रा के दरम्यान गांव-टोलों में बैठकों के साथ चौक-चौराहों पर नुक्कड़ सभाओं का सिलसिला जारी रहा।

दुमका शहर में समापन सभा में संथाल परगना के विभिन्न इलाकों से हजारों की तादाद में महिला-पुरुष, नौजवान-छात्र शामिल हुए। दूसरे चरण में महगामा के भगत सिंह चौक से आरम्भ होकर यह पदयात्रा पथरगामा, गोड्डा, पोड़ैयाहाट, हंसडीहा, सरैयाहाट, मोहनपुर, देवघर, देवीपुर, मधुपुर, सारठ, सोनाराय ठाड़ी, जरमुंडी, जामा, महारो होते हुए आज दुमका तक पहुंचा।

दुमका पहुंचने के बाद सिदो-कान्हू, बाबा साहेब अंबेडकर, बिरसा मुंडा, तिलका मांझी के प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया।

दुमका शहर में दुधानी चौक, टीन बाजार चौक, पोखरा चौक, डीसी चौक होते हुए मेन बाजार चौक पर पदयात्रा का समापन हुई।

'झारखंड बचाओ, देश बचाओ' पदयात्रा का पहला चरण कोल्हान में 24 से 30 अक्टूबर 2018, घाटशिला से जमशेदपुर होते हुए रांची तक पूरा किया गया था।

सभा को संबोधित करते हुए जेएनयू में सामाजिक न्याय की लड़ाई से जुड़े रहे झारखंड जनतांत्रिक महासभा के बीरेंद्र कुमार ने कहा जहां देश और झारखंड राज्य की जनता अपनी बुनियादी समस्या रोजी-रोटी व रोजगार के सवाल से जूझ रही है, वहीं केंद्र तथा झारखंड राज्य की सरकारें, भाजपा, आरएसएस, बजरंग दल, विश्व हिन्दू परिषद जैसी फासीवादी ब्राह्मणवादी ताकतें एक बार फिर से हिन्दुत्व के नाम पर धार्मिक उन्माद पैदा कर एक भय और ख़ौफ़ का माहौल पैदा करने का काम कर रही हैं। पूरे देश में गोमांस और गोरक्षा के नाम पर मुसलमानों, दलितों, आदिवासियों का मॉब लिंचिंग किया जा रहा है, बर्बर हत्या की जा रहा है। केंद्र तथा राज्य की भाजपा सरकारें जनता के रोजी-रोटी, रोजगार व शिक्षा-स्वास्थ्य के सवालों पर नाकाम साबित हुई है और जनता का इन सवालों से ध्यान भटकाने के लिए मंदिर का फिर से राग अलाप रही है। ये ताकतें आम जन व हिन्दू-मुस्लिम एकता को तोड़ना चाहती है।

उन्होंने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर के द्वारा बनाया गया संविधान दलित, पिछड़े, आदिवासी, महिलाओं को सम्मान व बराबरी के साथ गरिमापूर्ण जीवन के लिए हक़-अधिकार की गारंटी देता है। भाजपा के सांसद-विधायक इस संविधान को बदलने की बात करते हैं, जिससे साफ मालूम होता है कि वे शोषित समाज के लोगों को मिले बराबरी के हक-अधिकार को खत्म करना चाहता हैं।

सभा को संबोधित करते नेतागण।

उन्होंने कहा कि इस देश में संविधान व लोकतंत्र खतरे में है, एक तरह का अघोषित आपातकाल लगा हुआ है। सरकार की जनविरोधी नीतियों की विरोधी आवाज को बर्बरतापूर्वक तरीके से दबा देने की कोशिश हो रही है। इस पदयात्रा के माध्यम से झारखंड जनतांत्रिक महासभा पूरे देश भर में मॉब लिंचिंग बन्द करने तथा इसमें शामिल दोषियों को सजा देने की मांग करती है।

बीरेंन्द्र कुमार ने कहा कि जब से केंद्र और राज्य में भाजपा सत्ता में आयी है तब से झारखण्डी हक़ अधिकारों के कानूनों का परिवर्तन किया जा रहा है। रघुवर सरकार ने पहले सीएनटी/एसपीटी एक्ट में छेड़छाड़ करने की कोशिश किया। बाद में जनांदोलन को देखते हुए सीएनटी/एसपीटी एक्ट में छेड़छाड़ को वापस लेना पड़ा। लेकिन बाद में कॉरपोरेट लॉबी के हित में रघुवर दास ने भूमि अधिग्रहण अधिनियम कानून 2013 में संशोधन किया जिससे अब कारपोरेट को जमीन की लूट करने का खुला छूट मिल गया। अब जमीन अधिग्रहण करने के लिए ख़तियानी रैयत और ग्राम सभा की मंजूरी की भी जरूरत नहीं है जो झारखंडी हित के खिलाफ है। इस संशोधन को हमलोग वापस करने की मांग करते हैं।

