सीएनएन ने किया अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप पर मुकदमा

विवाद , नई दिल्ली, मंगलवार , 13-11-2018


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जनचौक ब्यूरो

नई दिल्ली। अमेरिकी समाचार चैनल सीएनएन ने वहां के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के प्रशासन पर मुकदमा कर दिया है। यह मुकदमा पिछले दिनों हुई अमेरिकी राष्ट्रपति की प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रपति प्रशासन के कर्मचारी ने सीएनएन के पत्रकार जिम अकोस्टा के साथ दुर्व्यवहार किया था, उसके लिए किया गया है। वॉशिंगटन डीसी की डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में दायर इस मुकदमे में कहा गया है कि ट्रंप प्रशासन ने उनके पत्रकार जिम अकोस्टा के साथ दुर्व्यवहार किया और उनसे माइक छीनने की कोशिश की। बजाय इसके कि ट्रंप प्रशासन उस इंटर्न को हटाए, जिम अकोस्टा का वाइट हाउस का प्रेस पास छीन लिया गया। मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि ट्रंप प्रशासन की यह हरकत अमेरिकी राइट्स ऑफ फ्रीडम ऑफ प्रेस के पहले अमेंडमेंट और राइट टू ड्यू प्रॉसेस के पांचवे अमेंडमेंट का सीधा उल्लंघन है। 

इसके साथ ही डिस्ट्रिक्ट जज से मांग की है कि ह्वाइट हाउस ने जिम अकोस्टा का जो पास रद्द करने का आदेश दिया है, उसे तत्काल खारिज किया जाए। मामले का नोटिस ह्वाइट हाउस को भेज दिया गया है। अभी इस मामले में ह्वाइट हाउस की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। मुकदमे में समाचार चैनल सीएनएन ने आरोप लगाया है कि जिस तरह की हरकत ह्वाइट हाउस प्रशासन ने भरी पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में की, इससे उन सभी पत्रकारों पर खतरा मंडराने लगा है, जो देश के चुने हुए प्रतिनिधियों को कवर करते हैं। 

इसी महीने यानी नवंबर की शुरुआत में अमेरिकी सीनेट के लिए हुए चुनाव के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप पत्रकारों से उलझ गए थे। ह्वाइट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों के बहस करने से गुस्साए ट्रंप ने एक रिपोर्टर को 'असभ्य और क्रूर' कहने लगे, जबकि सीएनएन के पत्रकार जिम अकोस्टा पर नस्लीय सवाल करने का आरोप लगाने लगे थे।

जिम ने ट्रंप से केंद्रीय अमेरिका के प्रवासियों से संबंधित सवाल पूछा जो अमेरिका की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने पूछा कि जब प्रवासी सीमा से हजारों किलोमीटर दूर हैं तो यह आक्रमण कैसे हो सकता है? ट्रंप ने कहा कि उनके और जिम अकोस्टा के विचारों में अंतर है और वह इसे आक्रमण मानते हैं। इसके बाद अकोस्टा ने ट्रंप और रूस के संबंधों को लेकर चल रही जांच का भी सवाल किया।

इस पर ट्रंप ने उनसे माइक रखने को कहा। इस बीच एक ह्वाइट हाउस की इंटर्न ने अकोस्टा से माइक छीनने की कोशिश की और इस बीच अकोस्टा का हाथ उन्हें छू गया। इसके बाद ट्रंप ने जिम अकोस्टा से बोले कि तुम बेहद बदतमीज इंसान हो और सीएनएन को तुम्हारे ऊपर शर्म आनी चाहिए। इसके बाद काफी हंगामा हुआ और ह्वाइट हाउस ने जिम अकोस्टा का प्रेस पास इंटर्न से गलत व्यवहार को आधार बनाते हुए निलंबित कर दिया।

वहीं ह्वाइट हाउस की प्रेस सेक्रेट्री सारा सैंडर्स ने मामले का टैंपर्ड वीडियो ट्विटर पर पोस्ट करके अपने इंटर्न का पक्ष लिया। कुछ देर में ही पता चल गया कि सारा सैंडर्स ने मामले का टैंपर्ड वीडियो ट्विटर पर अपलोड किया था। इसके बाद से ह्वाइट हाउस की पूरे अमेरिका में आलोचना तो हो ही रही है, दुनिया भर में प्रेस की आजादी और लोकतांत्रित मूल्यों में आस्था रखने वालों में भी यह भर्त्सना का पात्र बनता जा रहा है।

लेकिन ऐसे में, जबकि पूरी दुनिया में कॉरपोरेट पैसों से चलने वाले चैनलों ने सरकारों के आगे घुटने टेक दिए हैं, जब फेसबुक और गूगल जैसे सोशल मीडिया जायंटों ने सरकारों से हर चीज पर सौदा कर लिया है, सीएनएन चैनल का अपने पत्रकार के लिए दुनिया के सबसे ताकतवर इंसान पर मुकदमा किया जाना निश्चित ही इतिहास बनाने वाला है। मामले की सुनवाई की अभी तारीख नहीं लगी है। जैसे ही तारीख लगती है, खबर में अपडेट कर दिया जाएगा। 








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