निशाने पर संविधान! चल रही है बड़े हमले की तैयारी: शशि थरूर

बड़ी ख़बर , नई दिल्ली, शनिवार , 10-02-2018


india-constitution-attack-bjp-rss-modi-parliament-two-third

जनचौक ब्यूरो

नई दिल्ली। बीजेपी सरकार देश के संविधान पर एक बड़े हमले की तैयारी में है। संसद के दोनों सदनों में बहुमत हासिल करने भर की देर है पार्टी उस दिशा में आगे बढ़ जाएगी। ये बात कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस के साथ बातचीत में कही है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हिंदू राष्ट्र बनाने के प्रयास में कश्मीर में लगी धारा-370 और सेकुलरिज्म को भी निशाना बनाया जाएगा।

थरूर का मानना है कि बीजेपी के इस हमले को रोकने के लिए अगले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और उसके जैसे सेकुलर दलों को एक साथ एक प्लेटफार्म पर आना चाहिए। उन्होंने कहा कि यहां तक कि वामपंथी पार्टियां भी चुनाव के बाद अगर जरूरी हुआ तो साथ आ सकती हैं।

थरूर ने कहा कि “मेरा मानना है कि उनके बहुत सारे एजेंडे उस दिन का इंतजार कर रहे हैं जब संसद के दोनों सदन उनके नियंत्रण में होंगे। और एक बार वो बहुमत हासिल करने में सफल हो जाते हैं तो आप निश्चित तौर पर संविधान के ऊपर एक बड़ा हमला देखेंगे। तब सवाल ये उठेगा कि क्या सुप्रीम कोर्ट अपने बुनियादी ढांचे के सिद्धांत पर खड़ा रहेगा और समानता के सिद्धांत, धर्म की स्वतंत्रता, पूजा करने की स्वतंत्रता आदि चीजों को शामिल कर उसे इस तरह से व्याख्यायित करेगा जिससे संविधान को एक धर्म से प्रेरित बहुमतवाद के एक दस्तावेज में सीमित करना किसी के लिए असंभव हो जाए। ”

उन्होंने याद दिलाते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के शासन के दौरान एनडीए की सरकार में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज एमएन वेंकटचलैया के नेतृत्व में संविधान की एक समीक्षा समिति का गठन किया गया था। लेकिन उसने हिंदू राष्ट्र के विचार पर काम नहीं किया।

लेकिन थरूर ने कहा कि मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक आरएसएस के विचारक गोविंदाचार्य के नेतृत्व में ऐसा लगता है कि एक कमेटी इस पर काम कर रही है। जिसे कभी किसी ने चुनौती भी नहीं दी। इस सिलसिले में गोविंदाचार्य ने कुछ पत्रकारों से बात भी की है।

“वो कहते हैं कि समाजवाद, सेकुलरिज्म इन सबको खत्म होना है। अगर वो इस तरह के किसी प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं, तो मेरा मानना है कि इसको लेकर वो काफी गंभीर हैं। वो शायद ऐसा सोच रहे हैं कि पहले कार्यकाल में इसका खुलासा करना बहुत जोखिम भरा हो सकता है जब तक कि राज्यसभा में उनके पास बहुमत नहीं होता है।”

थरूर का कहना था कि “इसलिए मेरा मानना है कि वो दोनों सदनों में दो तिहाई बहुमत जुटा लेंगे और उसके बाद ‘हत्या’ के लिए निकलेंगे। इसको लेकर वो सच में आशावान हैं और शायद अव्यवहारिक सीमा तक आशावान हैं। बजाय इसके कि पहले ही युद्ध में कूद पड़ें और हार जाएं।”

इस बीच उन्होंने कहा कि बीजेपी ने तीन तलाक विधेयक जैसे कुछ रिहर्सल भी किए हैं। जिसमें मुद्दे को अकेले आगे ले जाने का रास्ता था। जिसमें उनका मानना था कि ये उनके हार्डकोर आधार को और मजबूत करेगा और उसी समय धार्मिक महत्व के मुद्दे पर उनकी ताकत की भी परीक्षा हो जाएगी।

