“बैंक डूब सकते हैं, सरकार दिवालिया हो सकती है; कुछ तो है जो नॉर्मल नहीं है”

ख़ास रपट , नई दिल्ली, सोमवार , 10-12-2018


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जनचौक ब्यूरो

नई दिल्ली। आरबीआई गवर्नर के इस्तीफे की सुगबुगाहट पहले से ही चल रही थी। लेकिन माना जा रहा था कि पिछली बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की बैठक में सरकार और सेंट्रल बैंक के बीच जारी विवाद सुलझ गया है। लेकिन शायद ऐसा नहीं था और अभी 14 दिसंबर को होने वाली दूसरी बैठक से ठीक तीन दिन पहले उर्जित पटेल ने अपना इस्तीफ सौंप दिया। उर्जित पटेल मौजूदा सरकार द्वारा ही लाए गए थे और उसके खासमखास थे और माना जा रहा था कि उनके बीच किसी तरह के मतभेद होने की गुंजाइश बहुत कम है।

लिहाजा उनका इस्तीफा निश्चित तौर पर चकित करने वाला है। इससे लोग सेंट्रल बैंक और अर्थव्यवस्था में किसी बड़ी गड़बड़ी के होने की आशंका जता रहे हैं। ये कुछ सुप्रीम कोर्ट के जजों के प्रेस कांफ्रेंस जैसे अभूतपूर्व कदम जैसा है। जिसमें पानी सिर के ऊपर चढ़ जाने के बाद उन्हें मजबूरन देश की जनता के सामने आना पड़ा था। ठीक उसी तरह से उर्जित पटेल अपनी पूरी ताकत भर बैंक की पवित्रता की गारंटी बनाए रखने की कोशिश की और इस कड़ी में देश की बैंकिंग व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए लड़ते रहे लेकिन आखिर में जब मोदी की कौरव सेना भारी पड़ती दिखी तो इस अभिमन्यु को भी झुकना पड़ा।

दरअसल सारे मोर्चों पर नाकाम और अर्थव्यवस्था को बदहाली के कगार पर पहुंचा चुकी मोदी सरकार को उबरने का अब एक मात्रा रास्ता रिजर्व बैंक के खजाने की लूट में दिख रही है। लिहाजा वो चाहती है कि बैंक जमा रिजर्व में से 3.30 लाख करोड़ रुपये उसे दे दे। लेकिन रिजर्व बैंक इसके लिए तैयार नहीं है। लिहाजा सरकार ने सेक्शन-7 के इस्तेमाल की धमकी तक दे डाली। आपको बता दें कि सेक्शन-7 के तहत सरकार बैंक को निर्देश दे सकती है जिसे वो मानने के लिए बाध्य होता है। इसका मतलब देश की एक ऐसी संस्था जिसे स्वायत्तता हासिल है उसके अंदरुनी मामलों में दखल। जो किसी भी रूप में उचित नहीं होगा।

दरअसल मोदी सरकार को अपना तात्कालिक चुनाव और उसका लाभ दिख रहा है जिसमें उसकी फिर से सत्ता की गारंटी हो। उसे न तो देश से कुछ लेना देना है और न ही उसकी अर्थव्यवस्था से। लेकिन उर्जित पटेल को पता है कि इसके दूरगामी नतीजे क्या होंगे। एक बार अगर रिजर्व जरूरत से कम हुआ तो फिर अर्थव्यवस्था में भूचाल आ सकता है और उसके बाद तबाही का जो सिलसिला शुरू होगा उसे बचा पाना मुश्किल होगा। उर्जित इस बात को बेहतर तरीके से समझते थे लिहाजा बैंक की तबाही का काला धब्बा अपने दामन पर लेने की जगह उन्होंने इस्तीफा देना ज्यादा मुफीद समझा। क्योंकि अगर ऐसा कुछ हुआ तो भविष्य में आने वाले सवालों का उनके लिए जवाब देना मुश्किल हो जाएगा।


