कुछ मीडिया संस्थानों के झूठ का हुआ पर्दाफाश, मुजफ्फरपुर शेल्टर कांड में नीतीश के खिलाफ होगी सीबीआई जांच

बड़ी ख़बर , नई दिल्ली, सोमवार , 18-02-2019


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जनचौक ब्यूरो

नई दिल्ली। मुजफ्फरपुर शेल्टर उत्पीड़न और बलात्कार मामले में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सीबीआई जांच के दायरे में लाने के पास्को कोर्ट के फैसले पर कुछ मीडिया संस्थानों ने भ्रम पैदा करने की कोशिश शुरू कर दी है। और उसकी चपेट में कई गंभीर मीडिया संस्थान भी आ गए हैं। मामले से जुड़े वकील सुधीर कुमार ओझा का कहना है कि टीवी-18 और प्रभात खबर के रिपोर्टरों ने जानबूझ कर इस काम को किया है। दरअसल इनके संस्थानों ने बताया कि पास्को जज ने ऐसा कोई फैसला दिया ही नहीं है। उनका कहना था कि पास्को जज को सीबीआई को निर्देश देने का कोई अधिकार नहीं है। 

जबकि पीड़ित पक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील सुधीर कुमार ओझा ने एक बातचीत में इस बात को बिल्कुल फर्जी करार दिया। उन्होंने कहा कि बेवजह भ्रम पैदा करने की कोशिश की जा रही है। जबकि सचाई ये है कि पूरी जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो रही है और मामला पास्को कोर्ट के सामने है। उन्होंने कहा कि जो लोग इस बात को कह रहे हैं कि पास्को कोर्ट को कोई अधिकार नहीं है उन्हें कानून का क,ख,ग नहीं पता है। उनका कहना था कि अगर सीबीआई पूरी रिपोर्ट और अपना पक्ष पास्को कोर्ट में पेश कर रही है तो फिर उससे संबंधित किसी भी प्रगति या फिर नई चीजों की जांच का आदेश पास्को कोर्ट नहीं देगी तो फिर कौन देगा? 

उनका कहना था कि ये सब कुछ एक साजिश के तहत जानबूझ कर किया जा रहा है। उनकी मानें तो पास्को कोर्ट के जज को धमकी भी दी गयी है और वो बेहद डरे भी हुए हैं। ऐसे में समझा जा सकता है कि मीडिया और सरकार के गठजोड़ के दबाव में न्यायपालिका को किस दौर से गुजरना पड़ रहा है।

उन्होंने बताया कि कल वो मामले के आदेश की कॉपी निकालेंगे और फिर उसको देश के सामने पेश करेंगे। इस मुद्दे पर उन्होंने और क्या कहा। जानने के लिए नीचे दिए गए यूट्यूब को सुना जा सकता है।










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Pam :: - 02-19-2019