बर्बरता के कृत्य छह दिसंबर को भुलाने की हो रही है साजिश

मुद्दा , नई दिल्ली, बृहस्पतिवार , 06-12-2018


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जनचौक ब्यूरो

(आज बाबरी मस्जिद शहादत की बरसी है। इस बीच सत्ता प्रतिष्ठान और उसके तरफदारों की ओर से बाबरी मस्जिद को भूलकर केवल राम मंदिर का राग अलापा जा रहा है। कोशिश की जा रही है कि उसको याद तक न किए जाए। अभी मामला देश की सर्वोच्च अदालत में है। और उस पर कोई फैसला नहीं आया है। ऊपर से निचली अदालत में उसके पूरे अस्तित्व को न केवल स्वीकार किया गया है बल्कि उसके एक हिस्से को बाकायदा उसे देने का फैसला हो चुका है। लेकिन पूरे स्थान पर अपना हक जताने के मकसद से बाबरी मस्जिद के पक्षकार ऊपरी अदालत में गए हैं। ऐसे में एक ऐसे मौके पर जब इतिहास में कोई इस तरह का ढांचा भी था उसको लोगों की जेहन से ही निकलवा देने की साजिश रची जा रही हो तब दिल्ली विश्वविद्यालय के अध्यापक अपूर्वानंद का कल कांस्टीट्यूशन क्लब में दिया गया भाषण बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। खराब पिक्चर क्वालिटी पर माफी के साथ पेश है उसके एक अंश का वीडियो-संपादक)










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