पदयात्रा को समर्थन देने के लिये दुमका जिले के पारा शिक्षकों का एक समूह आया। पारा शिक्षकों ने सभी पदयात्रियों को माला पहनाकर स्वागत किया।

पदयात्रा को समर्थन देने के लिए गुजरात से इंडिजिनस आर्मी ऑफ इंडिया के संस्थापक डॉ. प्रफुल्ल वसावा एवं राज वसावा आये थे।

डॉ प्रफुल्ल वसावा ने कहा कि गुजरात हो या झारखंड, छत्तीसगढ़ हो या ओडिशा, जहां भी आदिवासी हितों का हनन होगा, हम लोगों को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। देश के एसटी, एससी,ओबीसी को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा।

राज वसावा ने कहा कि झारखंड में आदिवासी- मूलवासी का हक-अधिकार भाजपा के शासन काल में सम्भव नहीं है, इस जालिम सरकार को उखाड़ फेंकने की जरूरत है।

मेरी निशा हेम्ब्रम ने कहा कि 56 इंच की सरकार से हम महिलाएं 56 सवाल करते हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाले लोगों को पता होना चाहिए कि देश में महिलाओं के लिए पहला स्कूल सावित्री बाई फुले और शेख फातिमा ने खोला था। लेकिन भाजपा सरकार में महिलाओं के ऊपर सबसे ज्यादा खतरा बढ़ा है।

सुरेंद्र मोहली ने कहा कि झारखंड में इस साल बारिश ठीक से नहीं हुई, धान की खेती चौपट हो गयी। इधर सरकार अपने राजनीतिक फायदे के लिए एक जिला, दो जिलों को सूखाग्रस्त घोषित करने में लगी है। हम लोग मांग करते हैं कि संपूर्ण झारखंड को सुखाड़ क्षेत्र घोषित किया जाए।

दीपक रंजीत ने कहा कि झारखंड में जो स्थाई नौकरी है उसमें रघुवर सरकार बिहार, बंगाल, उत्तर प्रदेश, दिल्ली के लोगों को लाकर भर रही है और झारखंड के नौजवानों को अनुबंध पर रखा जा रहा है। और जब अनुबंधन कर्मी सरकारीकरण-स्थायीकरण की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन करते हैं तो रघुवर सरकार की पुलिस उन्हें लाठी- डंडा चलाकर दबाने का काम करती है। हम लोग मांग करते हैं कि झारखंड के तमाम अनुबंधकर्मियों का सरकारीकरण-स्थायीकरण किया जाए।

शिवेंदु कुमार ने कहा कि झारखंड सरकार ने 2001 में ST, SC, OBC का आरक्षण बढ़ाकर 50 से बढ़ाकर 73% करने की बात की थी। उस समय भी भाजपा की सरकार थी और अब भी भाजपा सरकार है। हम लोग मांग करते हैं कि SC, ST, EBC/MBC-OBC का आरक्षण बढ़ाकर 73% किया जाय।

सभा का संचालन अखिलेश कुंवर तथा धन्यवाद ज्ञापन अनूप महतो ने किया। झारखंड जनतांत्रिक महासभा की एकजुटता में इस पदयात्रा में सामाजिक न्याय आंदेलन की ओर से अंजनी और मिथिलेश विश्वास शुरु से अंत तक शामिल रहे। आज पदयात्रा में ललन प्रसाद, अनूप महतो, राजू अंसारी, अमित, अंकुर महतो, लखींद्र टुडू, मनीष, चन्दन मण्डल, मनीष जायसवाल, अरविंद किस्कु, प्रेम मार्डी, राजीव कुमार, शिव चरण टुडू, गुरु टुडू, नावेल, जॉर्ज केरकेट्टा, शंभु कुंवर आदि लोग मुख्य रूप से शामिल थे।


 








Tagjharkhand padyatra land emloyment raghuvar

Leave your comment