इस इस्तीफे ने कई तरह की आशंकाओं को जन्म दे दिया है। ये अनायास नहीं है कि अपने इस्तीफे में उर्जित पटेल ने बैंक के तमाम कर्मचारियों और सहकर्मियों को धन्यवाद दिया है लेकिन एक बार भी पीएम मोदी और अरुण जेटली का नाम नहीं लिया। ये बताता है कि दोनों पक्षों में खटास किस स्तर पर पहुंच गयी थी। जबकि मोदी और जेटली ने इस्तीफे के तुरंत बाद अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की। जिसमें उन्होंने उर्जित पटेल की तारीफों के पुल बांध दिए हैं। इसके इतर इस मसले पर कई हिस्सों से बेहद तीखी प्रतिक्रियाएं आयी हैं। और सभी ने इस मसले पर गहरी चिंता जाहिर की है। क्योंकि 90 के बाद किसी गवर्नर को इस तरह से इस्तीफा नहीं देना पड़ा है। और यहां तो गवर्नर को उसी शासन में इस्तीफा देना पड़ा है जिसने उसे लाने का काम किया था।

इस्तीफा आने के समय संसद के भीतर विपक्षी दलों की बैठक चल रही थी। ये पिछले चार सालों में अब तक हुई विपक्ष की सबसे अभूतपूर्व बैठक थी जिसमें तकरीबन एनडीए से इतर हर दल का प्रतिनिधि मौजूद था। देवगौड़ा से लेकर ममता और चंद्रबाबू नायडू से लेकर केजरीवाल तक इसमें मौजूद थे। डीएमके के एमके स्टालिन और बिहार से तेजस्वी की मौजूदगी बहुत कुछ बताने के लिए काफी थी। वैसे तो इसे कल से शुरू होने वाले संसद के शीतकालीन सत्र से पहले विपक्ष की रणनीति को तय करने के लिए बुलाया गया था। लेकिन इसमें सरकार के खिलाफ संसद से लेकर सड़क तक कैसे गोलबंदी की जाए उसकी विस्तार से चर्चा हुई। बैठक से निकलने के बाद नेताओं के तेवर बिल्कुल कड़े थे। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि सरकार जो तरीके अपना रही है वो देश के लिए बेहद खतरनाक हैं। आरबीआई गवर्नर को इसलिए इस्तीफा देना पड़ा है क्योंकि वो आरबीआई जैसी संस्था की सुरक्षा कर रहे थे लेकिन उन्हें काम नहीं करने दिया जा रहा था। और संस्थाओं में जो कुछ हो रहा है उसको अब हम बर्दाश्त करने नहीं जा रहे हैं।

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि "संस्थाओं को बनाने में एक लंबा समय और प्रयास करना पड़ता है लेकिन उन्हें एक झटके में बर्बाद किया जा सकता है"। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल को इसलिए कुर्सी छोड़कर जाना पड़ा है क्योंकि उन्होंने मोदी को आरबीआई के रिजर्व के तीन लाख करोड़ नहीं लूटने दिए। अब मोदी सरकार को एक ऐसा गवर्नर मिल जाएगा जो उन्हें उसकी लूट की खुली इजाजत दे देगा।

सबसे अहम प्रतिक्रिया पूर्व गवर्नर रघुराम राजन की रही। उन्होंने कहा है कि “रिज़र्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल का इस्तीफा एक गंभीर चिंताजनक स्थिति है। किसी सरकारी कर्मचारी का इस्तीफा उस वक़्त की सरकार और काम करने लायक माहौल पर विरोध दर्ज कराना होता है”।
वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल की प्रतिक्रिया बेहद मौजू है। उन्होंने ट्विटर पर कहा है कि “उर्जित पटेल के जाने का मतलब है कि देश के खजाने में कोई बहुत भारी गड़बड़ी है। किसी भारी वित्तीय धमाके के लिए तैयार रहिए। बैंक डूब सकते हैं। सरकार दिवालिया हो सकती है। कुछ तो है, जो नॉर्मल नहीं है।”

 

वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि कारपोरेट लोन पर मुलायम होने और आरबीआई रिजर्व से तीन लाख रुपये देने के मसले पर बांह मरोड़ने के बाद सरकार ने आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल को इस्तीफा देने के लिए मजबूर कर दिया। इसके पहले सरकार ने राजन से छुटकारा हासिल कर लिया था जब वो नोटबंदी से सहमत नहीं हुए थे और उन्होंने हाई प्रोफाइल घोटालेबाजों की सूची भेज दी थी।

 

जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने कहा कि मोदी राज में ना इंसानों के अधिकार सुरक्षित हैं ना संवैधानिक संस्थानों के। जिन्हें बनने-जमने में दशकों लगे,उन संस्थानों को मोदी सरकार ने चंद महीनों में बर्बाद कर दिया। सीबीआई, सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग के बाद अब आरबीआई की आज़ादी खतरे में है।
वरिष्ठ लेखक अरुण माहेश्वरी ने कहा कि उर्जित पटेल ने इस्तीफा देते हुए अपने बयान में अपने सहकर्मियों के प्रति आभार ज्ञापित किया है, लेकिन प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री का जिक्र तक नहीं किया है । मोदी-जेटली उर्जित पटेल की तारीफ करके उनसे चुप्पी साधे रहने की प्रार्थना कर रहे हैं । नोटबंदी की असली कहानी उनके पास ही है।

एक दूसरे बुद्धिजीवी और विश्लेषक जगदीश्वर चतुर्वेदी ने कहा कि रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल का इस्तीफा। मोदी की सबसे बड़ी पराजय है।
विधायक जिग्नेश मेवानी ने कहा कि उर्जित पटेल का इस्तीफा नि:संकोच बैंक में कभी न खत्म होने वाले पीएमओ के दखल का नतीजा है। ये क्या बिल्कुल स्पष्ट नहीं है। पटेल द्वारा जो कारण बताए गए हैं वो विवादों से बचने का बहाना हैं। हमें अपनी जेब के बारे में चिंतित होना चाहिए।

एक्टर प्रकाश राज ने कहा कि आरबीआई चीफ इस्तीफा दे दिए। सीबीआई मुखिया छुट्टी पर भेज दिए गए। और सुप्रीम कोर्ट के चार जज जनता के सामने आए और कहे कि सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है.....इस विध्वंसकारी सरकार को अब हम नागरिक कितने समय और मूक दर्शक बन कर देखते रहेंगे।

#RBI chief resigns...#CBI chief is sent on leave.. four SUPREME COURT JUDGES came out and said ALL IS NOT WELL... how long will we the CITIZENS be silent spectators to this DESTRUCTIVE GOVERNANCE... #justasking










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Prashant :: - 01-11-2019
Modi hatao Desh bachao

NARMADA PANDEY JABALPUR M :: - 12-29-2018
jo rastr hit me ho vahi nirnay hona chahiye

shah alam :: - 12-22-2018
BJP KO HATAO DESH BACHAO

Bhargav Chaudhary :: - 12-21-2018
Chutiye Janchowk tuje kese pata ki Modi Ki Sena Kaurav sena he,Madarchod Congress air Left ke Agent

Hindi99 :: - 12-20-2018
Total fake news

Raja gujjar :: - 12-20-2018
Tum sb apni gand bhar lo neta log kisan ki maa chod do bs. Bd maa k lodo kisan ki koi ejjat nhi h tum logo k liye

Raja gujjar :: - 12-20-2018
Modi chutiya nhi h pr bhut bda chutiya h jo desh ko to bna rha h pr desh basiyo ki maa chod rha h khas kr hm jese kisano ki

Ranjeet kumar :: - 12-20-2018
SBI back

Ranjeet kumar :: - 12-20-2018
SBI back

Babar Ali :: - 12-20-2018
Assam

???? :: - 12-18-2018
दिलीप सी मण्डल जी एक मनोरोगी हैं। इन्हें ब्रह्फ़ोबिया हो गया है। इस देश में सभी समानता का अधिकार प्राप्त नागरिक हैं। ऐसा व्यक्ति जिसका व्यवहार पुरातत्व से मिले वह रोगी ही है।

???? :: - 12-18-2018

???? :: - 12-18-2018
आपका आलेख बेहद अहम है। बस दुखद यह कि बेहद जाति वादी व विध्वंसक बातें करने व राष्ट्रद्रोही दिलीप सी मण्डल की ट्वीट लिखने की क्या जरूरत थी। एक ऐसा व्यक्ति, जिसके व्यवहार में ही मनोरोग के लैश

???? :: - 12-18-2018
चूतिये कुछ भी लिख दोगे और हम मान लेंगे। अगर लूटना होता तो 15 साल में गुजरात सबसे विकसित राज्य नही होता। अच्छी बात है झूठ फैलाओ खूब, पैसा नही लगता।

