लिंचिंग के दोषियों का अभिनंदन करने पर पूर्व नौकरशाहों ने मांगा मंत्री जयंत सिन्हा से इस्तीफा

पहली ख़बर , नई दिल्ली, मंगलवार , 10-07-2018


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जनचौक ब्यूरो

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा द्वारा अलीमुद्दीन की बर्बर तरीके से लिंचिंग के सजायाफ्ता दोषियों का समर्थन करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पूर्व नौकरशाहों के एक समूह ने इस हरकत के लिए इस्तीफा देने या फिर उनको बर्खास्त करने की मांग किया है। 

गौरतलब है कि पिछले साल 29 जून को अलीमुद्दीन अंसारी की बर्बर तरीके से लिंचिंग के जरिये रामगढ़ में हत्या कर दी गयी थी। इस मामले में 11 लोगों को सजा हुई थी। उन्हीं में से सजायाफ्ता 8 लोगों को जमानत मिली है। सिन्हा ने पिछली शनिवार को जेल से छूटने के बाद माल्यार्पण कर उन्हीं लोगों का स्वागत किया था।

50 नौकरशाहों के इस समूह ने अपने हस्ताक्षर के साथ जारी पत्र में कहा है कि उनका समूह पिछले एक साल से उन घटनाओं को चिन्हित कर रहा है जहां सरकार नागरिकों को सुरक्षा मुहैया कराने की अपनी ड्यूटी में नाकाम हो रही थी। उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार के वरिष्ठ सदस्यों द्वारा घृणित अपराधों में सजायाफ्ता लोगों का खुलेआम समर्थन करना उन नौकरशाहों को गलत संदेश देता है जो नागरिकों के जीवन और उनकी स्वतंत्रता की रक्षा में विश्वास करते हैं।

हस्ताक्षरकर्ताओं ने कहा है कि समूह के लिए मौजूदा घटना इसलिए बेहद परेशान करने वाली है क्योंकि इसको एक केंद्रीय मंत्री ने अंजाम दिया है। हालांकि बयान में कानूनी प्रक्रिया के सम्मान का हवाला दिया गया है। और कहा गया है कि लिंचिंग के सजायाफ्ता दोषियों को उसको हासिल करने का पूरा अधिकार है। लेकिन एक मंत्री द्वारा उनका इस तरह से स्वागत किया जाना जैसे वो स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारी हों, कतई स्वीकार्य नहीं है। इसमें ये भी कहा गया है कि चौतरफा आलोचना होने के बाद सोशल मीडिया पर आयी उनकी सफाई कोई मायने नहीं रखती है।

बयान में कहा गया है कि मंत्री को हत्या के दोषियों के साथ सहानुभूति रखने वाले अपने इस घृणित्य कृत्य के लिए तत्काल माफी मांगनी चाहिए।

नौकरशाहों ने पत्र में कहा है कि “हम पूरी मजबूती के साथ उनकी उस हरकत की निंदा करते हैं जो भारत के संविधान और कानून के शासन की अवमानना के बराबर है और जिसका पालन करना उनकी जिम्मेदारी बनती है।”

समूह का कहना है कि सिन्हा की इस कार्यवाही का दूरगामी संदेश ये है कि किसी के भी पास अल्पसंख्यकों की हत्या का लाइसेंस है और जो इस तरह के किसी अपराध का आरोपी है उसका वित्तीय, कानूनी और राजनीतिक हर लिहाज से उत्साहपूर्वक सहयोग और समर्थन किया जाएगा।

नौकरशाहों ने इस सिलसिले में दादरी में आरोपी के शव को तिरंगे में लिपटाने, कठुआ में गैंगरेप के आरोपियों के पक्ष में मंत्रियों द्वारा तिरंगा लेकर जुलूस निकालना और राजसमुंद के बर्बर हत्या के मामले का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि कानून के शासन की अवमानना का खेल सत्तारूढ़ दल और उसके सदस्यों द्वारा बदस्तूर जारी है।

नौकरशाहों का कहना है कि पहले जब इस तरह के पक्षपातपूर्ण रवैये के खिलाफ आवाज उठायी जाती थी तो केंद्र सरकार सुविधा के हिसाब से कानून और व्यवस्था को राज्य का मामला बता कर अपना पल्ला झाड़ लेती थी। इसके बावजूद कि इनमें से ज्यादातर राज्य उसी पार्टी द्वारा शासित हैं जिसकी केंद्र में सरकार है। लेकिन अब इस मामले में सीधे एक केंद्रीय मंत्री शामिल है। जिसमें अभियुक्तों को उसकी अपनी ही पार्टी की सरकार ने सजा दिलाकर आरोपियों को न्याय के कठघरे में खड़ा किया है। ऐसे में नौकरशाह इस बात को जानना चाहते हैं कि इस मसले पर भारत सरकार का क्या रुख होगा?

