शुरू हो गया खेल! सारण इलाके में स्ट्रांग रूम के पास पकड़ी गयी ईवीएम से भरी गाड़ी

बड़ी ख़बर , नई दिल्ली, सोमवार , 20-05-2019


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जनचौक ब्यूरोे

नई दिल्ली। शायद खेल शुरू हो गया है। जिस बात की आशंका जतायी जा रही थी वही हो रहा है। जानकारों के एक हिस्से का कहना था कि एग्जिट पोल के जरिये ज्यादा सीटें दिखाने के पीछे मकसद जनता को मानसिक रूप से पहले से तैयार करना है। और फिर इस बीच तीन दिनों के भीतर जगह-जगह स्ट्रांग रूम में ईवीएम घुसा कर उन आंकड़ों को पूरा करने की कोशिश की जाएगी। इसकी एक झलक बिहार में देखने को मिली है। अब से करीब आधा घंटा पहले राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के आधिकारिक ट्विटर एकाउंट से कुछ तस्वीरें जारी की गयी हैं। जिसमें एक जीप में ईवीएम मशीनें रखी हुई हैं। जीप प्राइवेट है। बताया जा रहा है कि यह गाड़ी स्ट्रांग रूम में किसी भी तरीके से घुसने की फिराक में थी। यह घटना सारण इलाके की है। और आप को बता दें कि यहां के स्ट्रांग रूम में सारण और महाराजगंज की ईवीएम रखी गयी हैं। 

ट्वीट में बताया गया है कि “अभी-अभी बिहार के सारण और महाराजगंज लोकसभा क्षेत्र स्ट्रोंग रूम के आस-पास मँडरा रही EVM से भरी एक गाड़ी जो शायद अंदर घुसने के फ़िराक़ में थी उसे राजद-कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने पकड़ा। साथ मे सदर BDO भी थे जिनके पास कोई जबाब नही है। सवाल उठना लाजिमी है? छपरा प्रशासन का कैसा खेल??” अगर ये आरोप सही हैं और घटना भी सही है। तो यह पूरा वाकया कई सवालों को जन्म दे रहा है। मसलन इतनी सारी ईवीएम आई कहां से? और इस तरह से खुलेआम कैसे घूम रही हैं। और ऊपर से कोई बड़ा अफसर उसके साथ कैसे हो सकता है? चुनाव आयोग की तरफ से अभी तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है। लेकिन इस घटना ने लोगों द्वारा अभी तक उठायी जा रही तमाम आशंकाओं की पुष्टि कर दी है। 

इसके पहले एक पोर्टल ने तकरीबन 2 लाख ईवीएम मशीनों के गायब होने की खबर चलायी थी। लेकिन उसका न तो किसी ने संज्ञान लिया और न ही उस पर कोई बात आगे बढ़ी। लेकिन अब जबकि इस तरह की घटना सामने आयी है तो उस खबर की प्रासंगिकता और बढ़ गयी है।








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