???? :: - 12-18-2018
चूतिये कुछ भी लिख दोगे और हम मान लेंगे। अगर लूटना होता तो 15 साल में गुजरात सबसे विकसित राज्य नही होता। अच्छी बात है झूठ फैलाओ खूब, पैसा नही लगता।

Manoj Joshi :: - 12-18-2018
सिस्टम 70 सालों में गल चुका है, मोदी जी ही इसे सुधार सकते है। भरोसा है उन पर। केजरी वाल, मनमोहन, प्रकाश राज , रघु, मेवानी, येचुरी ,राहुल और कन्हैया से ज्यादा भरोसा उन पर है।

Mohammad Arif :: - 12-17-2018
Modi ji ek ayogya p.m.sabit huea ha. Ya baat urjit pateel ke istafe se sabit ho chuki ha. Bharat ke arthik isthati is samay bhout hi chinta ka vishe ha.gareeb log or gareeb ho gaia h or ambani jaise log apni bati ki shadi me arbo rupee kharch kar rahe ha..hum to yahi khenga ki modi ji ko desh ki kaman ab kisi aconomic jankar ko soope dani chaia

Mukesh :: - 12-17-2018
मोदि देश को लुट रहा है जनता विश्वास करेगी क्या यह राजनिति के मुद्दे है मोदि आने के बाद देश का कुछ विकास हुआ है लेकिन विपक्ष पार्टियो को यह अच्छा नही लगता है मोदि ऐसा कुछ नही करने वाला है

Mukesh :: - 12-17-2018

Babar Ali :: - 12-17-2018

Babar Ali :: - 12-17-2018

Hariom Gandhi :: - 12-17-2018
मोदी ओर लूट, क्या आम जनता विश्वास करेगी?

Www.Hunksanddiva.com :: - 12-17-2018
www.hunksanddiva.com useful news

Anchor prtk :: - 12-16-2018
RBI governor Urjit Patel ji ka istifa hmare desh ke liye ek bahut hi chinta ka vishay hai kyoki jb aise hi koi apne post ko ni chodta ..agr unhe jimmedari nhi uthani hoti to wo is jagah pe kbhi aana hi nahi chahte, aur isse saaf zahir hota hai ki wo kitne dabav me Kam kr rhe the....aur rhi bat sarkar ki to sarkar me hi jhol hai this aisa hua hai.... Aur bharat ki jnta ko tbhi smz Jana tha jb kha gya ki AB KI BAR , MODI SARKAR . Sayd Bharat me ye tanashahi ki shuruaat thi....Mai aarop nhi lga RHA, bs apni bat rkh RHA hu .....

Amjad shaikh :: - 12-16-2018
top

??? :: - 12-16-2018
Mujhe is sachai k bare me ni pata. Koi final statement ni aaya kisi ka. Lekin ye neta log sara paisa chunav prachar me khatam kr dete h yr inka baap ka ni h. Or ye sab manmani dhang sevapna salary bada lete h itni facilities kyu milta h inko sb hatao desh me kitna MP kitna MLA kitna mantri sb sale chor yahi sb ne hamara india ka paisa kha gya h or hmare desh ka economy ko duba diya

Naresh Burman :: - 12-16-2018
Resignation of RBI chief Urjit Patel is not good for Modi govt.

Sanjay :: - 12-16-2018
आम आदमी को गुमराह करने के लिए अच्छा है, देश में ऐसा कुछ भी नहीं है, परंतु बिना बात का मुद्दा बना बना कर कांगेस ओछी राजनीति लगातार कर रही है, इससे कुछ नही होंने वाला ,

Jeetu :: - 12-16-2018

P n singh :: - 12-16-2018
,ऊरजित पटेल जी ने इस्तीफा बिना कुछ कहे बहुत कुछ कह कर दिया है जिसे महसूस किया जा सकता है कि वह इन्सान कितना दवाब में रहे होंगे

P n singh :: - 12-16-2018
,ऊरजित पटेल जी ने इस्तीफा बिना कुछ कहे बहुत कुछ कह कर दिया है जिसे महसूस किया जा सकता है कि वह इन्सान कितना दवाब में रहे होंगे

????? ??? :: - 12-16-2018
सभी संस्थांकी स्वायतत्ता खतम करनेमे तुली है मोदी गव्हर्मेंट. पहले न्यायव्यवस्था,फिर सीबी आय अब आरबीआय. न जाने देश को और जनता को कहा लेकर डुब जानेवाले है!