थरूर का कहना था कि “लेकिन एक बार वो दोनों सदनों में दो तिहाई बहुमत हासिल कर लेते हैं, तो मेरा मानना है कि कश्मीर पर धारा-370 समेत संविधान....हिंदू राष्ट्र की अवधारणा पर, समाजवाद, सेकुलरिज्म ये सभी कूड़ेदान में चले जाएंगे। इस बारे में किसी को थोड़ा भी संदेह नहीं होना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि मैं इस बात को लेकर अचरज में हूं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं जनसंघ नेता दीन दयाल उपाध्याय की विचारधारा ऐसी है जिसके पीछे सत्तारूढ़ पार्टी को चलना चाहिए। गौरतलब है कि ये वही उपाध्याय हैं जिन्होंने कहा था कि संविधान को फाड़ कर फेंक देना चाहिए। इसमें सारे विचार आयातित हैं।

थरूर का कहना है कि उसी समय प्रधानमंत्री संविधान सबसे पवित्र किताब बताते हैं।

ये पूछे जाने पर कि क्या मोदी के पास सबसे बड़ा पद होने के नाते क्या उन्हें ये विचार नहीं रखना चाहिए कांग्रेस नेता ने कहा कि “ये भयंकर बात होगी, अगर प्रधानमंत्री ये कहते कि ‘उपाध्याय की बहुत सारी चीजों का मैं प्रशंसक हूं लेकिन संविधान के मामले में उनके विचार से इत्तफाक नहीं रखता हूं।’”

उनके द्वारा लिखी गयी किताब ‘ह्वाई आई एम ए हिंदू’ के संदर्भ में थरूर से जब ये पूछा गया कि क्या वो इस बात को पसंद करेंगे कि उनकी पार्टी बीजेपी के खिलाफ हिंदूवाद और हिंदुत्व के बारे में उन्होंने जो लिखा है उस लाइन के हिसाब से लड़े। तो उन्होंने कहा कि वो इस पर बहुत ज्यादा जोर देना पसंद नहीं करेंगे। क्योंकि हिंदूवाद अंदर से बहुत मजबूत है।

“दूसरे शब्दों में जब हम इस तरह से व्यवहार कर रहे होते हैं कि हम अच्छे लोग हैं जो अकेले में पूजा करते हैं लेकिन अपनी आस्था का सार्वजनिक प्रदर्शन करना उचित नहीं मानते हैं। वो ऐसे लोग हैं जो आडंबरपूर्ण तौर पर धार्मिक हैं और अपने मतदाताओं से कहते हैं हम आप की तरह से हिंदू हैं और आप को हमें वोट करना चाहिए और दूसरे धर्महीन सेकुलरिस्ट हैं।”

ये पूछे जाने पर कि फिर राहुल गांधी के गुजरात में मंदिरों में जाने को वो किस तरीके से परिभाषित करेंगे। उन्होंने कहा कि वो कह रहे हैं वो मंदिर जाते हैं तो हम भी मंदिर जाते हैं। इसलिए इस मुद्दे को यहीं बराबर कर देते हैं। और अब आइये विकास के बारे में बात करते हैं। आइये इस बारे में बात करते हैं कि बीजेपी के पांच सालों के शासन में क्या आप के जीवन में बेहतरी आयी है।

थरूर ने कहा कि आखिर में सबसे प्रमुख राजनीतिक बहस इस पर होनी चाहिए कि पांच साल पहले इन्होंने जो वायदे किए थे वो पूरे हुए या नहीं।

  

 






Leave your comment











Vishwesh Rajratnam :: - 02-12-2018
शशि थरूर की भविष्यवाणी से इत्तेफाक रखता हूं। BJP का जो छिपा एजेंडा है वही बाद में खुलकर सामने आएगा

Sudip Kumar sinha :: - 02-11-2018
Tharoor ji ne Jo kaha uska relevance aab nahi relavence aab is baat ka hona chaahiye ki inko parent organization RSS ki vichaardhara Jo ki AKHAND BHARAT ki baat karti hai waha baaki desho Jo ki aab AKHAND bharat ka hissa nahi hai unn desho me rahne waale peoples and unke adhikaaro ka ye kaha karne waale hai Ceylon se Afghanistan ,phir WO chaahe Bangladeshi ho yaa rohingiya yaa phir afgaani are they really pursuing this far sighted move or they just trying to put this plan under warp just to avoid more criticism ,this plan itself shows their undemocratic mindset as well as their complete devotion to parent organization not to the Indian constitution ,and if so then ho they are different from naxcells they also don't believe in out constitution why every government knows that what about them ?