जो आपके बच्चों की मौत की तैयारी कर रहा है उसे आप अपना खैरख्वाह समझते हैं

ख़ास रपट , , सोमवार , 10-06-2019


adani-adivasi-iron-modi-protest-oxygen-naxali

हिमांशु कुमार

50 डिग्री गरमी के बाद एयरकंडीशनर काम करना बंद कर देते हैं

 52 डिग्री तापमान होने के बाद चिड़ियां मर जाती हैं

 55 डिग्री तापमान होने पर इंसान का खून उबल जाता है और इंसान मर जाता है

 सारी दुनिया में गर्मी बढ़ती जा रही है

 जंगलों को काटना इसकी सबसे बड़ी वजह है

 आप सरकार चुनते हैं ताकि सरकार जंगलों को काटने वाले लोगों पर रोक लगाए

 लेकिन अगर सरकार ही जंगल कटवाए तो तापमान को 55 डिग्री होने से कौन रोक सकता है

 हो सकता है तापमान आपकी ज़िन्दगी में इतना ना बढ़े कि आपका खून उबल जाय और आप मर जाएं

 लेकिन ऐसा आपके बच्चों के साथ ज़रूर होगा लिख लीजिए

 मोदी मुसलमानों को डरा कर रखता है आपको अच्छा लगता है

 लेकिन मोदी आपके बच्चों को खून उबलवा कर मरवा देगा

 तब मुसलमानों के डरे होने से भी आपके बच्चे को कोई फायदा नहीं होगा 

 क्योंकि बच्चा तो मर जाएगा

 अगर आप बच्चों के जिंदा रहने लायक धरती रखना चाहते हैं

 तो मुझे आपसे कुछ कहना है

 मोदी का सबसे पक्का दोस्त है अडानी

 इसने मोदी को चुनाव में पैसा दिया अपना जहाज़ भी दिया

 बदले में मोदी ने अडानी को छत्तीसगढ़ के बस्तर में एक पहाड़ दे दिया

 पहाड़ पर लाखों पेड़ हैं

 बस्तर को भारत के शरीर का फेंफड़ा कह सकते हैं

 बस्तर इतनी आक्सीज़न पैदा करता है कि आप उसकी कीमत का अंदाजा भी नहीं लगा सकते

 आक्सीज़न की कीमत का अंदाजा तो अडानी को भी होना चाहिए

 अगर कोई अडानी की नाक और मुंह सिर्फ एक मिनिट के लिए दबा कर रखे

 तो अपनी नाक मुंह छोड़ कर बस एक बार सांस लेने के लिए अडानी कितने पैसे दे सकता है

आप ठीक सोच रहे हैं अडानी एक सांस के लिए अपनी अरबों रूपये की दौलत दे सकता है

 अगर एक सांस की कीमत इतनी ज़्यादा है

 तो आपके आने वाले करोड़ों बच्चों की सांस की कीमत कितनी होगी

 रहने दीजिये हिसाब मत लगाइए क्योंकि इसका हिसाब लगाने की पढ़ाई आपको नहीं सिखाई गई है

