अंबेडकर जयंती पर देशभर में कार्यक्रम, मोदी ने कहा “जय भीम” तो मायावती ने उठाए सरकार की मंशा पर सवाल

जयंती पर विशेष , , शनिवार , 14-04-2018


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जनचौक स्टाफ

नई दिल्ली। संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीम राव अंबेडकर की 127वीं जयंती पर आज देशभर में कार्यक्रम हुए। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आज अंबेडकर की जन्मस्थली मध्य प्रदेश के महू पहुंचे। राष्ट्रपति कोविंद देश के पहले राष्ट्रपति हैं जो अंबेडकर जयंती पर उनकी जन्मस्थली पहुंचे। यहां बने बाबा साहेब के स्मारक पर तीन दिन का समारोह किया जा रहा है।

इसके अलावा सभी राजनीतिक दलों ने भी बाबा साहेब को अपने-अपने तरीके से याद कर श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहां देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए “जय भीम” का नारा लगाया वहीं बीएसपी प्रमुख मायावती ने उनकी मंशा पर सवाल उठाते हुए बाबा साहेब के नाम से प्रतीकात्मक कार्यों की बजाय दलित हित में वास्तविक काम करने की नसीहत दी। 

बाबा साहेब अंबेडकर के जन्मस्थान महू में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद। फोटो : साभार

आज सुबह संसद भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत अन्य नेताओं ने डॉ. अंबेडकर को श्रद्धांजलि दी। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और भारतीय जनता पार्टी के बुजुर्ग नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने भी संसद भवन पहुंचकर डॉ. अंबेडकर को श्रद्धांजलि दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज छत्तीसगढ़ के बीजापुर में कई कार्यक्रमों की शुरुआत करते हुए कहा कि कि बाबा साहेब अंबेडकर ने हमेशा पिछड़ों के लिए काम किया। आज यहां आने का मकसद बीजापुर के लोगों में विश्वास जगाना है। बाबा साहेब की वजह से मैं प्रधानमंत्री बन सका। ये साबित हो गया है कि अगर कमजोर लोगों को प्रोत्साहन मिले, तो वे आगे निकल सकते हैं।

इससे पहले उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि 'पूज्य बाबा साहब ने लाखों गरीब और समाज के हाशिये पर खड़े शोषित तबकों को आशा दी। हमारे संविधान के निर्माण के प्रयासों के लिए हम सदा उनके आभारी रहेंगे। सभी देशवासियों को अंबेडकर जयंती की शुभकामनाएं। जय भीम!'

 

 

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर लिखा, "डॉ बाबासाहेब अंबेडकर को उनकी जयंती पर मेरा नमन। उनके विचार और जीवनसंघर्ष हमें समानता, मानवीय सम्मान, बंधुत्व और सामाजिक न्याय के लिए हमारे संघर्ष में प्रेरणा देते रहेंगे।

 

 

 

उधर उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने मोदी पर निशाना साधा। अंबेडकर जयंती की शुभकामनाएं देते हुए मायावती ने आज कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीयत साफ है तो उन्हें अदालत के फैसले का इंतजार करने के बजाए एससी-एसटी अधिनियम को प्रभावी बनाने के लिए कैबिनेट की बैठक बुलाकर अध्यादेश जारी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने अगर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद अध्यादेश जारी कर दिया होता तो दलितों को भारत बंद नहीं करना पड़ता।

उन्होंने दो टूक कहा कि बाबा साहेब के नाम से योजनाएं शुरू करने और उनसे जुड़े स्मारकों के उद्धघाटन से दलितों का विकास नहीं होने वाला है।

 

वाराणसी में अपना दल के एक ग्रुप ने अंबेडकर जयंती के मौके पर “संविधान बचाओ-केंद्र सरकार हटाओ” के नारे के साथ जुलूस निकाला और जिला कचहरी पहुंचकर जिलाधिकारी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया।

गुजरात में एक बीजेपी सांसद को बाबासाहब अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने से रोक दिया गया, जिसके बाद विधायक जिग्नेश मेवानी के कुछ समर्थकों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पंजाब से भी हल्की झड़प की खबर मिली है। 

राजनीतिक दलों के अलावा आम लोगों ने भी अपने स्तर पर बाबा साहेब अंबेडकर को याद कर उनकी जयंती मनाई।

 

जंयती उत्सव के बीच डॉ. अंबेडकर की मूर्तियां टूटने की भी ख़बरें मिली हैं।

सीतापुर के साथ ग्रेटर नोएडा में बाबा साहेब की मूर्ति तोड़ी गई है। ग्रेटर नोएडा की घटना शुक्रवार की बताई जाती है, यहां रिछपाल गढ़ी में डॉ. अंबेडकर की मूर्ति तोड़ दी गई। हालात के देखते हो हुए घटना स्थल पर सुरक्षा दस्ता तैनात किया गया है। एसपी (देहात) सुनीती सिंह ने कहा है कि अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

 

इसी तरह सीतापुर में अराजक तत्वों ने अंबेडकर जी की मूर्ति तोड़ दी। हालांकि मामले में तुरंत संज्ञान लेते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन ने मूर्ति ठीक करा दी है।

 




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