सुप्रीम कोर्ट ने की सरकार की खिंचाई, सीबीआई निदेशक वर्मा मामले की सुनवाई शुक्रवार तक के लिए टली

मुद्दा , नई दिल्ली, सोमवार , 12-11-2018


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जनचौक ब्यूरो

नई दिल्ली। सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा की याचिका मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई शुक्रवार तक के लिए टाल दी है। वर्मा ने खुद को निदेशक की सभी जिम्मेदारियों से अलग कर लंबी छुट्टी पर भेजे जाने के सरकार के 23 अक्तूबर के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। गौरतलब है कि वर्मा को हटाने के साथ ही सीवीसी और सरकार ने एम नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम चीफ नियुक्त कर दिया था। 

इस मामले में कोर्ट ने सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना द्वारा वर्मा के खिलाफ घूस लेने के आरोपों की जांच करने के लिए सीवीसी को निर्देश दिया था। और उसकी रिपोर्ट 15 दिन के भीतर कोर्ट में जमा करने के लिए कहा था। ये जांच सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस एके पटनायक की निगरानी में हो रही है। 

लेकिन सालीसिटर जनरल तुषार मेहता ने आज कोर्ट से समय पर सीवीसी द्वारा रिपोर्ट तैयार न किए जाने का हवाला देकर मामले को अगले हफ्ते के किसी दिन के लिए टाल देने की अपील की।

उन्होंने कहा कि “दस (नवंबर) को ही काम पूरा हो गया था। हम इसे कल फाइल करना चाहते थे....हमें 11.30 (सुबह) तक का समय दिया गया था लेकिन हमें एक घंटे की देरी हो गयी।”

इस पर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने टिप्पणी करते हुए कहा कि “दफ्तर रविवार को 12.30 तक खोले रखा गया था। आपने एक संदेश भी देना जरूरी नहीं समझा कि आप को देर हो सकती है? हमारे सभी रजिस्ट्रार वहां बैठे हुए थे।”

इस पर सालिसीटर जनरल ने कहा कि “मैं शिकायत नहीं कर रहा हूं केवल इसका कारण बता रहा हूं कि आज क्यों नहीं हो सका मी लार्ड।”

इस पर एनजीओ कॉमन काज, जिसने स्पेशल निदेशक राकेश अस्थाना के भ्रष्टाचार की जांच के लिए याचिका दाखिल की है, के वकील दुष्यंत दवे ने कहा कि “ ये बेहद चकित करने वाली बात है कि वो आदेश (23 अक्तूबर का) पारित करने के लिए दफ्तर को रात के 2 बजे तक खोले रख सकते हैं लेकिन रिपोर्ट नहीं दाखिल कर सकते।”

इसके बाद बेंच ने सीवीसी द्वारा एक सीलबंद लिफाफे में पेश की गयी रिपोर्ट और कार्यकारी निदेशक द्वारा पारित आदेशों की रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया।

दवे ने इस बात पर एतराज जताते हुए कहा कि हालांकि एक्टिंग डायरेक्टर को कोई नीतिगत फैसला लेने पर रोक लगा दी गयी है। लेकिन कुछ जांचें लगातार बदली जा रही हैं। इस पर जब जस्टिस संजय कृष्ण कौल ने कहा कि इस सिलसिले में कुछ रिपोर्ट मांगी गयी है। तो दवे ने कहा कि ये रिपोर्ट 23 से 26 अक्तूबर के बीच की हैं।

इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि “ अगर इस तरह के किसी फैसले के बारे में आपको पता है जिससे हमारे आदेशों का उल्लंघन होता है तो उसे हमारी नोटिस में ले आइये। उस आदेश की वही भावना है। ”  








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