पंजाब में कर्ज माफी और आवारा जानवरों के सवाल पर किसान महासभा ने शुरू किया आंदोलन

आंदोलन , , बुधवार , 23-01-2019


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जनचौक ब्यूरो

किसानों की कर्ज माफी और आवारा पशुओं की समस्या सहित सात सूत्रीय मांगों को लेकर "अखिल भारतीय किसान महासभा" और उसके घटक संगठन "पंजाब किसान यूनियन" ने 22 जनवरी से पंजाब के मानसा जिला मुख्यालय पर अनिश्चित कालीन धरना शुरू कर दिया है। पहले दिन धरने की शुरुआत में 500 किसान जिला मुख्यालय पर एकत्रित हुए। उसके बाद अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कामरेड रुलदू सिंह मानसा अनिश्चित कालीन धरने पर बैठ गए। उनके साथ पंजाब किसान यूनियन के नेता करनैल सिंह, कृपाल सिंह वीर, हाकिम सिंह झुनिर, गुरुचरण सिंह कोटधर्मू भी धरने पर बैठ गए। धरना स्थल पर गांव-गांव से किसानों का आना जारी है।

राज्य की अमेन्द्र सिंह सरकार द्वारा अपने वायदे के विपरीत ज्यादातर किसानों की कर्ज माफी न करने और आत्महत्या किए किसानों के परिवारों को मुआवजा न दिए जाने को किसान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कामरेड रुलदू सिंह ने राज्य सरकार की वादाखिलाफी कहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुसार लागत में C2+ 50% मुनाफा जोड़कर फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य देने की गारंटी करे।

किसान महासभा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य कामरेड गुरुनाम सिंह ने कहा कि पंजाब का किसान आवारा जानवरों की फौज से तबाह हो गया है। उन्होंने कहा कि गो रक्षा कानून लगने के बाद पंजाब में तीन लाख अमरीकन नश्ल के आवारा सांड और गाएं हो गई हैं। इनसे किसानों की फसलों को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि इसका एक ही इलाज है कि राज्य सरकार गोरक्षा कानून हटाए। किसानों को इन्हें बेचने की इजाजत दे और पंजाब भर में फैले अमरीकन नस्ल के आवारा गोवंश को मीट प्लांटों में सप्लाई करे। उन्होंने कहा पंजाब, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्य आवारा कुत्तों की समस्या से भी परेशान हैं। ऐसी जगहों में जहां कुत्ते का मांस खाया जाता है सरकार इन्हें पकड़ कर सप्लाई करे।

पंजाब किसान यूनियन के नेता कामरेड गोरा सिंह ने कहा कि बैंक किसानों को कर्ज देते समय उनके जमीन के कागज और कोरे चैक पर हस्ताक्षर कराकर अपने पास रख लेते हैं। हमारी मांग है कि सरकार बैंकों से किसानों के हस्ताक्षर किए इन कोरे चैकों और जमीन के काग़जों को किसानों को लौटाए। पंजाब किसान यूनियन के नेता बालकरण बल्ली ने कहा कि पंजाब के लोगों को खेती और घर के लिए बिजली, पैट्रोल, डीजल व रसोई गैस आधे दाम पर मिले। उन्होंने फिरोजपुर जिले में शहीद हुए किसान बलविंदर सिंह रोमाना के परिवार को 10 लाख मुआवजा और उनके परिवार व मानसा में शहीद किसान भूरा सिंह मान के परिवार के एक-एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की।

सभा को भाकपा (माले) केंद्रीय कमेटी सदस्य कामरेड राजविंदर राणा ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अमरेंद्र सरकार भी किसान-मजदूर विरोधी नीतियों को ही राज्य में लागू कर रही है। कामरेड रुलदू सिंह ने घोषणा की कि जब तक किसानों की उपरोक्त सात मांगें नहीं मानी जाती तब तक यह धरना आंदोलन चलता रहेगा। उन्होंने 11 फरवरी को मानसा जिला मुख्यालय पर विशाल किसान रैली आयोजित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा अगर राज्य की अमरेंद्र सिंह सरकार फिर भी नहीं जागी तो आंदोलन राज्य भर में फैलाया जाएगा।

 








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