Anil Khande :: - 12-16-2018
Desh me kurshi pane ke liye rajniti partiya kuch bhi kar sakti h sale chunavo me jo crado rupaya bahate h inake bap ka pesa nahi h aur chunav me jitane ke liye ye desh ki arthvayvastha to dur desh ko bhi bech sakte h

VIPIN CHANDRA SHARMA :: - 12-16-2018
वामपंथी वाकई देशद्रोही ही है...निकालो रोज प्रेस रिलीज...😊😊

Ratansing J Zakarde :: - 12-16-2018
Urajit Patel ko dabav me leya Gaya hi or ayoga kam karana chaha hi...sarakar ka diwala nikalane wala hi..

Niranjan Haldar :: - 12-16-2018
Kisi vi naya bastu taiyar karne ke liye kuch to shahena padega. Iska matlab ye nahi aap log jitna galat matlab nikal rahe ho. Shach ko jankar stetment dene ki kripa karo

Pramod Choudhari :: - 12-15-2018
We should not dependent on one person ...there should b second line who take over the PM position... It is not true Modi is the only hope ...there r many people who can give best at their JOB... Give another one chance to prove.... 5yr is enough time to prove the person...if result goes wrong give anotherone chance....

vishnu Jondhale :: - 12-15-2018
किसी मुल्क को बरबाद करने के लिए उस मुल्क की अर्थव्यवस्था को ध्वस्त करना पहली सीढी है| न्यास ,शिक्षा और कृषि व्यस्था का ध्वस्त होना उपरी सतह पर दिखाई देने लगा है,इसलिए अब गुप्त मार्ग से RBI का आपात्कालीन निवेश नष्ट कर देश को बर्बादी की ओर धकेलना यह षडयंत्र है| RBI की स्थापना और डॉ.बाबासाहब अंबेडकर जी का बहुत ही निकट का संबंध है,उस को ध्यान मे रखते हुए भी यह पैतरा है!

?DINESH KUMAR :: - 12-15-2018
Right

?DINESH KUMAR :: - 12-15-2018
Right

:: - 12-15-2018

??? ??? :: - 12-15-2018
इस तरह के प्रेस रिलीज सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए है कितनी विचित्र बात है कि पूर्व के साठ वर्षों में सब कुछ ठीक ठाक रहा है और मोदीजी ने सिर्फ साढ़े चार साल में देश को इस कगार पर पहुंचा दिया जैसे सारे डूबत लोन मोदीजी के कार्यकाल के ही हैं सारी अर्थ व्यवस्था इनकी ही चोपट की हुई है।किस तरह देश की जनता को इस झूठी बुनियाद पर गुमराह किया जा रहा है सभी बुद्धिजीवी देख रहे है।राफेल विवाद इसका उदाहरण है ,सुप्रीम कोर्ट की क्लीन चिट के बावजूद भी रोज नए मुद्दे जन्म ले रहे है।बिना वजह का मुदा तीन राज्य छीन सकता है आज पटेल साहब के इस्तीफे को बड़ा हथियार बना कर कुछ भी किया जा सकता है।रिज़र्व बैंक पर मैं कुछ बोल सकूँ इतना बड़ा तो मैं हुन नहीं फिर भी इतना तो लगता है पटेल का जाना कोई तूफान मचाने वाले मुदा तो नहीं है।

??? ??? :: - 12-15-2018
इस तरह के प्रेस रिलीज सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए है कितनी विचित्र बात है कि पूर्व के साठ वर्षों में सब कुछ ठीक ठाक रहा है और मोदीजी ने सिर्फ साढ़े चार साल में देश को इस कगार पर पहुंचा दिया जैसे सारे डूबत लोन मोदीजी के कार्यकाल के ही हैं सारी अर्थ व्यवस्था इनकी ही चोपट की हुई है।किस तरह देश की जनता को इस झूठी बुनियाद पर गुमराह किया जा रहा है सभी बुद्धिजीवी देख रहे है।राफेल विवाद इसका उदाहरण है ,सुप्रीम कोर्ट की क्लीन चिट के बावजूद भी रोज नए मुद्दे जन्म ले रहे है।बिना वजह का मुदा तीन राज्य छीन सकता है आज पटेल साहब के इस्तीफे को बड़ा हथियार बना कर कुछ भी किया जा सकता है।रिज़र्व बैंक पर मैं कुछ बोल सकूँ इतना बड़ा तो मैं हुन नहीं फिर भी इतना तो लगता है पटेल का जाना कोई तूफान मचाने वाले मुदा तो नहीं है।