नौकरशाहों ने कहा कि “हम तत्काल श्री जयंत सिन्हा के केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफे/बर्खास्तगी और उस पार्टी से जिसका वो  प्रतिनिधित्व करते हैं हत्या के सजायाफ्ता दोषियों के प्रति सहानुभूति रखने के लिए भारत की जनता से माफी की मांग करते हैं।”

इसके साथ ही उन्होंने सिविल सेवा में मौजूद अपने सहयोगियों से कानून के शासन का पूरी दृढ़ता के साथ पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि ऐसे शक्तिशाली और प्रभावशाली समूहों की कार्रवाइयों से प्रभावित होने की जरूरत नहीं है जो बहुल संस्कृति वाले हमारे समाज में नफरत और घृणा का विष फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।

हस्ताक्षर करने वालों में निम्न लोग शामिल हैं:

1. Salahuddin Ahmad IAS (Retd.) Former Chief Secretary,

Govt. of Rajasthan

2. G. Balachandhran IAS (Retd.) Former Additional Chief

Secretary, Govt. of West Bengal

3. Vappala Balachandran IPS (Retd.) Former Special Secretary,

Cabinet Secretariat, GoI

4. Gopalan Balagopal IAS (Retd.) Former Special Secretary,

Govt. of West Bengal

5. Chandrashekhar Balakrishnan IAS (Retd.) Former Secretary, Coal, GoI

6. Dr. Pradip Bhattacharya IAS (Retd.) Former Additional Chief

Secretary, Govt. of West Bengal

7. Meeran C Borwankar IPS (Retd.) Former DGP, Bureau of

Police Research and Development, GoI

8. Sundar Burra IAS (Retd.) Former Secretary, Govt. of

Maharashtra

9. Kalyani Chaudhuri IAS (Retd.) Former Additional Chief

Secretary, Govt. of West Bengal

10. Anna Dani IAS (Retd.) Former Additional Chief

Secretary, Govt. of Maharashtra

11. Vibha Puri Das IAS (Retd.) Former Secretary, Ministry of

Tribal Affairs, GoI

12. Nareshwar Dayal IFS (Retd.) Former Secretary, Ministry of

External Affairs and High Commissioner to the United Kingdom

13. Keshav Desiraju IAS (Retd.) Former Health Secretary, GoI

14. M.G. Devasahayam IAS (Retd.) Former Secretary, Govt. of Haryana

15. Sushil Dubey IFS (Retd.) Former Ambassador to Sweden

16. Tuktuk Ghosh IAS (Retd.) Former Special Secretary

and Financial Adviser, Ministry of Road Transport & Highways, Shipping & Tourism, GoI

17. Meena Gupta IAS (Retd.) Former Secretary, Ministry of

Environment & Forests, GoI

18. Ravi Vira Gupta IAS (Retd.) Former Deputy Governor,

Reserve Bank of India

19. Wajahat Habibullah IAS (Retd.) Former Secretary, GoI and

Chief Information Commissioner

20. Sajjad Hassan IAS (Retd.) Former Commissioner

(Planning), Govt. of Manipur

21. Dr. M.A. Ibrahimi IAS (Retd.) Former Chief Secretary

(rank), Govt. of Bihar

22. Kamal Jaswal IAS (Retd.) Former Secretary,

Department of Information Technology, GoI

23. Ajai Kumar Indian Forest

Service (Retd.)

Former Director, Ministry of Agriculture, GoI

24. Arun Kumar IAS (Retd.) Former Chairman, National

Pharmaceutical Pricing Authority, GoI

25. Brijesh Kumar IAS (Retd.) Former Secretary,

Department of Information Technology, GoI

26. Harsh Mander IAS (Retd.) Govt. of Madhya Pradesh

27. Lalit Mathur IAS (Retd.) Former Director General, National Institute of Rural Development, GoI

28. Aditi Mehta IAS (Retd.) Former Additional Chief

Secretary, Govt. of Rajasthan

29. Sonalini Mirchandani IFS (Resigned) GoI

30. Deb Mukharji IFS (Retd.) Former High Commissioner

to Bangladesh and Ambassador to Nepal

31. Nagalswamy IA&AS (Retd.) Former Principal Accountant

General, Tamil Nadu & Kerala

32. Sobha Nambisan IAS (Retd.) Former Principal Secretary

(Planning), Govt. of Karnataka

33. Amitabha Pande IAS (Retd.) Former Secretary, Inter-State

Council, GoI

34. Niranjan Pant IA&AS (Retd.) Former Deputy Comptroller &

Auditor General of India

35. Alok Perti IAS (Retd.) Former Secretary, Ministry of

Coal, GoI

36. T.R. Raghunandan IAS (Retd.) Former Joint Secretary,

Ministry of Panchayati Raj, GoI

37. N.K. Raghupathy IAS (Retd.) Former Chairman, Staff

Selection Commission, GoI

38. M.Y. Rao IAS (Retd.)

39. Julio Ribeiro IPS (Retd.) Former Adviser to Governor

of Punjab & Ambassador to Romania

40. Aruna Roy IAS (Resigned)

41. Manabendra N. Roy IAS (Retd.) Former Additional Chief

Secretary, Govt. of West Bengal

42. Deepak Sanan IAS (Retd.) Former Principal Adviser

(AR) to Chief Minister, Govt. of Himachal Pradesh

43. Umrao Salodia IAS (Retd.) Former Chairman, Rajasthan Road Transport Corporation, Govt. of Rajasthan

44. N.C. Saxena IAS (Retd.) Former Secretary, Planning

Commission, GoI

45. Ardhendu Sen IAS (Retd.) Former Chief Secretary,

Govt. of West Bengal

46. Abhijit Sengupta IAS (Retd.) Former Secretary, Ministry of

Culture, GoI

47. Aftab Seth IFS (Retd.) Former Ambassador to

Japan

48. Raju Sharma IAS (Retd.) Former Member, Board of

Revenue, Govt. of Uttar Pradesh

49. Jawhar Sircar IAS (Retd.) Former Secretary, Ministry of

Culture, GoI, & CEO, Prasar Bharati

50. Ramani Venkatesan IAS (Retd.) Former Director General,

YASHADA, Govt. of Maharashtra

  










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