पहलू खान के बाद गौरक्षकों ने अलवर में मुस्लिम युवक की जान ली

बड़ी ख़बर , नई दिल्ली, रविवार , 12-11-2017


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जनचौक डेस्क

नई दिल्ली। गौरक्षकों ने अलवर में एक 35 वर्षीय मुस्लिम युवक की गोलीमार कर हत्या कर दी है। साथ ही उसके एक दूसरे साथी को घायल कर दिया है। घटना पिछले हफ्ते शुक्रवार की है। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक शुक्रवार की शाम को उमर खान का शव रेलवे ट्रैक पर पाया गया।

बताया जा रहा है कि जब उस पर हमला हुआ उस समय वो गायों को अलवर से लेकर भरतपुर जा रहा था। खान के शव को एक सरकारी अस्पताल के शवगृह में रखा गया है। परिजनों ने शव की रविवार की सुबह पहचान की। उसके साथ के यात्री ताहिर की पड़ोसी सूबे हरियाणा के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।

उमर खान के चाचा इलियास ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि उमर खान और दो दूसरे लोग एक पिकअप ट्रक के जरिये गायें ले जा रहे थे। जैसे ही वो गोविंदगढ़ की सीमा में घुसे सात लोगों के एक समूह ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और फिर उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया। वो खुद को गौरक्षक बता रहे थे। और फिर उन्होंने उमर खान पर फायरिंग कर दी।

हालांकि पुलिस ने अंग्रेजी अखबार को कुछ दूसरी ही कहानी बतायी है। अलवर दक्षिण के सीओ अनिल बेनीवाल ने बताया कि पुलिस को शुक्रवार को सुबह 6.30 बजे गोविंदगढ़ के पास एक अकेली पिकअप गाड़ी मिली जिसके भीतर छह गायें मौजूद थीं। इसमें एक मरी हुई थी। इस पर पुलिस ने पशु क्रूरता अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर लिया है।

बेनीवाल ने बताया कि गाड़ी के पाये जाने के कुछ घंटों बाद ही रेलवे ट्रैक पर एक शव के पाये जाने की सूचना मिली। क्योंकि शव की पहचान नहीं हो सकी थी इसलिए उसे राजीव गांधी अस्पताल के शव गृह में रख दिया गया।

घटना सुनने के बाद मेव मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों लोग अलवर जिला अस्पताल के बाहर इकट्ठा हो गए और उन्होंने हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग शुरू कर दी। खान के परिवार ने पुलिस में एक शिकायत दर्ज की है जिसमें उन्होंने गौरक्षकों द्वारा खान के मारे जाने का आरोप लगाया है।

इस इलाके में ये दूसरी घटना सामने आयी है। इसके पहले पिछले साल अप्रैल में एक डेरी किसान पहलू खान की गौरक्षकों ने पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। इस मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने 29 सितंबर को आरोपियों को जमानत दे दी है।   






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