राफेल मामले में पकड़ा गया केंद्र का झूठ, ओलांदे ने कहा-मोदी सरकार ने सुझाया था रिलायंस का नाम

बड़ी ख़बर , नई दिल्ली, शनिवार , 21-09-2018


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जनचौक ब्यूरो

नई दिल्ली। एक सनसनीखेज खुलासे में फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांकोइस ओलांदे ने कहा है कि राफेल सौदे में पार्टनरशिप के लिए डसाल्ट ने सीधे अनिल अंबानी से संपर्क नहीं किया था। बल्कि भारत सरकार ने उनका नाम सुझाया था। फ्रांस के पास उनके अलावा कोई दूसरा विकल्प मौजूद नहीं था। इसके साथ ही मोदी सरकार का झूठ सामने आ गया है जिसमें पहले उसका कहना था कि अनिल अंबानी के साथ डसाल्ट की पार्टनरशिप से उसका कुछ लेना-देना नहीं है। उसके मुताबिक डसाल्ट ने सीधे अंबानी से संपर्क किया था।

ओलांदे ने फ्रांस की एक वेबसाइट मीडियापार्ट डॉट एफआर को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि “हम लोगों के पास उसमें कुछ करने के लिए नहीं था। ये भारत सरकार थी जिसने इस सेवा समूह (रिलायंस) का नाम प्रस्तावित किया और वो डसाल्ट था जिसने अंबानी के साथ समझौता किया। हमारे पास विकल्प नहीं था। हमने उस मध्यस्थ को लिया जिसे हमें मुहैया कराया गया।”

इसके साथ ही ओलांदे ने इंडियन एक्सप्रेस की उस रिपोर्ट पर भी अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की जिसमें अंबानी के रिलायंस इंटरटेनमेंट ने एक फ्रांसीसी फिल्म टाउट ला हाट को उनकी पार्टनर जूली गायेट के साथ मिलकर फिल्म प्रोड्यूस किया था। उन्होंने कहा कि “इसी वजह से दूसरी तरफ इस समूह (रिलायंस) ने किसी चीज के लिए किसी तरह का मुझे धन्यवाद नहीं दिया। जूली गायेट की फिल्म के साथ किसी तरह के किसी जुड़ाव की मैं कल्पना भी नहीं कर सकता।”

दिल्ली स्थित फ्रांस के दूतावास ने ओलांदे के इस बयान पर कुछ भी प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया है। यहां तक कि इस पर अभी तक रिलायंस की तरफ से भी कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है। 

जबकि रक्षा मंत्रालय के ट्विटर अपडेट में कहा गया है कि “फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति ओलांदे के भारत सरकार द्वारा किसी खास कंपनी के साथ डसाल्ट एविएशन को पार्टनरशिप करने के लिए मजबूर करने के बयान का संज्ञान लिया गया है। यहां एक बार फिर दोहराया जाता है कि व्यवसायिक फैसले में न ही भारत सरकार और न फ्रांस सरकार की कोई भूमिका है।”

जैसा कि पहले ही इंडियन एक्सप्रेस रिपोर्ट कर चुका है कि 24 जनवरी 2016 को रिलायंस इंटरटेनमेंट ने गायेट की कंपनी रोग्यू इंटरनेशनल के साथ संयुक्त रूप से एक फ्रांसीसी फिल्म प्रोड्यूस करने की घोषणा की थी। इसके दो दिन बाद ही पीएम नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति ओलांदे के साथ 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के समझौते पर हस्ताक्षर किया था।

ओलांदे ने माडिया पार्ट को बताया कि भारत दौरे के दौरान उन्हें गायेट के साथ फिल्म बनाने की घोषणा के बारे में कुछ नहीं पता चल पाया था। जैसा कि वो सरकारी मसलों में व्यस्त थे। मीडिया पार्ट के मुताबिक फिल्म का बजट 10 मिलियन यूरो था जिसमें रिलायंस द्वारा 3 मिलियन यूरो देने का प्रस्ताव था। बाद में ये घटकर 1.6 मिलियन हो गया था।

इस खबर के आने के साथ ही भारतीय राजनीति में भूचाल आ गया है। और विपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला शुरू कर दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि “पीएम ने व्यक्तिगत रूप से राफेल डील को बंद दरवाजे के भीतर बदला और उसे अंजाम दिया। फ्रांकोइस ओलांदे को धन्यवाद अब हम जानते हैं कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से दिवालिया अनिल अंबानी के साथ अरबों डालर की डील को संपन्न किया। उन्होंने हमारे सैनिकों के खून का अपमान किया है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने भी इस पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है उन्होंने कहा कि “श्री ओलांदे की प्रतिक्रिया में सरकार अब नया झूठ सामने रखेगी।”

उन्होंने कहा कि हमने कोई लड़ाकू विमान नहीं हासिल किए बल्कि हमें सिर्फ और सिर्फ झूठ मिला है। अब कुछ नये झूठ और होंगे जिन्हें सरकार ओलांदे की प्रतिक्रिया में हमारे सामने पेश करेगी।

आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने भी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि डील से संबंधित बातों को छुपा कर सरकार देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रही है।










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