??? ??? :: - 12-15-2018
इस तरह के प्रेस रिलीज सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए है कितनी विचित्र बात है कि पूर्व के साठ वर्षों में सब कुछ ठीक ठाक रहा है और मोदीजी ने सिर्फ साढ़े चार साल में देश को इस कगार पर पहुंचा दिया जैसे सारे डूबत लोन मोदीजी के कार्यकाल के ही हैं सारी अर्थ व्यवस्था इनकी ही चोपट की हुई है।किस तरह देश की जनता को इस झूठी बुनियाद पर गुमराह किया जा रहा है सभी बुद्धिजीवी देख रहे है।राफेल विवाद इसका उदाहरण है ,सुप्रीम कोर्ट की क्लीन चिट के बावजूद भी रोज नए मुद्दे जन्म ले रहे है।बिना वजह का मुदा तीन राज्य छीन सकता है आज पटेल साहब के इस्तीफे को बड़ा हथियार बना कर कुछ भी किया जा सकता है।रिज़र्व बैंक पर मैं कुछ बोल सकूँ इतना बड़ा तो मैं हुन नहीं फिर भी इतना तो लगता है पटेल का जाना कोई तूफान मचाने वाले मुदा तो नहीं है।

M R Patel Rtd P S I Guj :: - 12-15-2018

M R Patel Rtd P S I Guj :: - 12-15-2018
Modi ne pahle Gujarat ko devaliya banaya ab voh Desh ko becca denge R B I ko reserve funds sirf Aaptikal Mejik use karna chahie Sarkar ko Abhi ko di aaptti aai hai ki è rupees lene ki jarur at padi ?

Sunil giri Goswami :: - 12-15-2018
Sara jhut _afbha h

pradosh :: - 12-14-2018
उर्जित पटेल जी का इस्तीफा देना एक बहुत ही संवेदनशील विषय है सरकार के इशारे पर ना चलने के कारण उर्जित पटेल जी ने अपना इस्तीफा दिया है यह पहले सरकार ऐसी है जिसके आते सीबीआई के सीनियर अधिकारियों को छुट्टी पर भेज दिया यह क्या हो रहा है कुछ समझ में नहीं आ रहा

Brijesh :: - 12-14-2018
अगर लूटना ही होता तो कोई 15 साल राज्य में ना रहता ना ही केंद्र में आ पाता...ये न्यूज़ चलाने वाले कांग्रेस और वामपंथियों के चमचे हैं...इनकी सारी न्यूज़ सरकार के विरोध में बाकी , बिकाऊ मीडिया के बारे में पता ही है...नमक मिर्च लगाकर खबर को चटकारा बनाकर उसे परोसकर लोगों को बेवकूफ बनाने इनका शगल बन गया है

Mohd Ashraf Ansari :: - 12-14-2018
भारतीय रिज़र्व बैंक एक ऐसी संस्था है जिसके ऊपर भारत के प्रत्येक नागरिक का भरोसा है और साथ ही साथ विदेशों को भी भरोसा है तभी तो अन्तर्राष्ट्रीय बाज़ार में विभिन्न देश भारत से व्यापार करते हैं। यदि भारतीय रिज़र्व बैंक की गरिमा से थोड़ा सा भी किसी ने खिलवाड़ किया ,या दबाव बनाकर उसके रिज़र्व को निकाला तो भारतीय रिज़र्व बैंक और सरकार दोनों वास्तव में दिवालिया होने की कगार पर पहुंच जायेंगे, जिससे भारत में ऐसा आर्थिक विनाश होगा कि देश को जिस मक़ाम पर पहुंचने में 71 वर्ष का समय लगा है वह पल भर में चकनाचूर हो जाएगा, और पुनः विकास की स्थिति में आते आते 142 वर्ष लगेंगे। वास्तव में वर्तमान सरकार को आर्थिक समझ नहीं है, यदि थोड़ी भी आर्थिक समझ होती गवर्नर पर दबाव नहीं बनाया जाता। श्री उर्जित पटेल को गम्भीर आर्थिक संकट दिखाई दे रहा है इसीलिए उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया है वे नहीं चाहते थे कि आर्थिक संकट का कलंक उन पर लगे।

