खुल गयी बीजेपी की कलई, पार्टी शासित तीन राज्यों में लागू किया बदला हुआ दलित एक्ट

बड़ी ख़बर , नई दिल्ली, मंगलवार , 17-04-2018


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जनचौक ब्यूरो

नई दिल्ली। एससी-एसटी एक्ट मामले में बीजेपी का दलित विरोधी चेहरा एक बार फिर सामने आ गया है। पहले तो सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका तब दायर की जब पूरे देश में इस एक्ट से छेड़छाड़ करने का विरोध हुआ। और अब सामने आ रही रिपोर्टों के मुताबिक बदले हुए कानून को बीजेपी की तीन राज्य सरकारों ने अपने यहां लागू कर दिया है। इनमें चुनाव वाले राज्य राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ शामिल हैं। यहां बाकायदा सर्कुलर जारी कर प्रशासन ने नये कानून को लागू करने का आदेश दिया है।

ऐसा तब हो रहा है जबकि मामला अभी कोर्ट में है और उस पूरे प्रकरण पर फिर से विचार चल रहा है। और इस पूरे मामले को लेकर 2 अप्रैल को सफल भारत बंद हो चुका है। इन राज्यों ने अपने पुलिस महकमे को नये कानून (यानि बदले कानून) को कड़ाई से लागू करने का निर्देश दिया है। जबकि बीजेपी शासित हिमाचल प्रदेश ने अनौपचारिक तरीके से आदेश को पुलिस महकमे में वितरित कर दिया है। और हरियाणा सरकार इस पर अभी कानूनी सलाह ले रही है।

इंडियन एक्सप्रेस में आयी रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस शासित पंजाब सरकार के राज्य कल्याणकारी विभाग ने इससे जुड़ी फाइल को मुख्यमंत्री के पास भेज दिया है। लेकिन अभी फाइल वहां से लौटी नहीं है। 1 अप्रैल को सरकार ने एक बयान जारी कर कहा था कि राज्य सरकार अनुसूचित जातियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और पंजाब विधानसभा ने केंद्र से इस मामले में कानूनी तौर पर दखल देने की अपील कर चुकी है।

कांग्रेस शासित चुनाव वाले कर्नाटक में भी आदेश को औपचारिक तरीके से वितरित कर दिया गया है। लेफ्ट शासित केरल अकेला राज्य है जिसने इस कानून को चुनौती दी है। यहां पुलिस चीफ ने आदेश को केवल अग्रसारित किया है। तृणमूल शासित पश्चिम बंगाल के सीआईडी के एडिशनल डीजीपी संजय बनर्जी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि “एक बार देखने के बाद ही मैं आदेश पर टिप्पणी कर सकता हूं।”

छत्तीसगढ़ सरकार ने पीएम मोदी के सूबे की यात्रा से आठ दिन पहले 6 अप्रैल को इसे लागू कर दिया था। हालांकि मुख्यमंत्री रमन सिंह की मौजूदगी में हुई बीजापुर की सभा में पीएम मोदी ने कहा था कि “आपके हकों की चिंता करना सरकार का दायित्व है”।

ऊपर से ऐसा कहा जा रहा है कि केंद्र ने भी राज्य सरकारों से कहा है कि उन्हें ऐसा कुछ नहीं करना चाहिए जिससे एससी-एसटी एक्ट कमजोर हो। सोमवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस नेता पीएल पुनिया ने कहा कि पीएम मोदी ने खुद ही इस बात का आश्वासन दिया था कि वो कानून को कमजोर करने की किसी को इजाजत नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि “बीजेपी की छत्तीसगढ़ सरकार उससे भी आगे चली गयी है और कानून को कमजोर करने वाले वर्जन को उसने लागू करना शुरू कर दिया है। ये बीजेपी के दोहरेपन, कपट और धोखे का बिल्कुल स्पष्ट उदाहरण है।”

इन राज्यों के पुलिस मुखिया इसको लेकर अब अलग-अलग बयान दे रहे हैं।

छत्तीसगढ़ एडीडीपी आर के विज जिन्होंने सभी एसपी को सर्कुलर जारी किया, ने सोमवार को कांग्रेस द्वारा सर्कुलर को सामने रखे जाने के बाद इस पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। लेकिन एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि “एक बार जब सुप्रीम कोर्ट निर्देश दे देता है तो ये सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है जिसमें मातहतों को जानकारी देने के लिए कि सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा है ये जरूरी हो जाता है। ऐसा बाल न्याय, बलात्कार और तमाम मामलों में हो चुका है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करने के लिए पुलिस प्रतिद्ध है। अगर सुप्रीम कोर्ट बदलावों पर फिर से विचार करता है तो पुलिस उसको भी आगे बढ़ाएगी।”

मध्य प्रदेश में एडीजीपी (अनुसूचित जाति) प्रज्ञा रिचा श्रीवास्तव ने रेंज, जिलों, एससी-एसटी पुलिस स्टेशनों और रेलवे पुलिस के प्रभारी अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बारे में जानकारी देकर उन्हें गाइडलाइन का पालन करने का निर्देश दिया। एक वरिष्ठ अफसर ने कहा कि इसमें किसी तरह से गाइडलाइन को अधिसूचित करने की जरूरत नहीं पड़ती है ये अपने आप कानून बन जाता है। पुलिस हेडक्वार्टर सर्कुलर जारी करने के लिए बाध्य था क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दमोह जिले में इस तरह की एक घटना हो गयी थी।

राजस्थान के एडीजीपी (नागरिक अधिकार) एमएल लाथर ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के कुछ दिनों बाद ही उनके दफ्तर ने एससी-एसटी कानून के मामलों में गाइडलाइन लागू करने वाले सभी मंडलों और जिलों की पुलिस को उससे संबंधित सर्कुलर भेज दिया था। 








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???? ?????? :: - 04-17-2018
भारतीय जनता पार्टी का सरकार इस भारत देश में दलित आदिवासियों का विनाशकारी कार्य कर रहे हैं हम सभी दलित आदिवासियों को सावधान रहने की आवश्यकता है इस भारतीय जनता पार्टी की सरकार से क्योंकि अगर सावधान नहीं रहेंगे तो हमारा बिल्कुल विनाश हो जाएगा और ब्राह्मणवादी ही केवल राज्य चलेगा