सनातन संस्था के सदस्यों का आतंकियों से रिश्ता होने का अंदेशा,एटीएस को मिली एक हफ्ते की रिमांड

बड़ी ख़बर , नई दिल्ली/ मुंबई, शुक्रवार , 10-08-2018


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जनचौक ब्यूरो

नई दिल्ली/ मुंबई। सनातन संस्था से जुड़े तीन लोगों के ठिकानों पर छापा मारकर महाराष्ट्र एटीएस ने भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद किए हैं। एटीएस ने पालघर जिले के ठीक बगल में स्थित नल्लासोपरा के भंडार आली इलाके में कल रात को ये रेड डाला था। जिंदा बम और हथियारों के साथ तीन लोगों को हिरासत में ले लिया था। 

हिरासत में लिए गए वैभव राउत, शरद कलास्कर और सुधानवा गोंधालकर को आज सेशन कोर्ट में पेश किया गया। जहां कोर्ट ने उन्हें 18 अगस्त तक के लिए एटीएस की कस्टडी में भेज दिया। आरोपियों को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) कानून और आईपीसी के तहत गिरफ्तार किया गया है। एटीएस ने 15 दिनों तक के लिए उनको रिमांड मांगा था। उसका कहना था कि वो इस बात को सुनिश्चित करना चाहता था कि ये लोग बमों का निर्माण किस लिए कर रहे थे। क्या वो किसी आतंकी संगठन से जुड़े हुए हैं और उन्होंने बम बनाने के लिए सामग्री कहां से हासिल की। ये तमाम सवाल हैं जिसकी एटीएस गहराई से छानबीन करना चाहता था। इसीलिए उसने 15 दिन के रिमांड की मांग की थी।

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक एटीएस ने अपने रिमांड के आवेदन में कहा था कि उसे 7अगस्त को गोपनीय सूचना मिली थी कि कुछ लोग पुणे और मुंबई में आतंकी गतिविधि की योजना बना रहे हैं। 

एटीएस के वकील सुनील गोंसाल्वे ने कोर्ट को बताया कि “इस सूचना के आधार पर आरोपी लोगों की दुकानों और घरों में छानबीन की गयी। इस रेड में एक चिट समेत 22 जिंदा बम पकड़े गए जिसमें बम बनाने की विधि लिखी हुई थी।”

कोर्ट में तीनों आरोपियों ने जज को बताया कि एटीएस अफसरों ने उनको मारा-पीटा है। कोर्ट ने कहा कि उनकी मेडिकल रिपोर्ट में किसी तरह की बाहरी चोट का कोई संकेत नहीं है। कोर्ट ने कहा कि “आरोपी लोगों को एक बार फिर मेडिकल परीक्षण के लिए ले जाया जाना चाहिए। और उसकी रिपोर्ट 13 को पेश की जानी चाहिए।”

आरोपियों के वकील संजीव पुनालेकर ने कहा कि केस बोगस है और तीनों को फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि “उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जाना चाहिए।”   




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