हताश-निराश बीजेपी को अब शराब का सहारा,कई प्रत्याशियों के करीबियों के यहां से पकड़ी गयीं शराब की खेपें

राजनीति , रायपुर, सोमवार , 19-11-2018


sharab-chhattisgarh-raman-singh-amitshah-chaudhary

तामेश्वर सिन्हा

रायपुर। शराब और पैसों की बिसात पर सज रहा है छत्तीसगढ़ का दूसरे चरण का चुनाव।  चुनाव आयोग की तमाम नाकेबंदियों को ठेंगा दिखाते भाजपा प्रत्याशियों के करीबियों से शराब का भारी मात्रा में जखीरा बरामद हो रहा है। चुनाव के दो दिन पहले से छत्तीसगढ़ के खरसिया, दुर्ग विधानसभा क्षेत्रों में पुलिस ने भारी तादाद में शराब को बरामद किया है।  

आचार संहिता लागू होने के बाद से अब तक 70 हजार 681 लीटर अवैध शराब छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से बरामद हो चुकी है। दूसरे चरण के चुनाव में वोटरों को लुभाने के लिए प्रदेश में शराब की तस्करी चरम पर है। छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती राज्य ओडिशा, आंध्र प्रदेश से शराब की खेप आ रही है। कुछ तो इसे ठिकाने लगाने में कामयाब हो गए। पूरे प्रदेश में उड़न दस्तों की टीम की सक्रियता के बावजूद लगातार प्रदेश में शराब की पेटियां बरामद हो रही हैं।

रायगढ़ जिले के खरसिया विधानसभा क्षेत्र जहां से राजधानी रायपुर के कलेक्टर पद से इस्तीफा देकर चुनाव मैदान में कूदे ओपी चौधरी प्रत्याशी हैं, से सबसे ज्यादा शिकायतें आ रही हैं। आप को बता दें कि चौधरी बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल हुए थे। शराब से भरी एक ट्रक इस विधानसभा के सोनबरसा इलाके से पकड़ी गयी है। चालक का कहना था कि शराब की ये खेप बायंग ले जायी जा रही थी।

और बीजेपी के नेता शराब को मतदाताओं के बीच चुनाव से पहले बांटने वाले थे। छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह पहला अवसर है जब एक विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतने के लिए किसी एक प्रत्याशी को बाउंसर और शूटरों का सहारा लेना पड़ रहा है और पूरा प्रशासनिक अमला उसकी निगहबानी में लगा हुआ है। एक विधायक की कुर्सी के लिए इतना बड़ी जंग, इतना बड़ा कोहराम, शायद ही छत्तीसगढ़ के किसी दूसरे विधानसभा में देखने को मिले। 

शराब के जखीरों पर छापे।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार खरसिया में 50 की संख्या में अज्ञात कट्टा-बंदूकधारी लोग गाड़ियों में घूम रहे हैं।  खबर यह भी है कि नावापारा में 40-50 की संख्या में कट्टे से लैस आपराधिक तत्वों ने ग्रामीणों को घेर रखा था।

यहां युवा कांग्रेस महासचिव के घर पर जम कर तोड़-फोड़ करने की भी खबर है। "इस सीट पर दिवंगत नंदकुमार पटेल ने 1990 से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा और वे 2013 तक विधायक तथा अविभाजित मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के गठन के बाद भी कांग्रेस सरकारों में मंत्री रहे। 2013 में बस्तर की झीरम घाटी में नक्सली हमले के दौरान उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद उनके बेटे उमेश पटेल को 2013 में कांग्रेस ने मैदान में उतारा जिन्होंने भारी मतों से जीत अर्जित की थी।

कहा जा रहा है कि 2005 बैच के आईएसएस अधिकारी ओपी चौधरी द्वारा बीजेपी को कांग्रेस के खरसिया जैसे अभेद्य गढ़ में जीत का भरोसा दिलाया गया था। चौधरी के बल पर जीत का पूरा विश्वास बीजेपी हाईकमान को भी था। लेकिन मतदान की तारीख नजदीक आने के साथ ही यह भरोसा टूटता नजर आ रहा है। जिससे साम, दाम,  दंड,  भेद की नीति पर चल रही चुनावी शतरंज पर दारू प्रमुख मोहरा बन गयी है।

शराब के जखीरों पर छापे।

गौरतलब है कि चुनाव के दौरान अवैध शराब की खेप ज्यादातर बीजेपी नेताओं के ठिकानों से ही बरामद की जा रही है। कुछ मामलों में नजर डालें तो दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के धनोरा में संचालित एक निजी स्कूल के कमरे से पुलिस और आबकारी विभाग की टीम ने करीब 427 पेटी शराब बरामद की है। बता दें कि जिला भाजपा भिलाई के पूर्व कोषाध्यक्ष रवि कुशवाहा का धनोरा में पब्लिक स्कूल है। स्कूल के स्टोर रूम में भी शराब की पेटियां बरामद की गईं।

वहीं पाटन विधानसभा क्षेत्र में दो स्थानों पर छापा मारकर 782 पेटी अवैध शराब जब्त की गई। पुलिस के अनुसार यह शराब पाटन उत्तर भाजपा मंडल के भरत साहू के यहां से बरामद की गयी थी। राजधानी रायपुर के ही श्याम नगर में बीजेपी कार्यकर्ता के यहां से 13 पेटी शराब जब्त की गयी है। इस चुनाव में शराब ही नहीं साड़ी, कम्बल-बांटे जाने की खबरें भी आ रही हैं।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में 72 सीटों पर कल मतदान होने हैं, जिसके चलते मतदाताओं को रिझाने के लिए बड़ी संख्या में शराब की खेप पहुंचायी जा रही है। इसी के साथ उनके पकड़े जाने की खबरें भी लगातार आ रही हैं।

 










Leave your comment