घूसकांड के एक दिन बाद अस्थाना की हुई थी दलाल से मुलाकात!

मुद्दा , नई दिल्ली, सोमवार , 12-11-2018


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जनचौक ब्यूरो

नई दिल्ली। घूस लेने के आरोप में फंसे सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना ने सीवीसी से कहा है कि जिस 13 दिसंबर 2017 को उन्हें घूस देने की बात की जा रही है उस दिन वो लंदन में मौजूद थे। साथ ही उन्होंने कहा है कि सोमेश प्रसाद से उनकी कभी मुलाकात नहीं हुई। सोमेश प्रसाद मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है।

लेकिन पत्रकार रोहिणी सिंह के हवाले से दि वायर में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक फोन के कॉल रिकार्ड्स, फोन टावर लोकेशन और वीडियो रिकार्डिंग अस्थाना के 15 दिसंबर को दिल्ली में होने की पुष्टि करते हैं। साथ ही उनकी सोमेश प्रसाद से मुलाकात की तरफ भी इशारा करते हैं। इसके साथ ही सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि शिकायत में ये नहीं कहा गया है कि अस्थाना ने सीधे घूस की रकम ली है बल्कि पैसा उनके प्रतिनिधि को देने की बात कही गयी है।

वीडियो में अस्थाना को उस सीबीआई टीम के साथ भी दिखाया गया है जो उनके मामले की जांच कर रही थी। और इस साल उसे तितर-बितर कर दिया गया।

15 दिसंबर को अस्थाना के फोन टावर का लोकेशन नई दिल्ली का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा था जो अस्थाना के उसी दिन लंदन से लौटने की तरफ इशारा करता है। दिसंबर 16 को उनका टावर लोकेशन पंडारा रोड था जिसके एक सरकारी मकान में वो रहते हैं। सोमेश प्रसाद का भी 16 दिसंबर का लोकेशन वही पंडारा रोड था।

ऐसा माना जाता है कि सोमेश प्रसाद की रॉ अफसर सामंत गोयल से भी मुलाकात हुई थी। गौरतलब है कि सामंत गोयल भी इस मामले में एक आरोपी हैं। उन पर मोइन कुरैशी केस पर लीपापोती करने की कोशिश का आरोप है।

सीबीआई की जांच में ये भी पता चला है कि उसी दौरान- 15-16 दिसंबर- सोमेश प्रसाद गोयल के दफ्तर के लोकेशन सीजीओ कांप्लेक्स में भी मौजूद था।

जांच से जुड़े एक शख्स ने कहा कि गोयल दुबई आधारित दलाल मनोज प्रसाद का एक सहयोगी है। मनोज को सीबीआई ने अस्थाना केस में कुछ दिनों पहले गिरफ्तार किया है। प्रसाद सहारा समूह के एक वरिष्ठ अधिकारी का घनिष्ठ रिश्तेदार है। सीबीआई द्वारा जुटाए गए फोन रिकार्ड की पड़ताल के बाद कुछ और खुलासे हुए हैं। जिसमें गोयल सोमेश को सीबीआई के सामने पेश होने से बचने के लिए चेतावनी दे रहे हैं। अधिकारी का कहना है कि ये सबूतों को नष्ट करने की श्रेणी में आता है।

आरोप ये है कि अस्थाना को घूस की रकम 13 दिसंबर 2017 को अदा की गयी। उसी के बाद सोमेश प्रसाद के भाई मनोज प्रसाद ने नई दिल्ली की यात्रा की। ऐसा लगता है कि सोमेश प्रसाद ने 15 दिसंबर को सामंत गोयल और अस्थाना से मुलाकात की। और उसके बाद एक बार फिर 16 दिसंबर को उसकी गोयल से मुलाकात हुई। 

बाद में अस्थाना की शिकायत पर वर्मा को सीबीआई डायरेक्टर के पद से हटाया गया। गौरतलब है कि वर्मा ने अपने खिलाफ सरकार और सीवीसी के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। और शुक्रवार को इसकी अगली तारीख पड़ी है।

अस्थाना के खिलाफ जांच करने वाले सीबीआई अफसरों की एक ही चिंता है कि वर्मा के हटाए जाने और अस्थाना की जांच को दूसरे को सौंपे जाने से कॉल रिकार्ड, फोन पर बातचीत समेत सभी सबूत अस्थाना के समर्थकों और सरकार के पास चले गए हैं। जिससे उनके महफूज न होने का खतरा पैदा हो गया है।








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