 तो अडानी को मोदी ने बस्तर में जो पहाड़ दिया

 उस पर लाखों पेड़ लगे हुए हैं

 अडानी उस पहाड़ से लोहा खोद कर विदेशों को भेजेगा

 आदिवासी जानते हैं कि यह जंगल दुबारा नहीं लगाया जा सकता

 तो पैसा कमाएगा अडानी

 और मरेगा आपका बच्चा

 जहां लोहा खोदा जाता है वहां का पूरा इलाका बर्बाद हो जाता है

 लोग लाने ले जाने और खुदाई विस्फोट से जो धूल उड़ती है

 उससे लोगों को अस्थमा टीबी और सिलिकोसिस हो जाती है

 खदान से उठने वाली लोहे की धूल फसलों पर जम जाती है खेती करना नामुमकिन हो जाता है

 लोहे को ट्रकों में लादने से पहले धोया जाता है

 उससे नदी बर्बाद हो जाती है

 ऐसा नहीं है कि आपके बच्चों की किसी को परवाह नहीं है

 बहुत सारे लोग हैं जो आपके बच्चों की ज़िन्दगी के लिए लड़ रहे हैं

 लेकिन मोदी ने उन्हें जेल में डाल दिया है

 मोदी कहता है ये लोग मुझे मारना चाहते हैं

 सच ही कहता है मोदी

 अगर जंगल काटना बंद हो जाएगा तो मोदी को चुनाव लड़ने के लिए पैसे कौन देगा

 और अगर चुनाव के लिए पैसा ना मिले तो नेता तो मर ही जाएगा

 सुधा भारद्वाज, सोनी सोरी और अन्य अनेकों सामाजिक कार्यकर्ता जिन्होनें जंगलों की कटाई और आदिवासियों की ज़मीन ना छीनने के खिलाफ आवाज़ उठाई

 उन्हें जेलों में डाला गया, बहुतों को गोली से उड़ा दिया गया

 अभी हाल ही में मोदी के दोस्त अडानी ने बस्तर में बैलाडीला नाम के पहाड़ में दो हज़ार से ज़्यादा पेड़ काट डाले हैं

 इस साल अडानी पच्चीस हज़ार पेड़ काटेगा

 अपने खनन के लिए अडानी कई लाख पेड़ काटेगा

 वैसे तो सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सुरक्षित जंगल को किसी भी दूसरे इस्तेमाल के लिए नहीं दिया जा सकता

 लेकिन सरकार और अमीर लोग सुप्रीम कोर्ट की बात भी नहीं मानते

 बस्तर पांचवीं अनुसूची क्षेत्र है

 इस इलाके में बिना ग्राम सभा की इजाज़त के सरकार कोई काम नहीं कर सकती

 सरकार ने झूठा ग्राम सभा का कागज़ बना लिया है

 गांव की सरपंच भी पहाड़ के नीचे धरने पर बैठी है

 सरपंच यानी प्रधान का कहना है कि कोई ग्राम सभा नहीं हुई है

 पिछले दिनों आदिवासियों ने अडानी के लोगों की पिटाई करी और नक्सलियों ने जंगल कटाई में लगी हुई एक गाड़ी को जला दिया

 पिछले कई दिनों से पच्चीस हज़ार से ज़्यादा आदिवासी पहाड़ पर जाने वाली सड़क को रोक कर बैठे हैं

 वहां के एसपी अभिषेक पल्लव ने कहा है कि ये सभी आदिवासी नक्सलियों के कहने से यहां अडानी का काम रोकने आये हैं और मैं सब पर कार्रवाई करूंगा

 लेकिन मुद्दे की बात यह है कि क्या एसपी ऐसा कह सकता है

 आदिवासी तो सर्वोच्च न्यायालय और संविधान की बात मानने के लिए कह रहे हैं

 आदिवासी तो देश जंगल बचाने की बात कह रहे हैं

 और अगर कोई सही बात कह रहा है

 तो एसपी यह बिलकुल नहीं कह सकता कि क्योंकि यह लोग नक्सलियों के समर्थक हैं इसलिए मैं संविधान और सर्वोच्च न्यायालय की बात नहीं मानूंगा

 एसपी से संविधान और सर्वोच्च न्यायालय की बात मानने के लिए हर नागरिक कह सकता है

 एसपी जनता का नौकर है

 एसपी को जनता ने संविधान की रक्षा की ज़िम्मेदारी दी है

 इस तरह तो कल को एसपी यह भी कह सकता है कि मैं सिर्फ भाजपा की बात मानूंगा मैं आम आदमी पार्टी के या कम्युनिस्ट पार्टी के या कांग्रेस के लोगों की बात नहीं मानूंगा