Rituraj singh :: - 12-14-2018
अगर मोदी जी ऐसा करना चाहते थे तो ये बात अभी तक मीडिया में क्यों नही आई ,,, ओर इस मुद्दे को दबाया क्यों अभी तक ।।। तुम सारे कांग्रेसी सिर्फ सेष को डुबो ओर कुछ मत करो ।।। आज देश का नाम पुरी दुनिया मे पहले आता है किसकी वजह से मोदी जी की वजह से , अरे तुम कांग्रेसियो ने तो अपने बेटी दामाद को भी सरकारी बंगलो दिला दिया है , मोदी जी ने कोनसा अपने परिवार के लिए कीच किया है ,,, हमारे मध्यप्रदेश में इतने सालों से सड़के नही थी ,तब तुम लोगो ने क्या उखाड़ लिया था,,,, आज मध्यप्रदेश की सड़कें देखो आ करके तब पता चलेगा ।।। कभी किसी प्रधान मंत्री के लिए सारे देश के राष्ट्रपति ििइंतेजार नही करते थे पर आज मोदी जी के लिए करते है ।।। तू कांग्रेसियो की औकात नही थी कि तुम सीधे अमेरिका के या कही के भी राष्ट्रपति से बात कर सको ।। पर आज भारत ऐसा देह है कि किसी से भी कभी भी बात कर सकता है ।।। मोदी जी के कारण।।। अरे तुम कांग्रेसियो ने माधवराव सिंधिया तक को मरवा दिया कही वो नए PM न बन जाये ,, वार्ना उनका तो न्यू ब्रांड हवाई जहाज था वो कैसे क्रेश हो सकता था ,,, ओर आज भी तुमने ज्योतिरादित्य जी को भी CM नही बनाया क्योंकि सोनिया जी जानती है कि अगर ज्योतिरादित्य जी CM बन जाएंगे तो पप्पू की वैल्यू खत्म हो जाएगी ।।। समझे सभी कांग्रेसियो ।।। ओर बात करते हो मोदी जी की ।।।।।

arvind joshi ???????? :: - 12-14-2018
Jitendra Gour :: - 12-13-2018 Muje nahi Lagta ki is Bharat desh ke PM narendra modi desh ke sat gaddari karenge wo Acha hi karnge rajaniti me sb apna Matlab dekhte he only for narendra modi ni swarth he me rajaniti ki bat nahi karta hu desh ke bhale ki bat karta hu chaye congress ho ya bjp

arvind joshi ???????? :: - 12-14-2018
Jitendra Gour :: - 12-13-2018 Muje nahi Lagta ki is Bharat desh ke PM narendra modi desh ke sat gaddari karenge wo Acha hi karnge rajaniti me sb apna Matlab dekhte he only for narendra modi ni swarth he me rajaniti ki bat nahi karta hu desh ke bhale ki bat karta hu chaye congress ho ya bjp

arvind joshi ???????? :: - 12-14-2018
Jitendra Gour :: - 12-13-2018 Muje nahi Lagta ki is Bharat desh ke PM narendra modi desh ke sat gaddari karenge wo Acha hi karnge rajaniti me sb apna Matlab dekhte he only for narendra modi ni swarth he me rajaniti ki bat nahi karta hu desh ke bhale ki bat karta hu chaye congress ho ya bjp

Santosh Kumar Srivastav :: - 12-14-2018
Ulta chor Kotwal Ko daate , Modi is the most honest leader of world. India is safe under Modi leadership

Jitendra Gour :: - 12-13-2018
Muje nahi Lagta ki is Bharat desh ke PM narendra modi desh ke sat gaddari karenge wo Acha hi karnge rajaniti me sb apna Matlab dekhte he only for narendra modi ni swarth he me rajaniti ki bat nahi karta hu desh ke bhale ki bat karta hu chaye congress ho ya bjp