नोबेल विजेता पॉल क्रुगमान ने भारत को चेताया, कहा-विकास के लिए ग्रहण बन सकती है बेरोजगारी

ज़रूरी ख़बर , नई दिल्ली, सोमवार , 19-03-2018


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जनचौक ब्यूरो

नई दिल्ली। अमेरिकी अर्थशास्त्री और नोबेल पुरस्कार विजेता पॉल क्रुगमान ने भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। उन्होंने कहा है कि अगर सरकार मैनुफैक्चरिंग सेक्टर पर ध्यान नहीं देती है तो उसे भीषण बेरोजगारी की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

क्रुगमान न्यूज़ 18 के कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए भारत आए थे। उन्होंने कहा कि “एक कृत्रिम ज्ञान की अवधारणा काम कर रही है जिससे चिंतित होने की जरूरत है। भविष्य में भारत में एक डाक्टर के लिए डायग्नोसिस को आउटसोर्स किया जा सकता है। कृत्रिम ज्ञान के आधार पर इसे किसी फर्म के पास भी भेजा जा सकता है। इस तरह की चीजें भारतीय सेवा क्षेत्र के लिए बेहद चिंता पैदा करने वाली हैं।”

उन्होंने कहा कि “जापान अब सुपर पावर नहीं रहा क्योंकि उसकी काम करने वाली आबादी की संख्या में गिरावट आ गयी है और अब चीन भी उसी तरफ अग्रसर है। एशिया में भारत में अगुवा बन सकता है लेकिन इस शर्त पर कि वो न केवल सेवा क्षेत्र बल्कि अपने मैनुफैक्चरिंग सेक्टर को भी विकसित कर ले।”

उन्होंने कहा कि “भारत की मैनुफैक्चरिंग सेक्टर में कम हिस्सेदारी खुद उसके खिलाफ ही जा सकती है। क्योंकि संभावित बढ़ी आबादी को जिंदा रखने के लिए उसके पास जरूरी रोजगार नहीं है।”

दूसरी तरफ अपनी आबादी के आधार पर भारत वैश्वीकरण के दूसरे दौर की अगुआई कर सकता है। उन्होंने कहा कि “भारत की विकास गाथा बिल्कुल विशिष्ट है। सेवा क्षेत्र विकास को आगे बढ़ा रहा है ऐसा दुनिया में कहीं नहीं देखा गया है और सेवा का वैश्वीकरण अभी शुरू हुआ है। सेवा के व्यापार में भीषण संभावनाएं हैं। भारत की प्रगति में यही एक कारण बेहद संभावनाओं से भरा है। इसके पास इस क्षेत्र में पहला होने का लाभ है।” 

क्रुगमान ने कहा कि भारत की विकास की कहानी अतुलनीय है लेकिन उसे वैसा श्रेय नहीं मिला जिसका वो हकदार था। चीन ने पूरी दुनिया का ध्यान अपने ऊपर केंद्रित कर लिया। उन्होंने कहा कि “बाकी दुनिया भारत पर उतना ध्यान नहीं दे रही जितनी उसे देनी चाहिए। अगर चीन नहीं होता तो हम कह सकते थे कि भारत की क्या अतुलनीय कहानी है। बहुत कम समय में प्रति व्यक्ति जीडीपी का चार गुना व्यवसाय आदि के लिहाज से एक बेहतर स्थान होने जा रहा है।”

क्रुगमान ने कहा कि भारत की विकास की ये कहानी पूरी रफ्तार के साथ जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि “भारत की काम करने वाली आबादी में बड़े स्तर पर बृद्धि की संभावना है। पूरी दुनिया के पैमाने पर इस मामले में जापान से लेकर इटली और चीन तक संकट का सामना कर रहे हैं या फिर अपने विकास की गति को बनाए रखने के लिए उनके पास मानव संसाधन की कमी है।”

उन्होंने कहा कि भारत का बड़ा हिस्सा ऐसा है जिसको अपनी ताकत का अभी एहसास ही नहीं है। क्रुगमान ने कहा कि “ पीएम मोदी ऐसे क्षेत्रों में बिजली ले जाने की बात कर रहे हैं जहां अभी वो पहुंची ही नहीं है। अगर इस तरह की योजना सफल होती है तो आप निश्चित तौर पर अर्थव्यवस्था में एक बड़ा उछाल देखेंगे।”










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