प्रोफेसर संजय के बाद महात्मा गांधी विश्वविद्यालय में अब एक छात्र बना फासिस्ट गुंडों के बर्बर हमले का निशाना

बड़ी ख़बर , नई दिल्ली, बृहस्पतिवार , 13-09-2018


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जनचौक ब्यूरो

नई दिल्ली। बिहार के मोतिहारी में स्थित महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय में एक और बर्बर और हिंसक हमले की खबर आ रही है। बताया जा रहा है कि विश्वविद्यालय के ही एक छात्र शक्ति बाबू पर कुछ गुंडों ने हमला किया है। ये घटना आज तकरीबन 2 बजे उस समय हुई जब शक्ति बाइक से कहीं जा रहे थे। तभी रास्ते में उनकी बाइक रोक कर गुंडों ने उन पर हमला कर दिया। विश्वविद्यालय के टीचर्स एसोसिएशन के संयुक्त सचिव मृत्युंजय के हवाले से आई एक पोस्ट में इसकी जानकारी मिली।

मृत्युंजय के मुताबिक शक्ति बाबू ने न केवल विश्वविद्यालय के भ्रष्ट कुलपति अरविंद अग्रवाल के भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया था बल्कि उन्होंने जेएनयू से पढ़े और अब यहां प्रोफेसर हो गए संजय कुमार के ऊपर हुए हमले का भी कड़ा प्रतिरोध किया था।

विश्वविद्यालय परिसर।

लोगों का कहना है कि शक्ति पर भी हमला उन्हीं लोगों ने किया है जिन्होंने संजय कुमार को मॉब लिंचिंग का शिकार बनाया था। इसके अलावा तीन छात्राओं को भी अपमानित करने की कोशिश की गयी है। यहां तक कि एक दिन पहले सरेआम उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए। मामले से जुड़े लोगों का कहना है कि इन सारी घटनाओं के पीछे भ्रष्ट कुलपति का हाथ है और उसे खुले आम बीजेपी और प्रशासन का संरक्षण मिल रहा है। 

उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पटना के रहने वाले गजेंद्र यादव की फेसबुक वाल पर उनकी फोटो दी गयी है जिसमें उन्हें अस्पताल में भर्ती दिखाया गया है साथ ही उस बाइक की भी तस्वीर है जिस पर वो सवार थे। वो घटनास्थल पर गिरी हुई है और आस-पास के लोग इकट्ठा होकर उसे देख रहे हैं।

इससे पहले प्रोफेसर संजय कुमार पर बीजेपी और विद्यार्थी परिषद से जुड़े गुंडों ने हमला किया था। उन्होंने संजय को उनके घर से उठा लिया था। और फिर वहीं से पीटते हुए जुलूस निकाला था। ये बिहार में किसी प्रोफेसर की मॉब लिंचिंग की पहली घटना थी। इस हमले में संजय को गंभीर अंदरूनी चोटें आयी थीं। बाद में उनका पटना और दिल्ली में कई हफ्तों तक इलाज चला उसके बाद अब वो कुछ स्वस्थ महसूस कर रहे हैं।

अपनी पोस्ट में मृत्युंजय ने लोगों से शिक्षकों और छात्रों को बचाने की अपील की है। इसके जरिये उन्होंने कैंपस में व्याप्त भय की तरफ इशारा किया है।








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