 तो आपके बच्चों की ज़िन्दगी बचाने की लड़ाई आदिवासी लड़ रहे हैं और आप आदिवासियों को अपने विकास का दुश्मन अमीरी में रुकावट और अय्याशी भरी ज़िन्दगी का रोड़ा समझ रहे हैं

 और जो आपके बच्चों की मौत की तैयारी कर रहा है उसे आप अपना सबसे बड़ा खैरख्वाह समझे हुए हैं

 जागो भारत वासियों जागो 

(हिमांशु कुमार गांधीवादी कार्यकर्ता हैं और आजकल हिमाचल प्रदेश में रहते हैं।)

 








Tagadani adivasi iron modi oxygen

Leave your comment











Dhansingh :: - 06-12-2019

A Kumar :: - 06-11-2019
I have bene to Bastar and other Naxal affected districts in state and stayed with Adivasi families for long period. The younger generation wants the industrialization and other urban amenities. If you feel that Modi is responsible why dont yoyu ask congress government to scrap the projects. Stop this naxal propoganda.

Chetan yadav :: - 06-10-2019
Dekho ab har chij ke liye modi ji ko jimmedar mat thahrao ,gav ke log gharo me chulha jalane ke liye Jungle se pedo ki katai kar lakdi late the or chulha jalate the lekin in sab dikkato ko dekhte hue modi ji ne ujwala yojna suru kiya ,but is chij ko bhi aap jaise log smjh na ske or bolne lge gareeb parivar k paise se gas company le malik ke jeb bhar rhe ho ye kya bat hui tarakki ho rhi h use hone do roko mat...

Umesh Chandola :: - 06-10-2019
70 सालों से अपनी भूमि पर काबिज गुजरात के आदिवासियों की जमीन छीनकर तत्कालीन मुख्यमंत्री मोदी ने मारुति के नाम अलाट कर दी थी जिस पर 50 बार हाई कोर्ट गुजरात की तरफ से सरकार को बुलावा आया परंतु सरकार एक भी पेशी पर हाजिर नहीं हुई ।

Umesh Chandola :: - 06-10-2019
यह देश 80% गरीब हिन्दू मजदूरों किसानों छात्रों का नहीं है बल्कि यह देश कुछ हजार पूंजीपतियों वह भी एकाधिकारी पूंजीपतियों का है । चाहे वह देसी हो या विदेशी । हिन्दू हो , मुस्लिम ( अजीम प्रेम जी )हो या बौद्ध ( मारुति का मालिक सुजुकी ) ।देश का सबसे बड़ा मालिक है 15 लाग कार साल में बनाने ( बल्कि मजदूरों से बनवाने )वाला मारुति का हत्यारा मालिक ओसामू सुजुकी जिसके हुकुम पर यहां की सुप्रीम कोर्ट यहां कि केंद्र सरकार ,यहां के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री ( मोदी मनमोहन ) चलते हैं। उन्हीं की हुकुम पर 18 जुलाई 2012 को मजदूरों के प्रति सहानुभूति रखने वाले एचआर मैनेजर अवनीश कुमार देव की हत्या करवा दी गई । बेकसूर ढाई हजार मजदूरों ( 99 % हिन्दू )को निकलवा दिया गया । 500 परमानेंट मजदूरों की सेवाएं समाप्त कर दी गई । बिना चार्ज शीट 3 साल जेल में सडते रहे जबकि कानूनन 90 दिन में चार्जशीट पेश न होने पर स्वयं ही जमानत का प्रावधान है ।ओसामू सुजुकी के पालतू चंडीगढ़ के हाईकोर्ट के जज ने कहा था अगर मारुति के मजदूरों को जमानत दे दी तो विदेशी पूंजी निवेश प्रभावित होगा । पिछले 30 सालों में श्रम कानूनों को रौंदा जा रहा है पर किसी हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जज की आत्मा नहीं जगी न जगेगी। गारंटी है ।किसी जज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करी ।( जज लोया की जगी तो अंजाम क्या हुआ? )