#MeToo प्रकरण: बाहरी कमेटी करेगी विनोद दुआ पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच

मुद्दा , नई दिल्ली, बृहस्पतिवार , 18-10-2018


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जनचौक ब्यूरो

नई दिल्ली। वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ पर यौन दुर्व्यवहार के लगे आरोपों की जांच एक बाहरी कमेटी करेगी। चार सदस्यीय इस कमेटी में सुप्रीम कोर्ट के एक रिटायर्ड जज, हाईकोर्ट के एक रिटायर्ड जज, विदेश सेवा के एक सेवानिवृत्त अधिकारी और एक रिटायर्ड प्रोफेसर शामिल होंगे। “दि वायर” पोर्टल ने इसकी जानकारी दी है। इसके साथ ही विनोद दुआ ने “दि वायर” को इस मामले की जांच के लिए एक हफ्ते का समय दिया है और तब तक के लिए अपने शो को सस्पेंड करने का फैसला किया है।

“दि वायर” के फाउंडिंग एडिटर्स की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में बताया गया है कि 15 अक्तूबर 2018 को वायर की आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) ने निष्ठा जैन द्वारा अपनी फेसबुक वॉल पर दुआ के खिलाफ लगाए गए आरोपों का संज्ञान लिया। और उनसे संपर्क कर इस मामले में एक औपचारिक शिकायत दर्ज करने का निवेदन किया है। “दि वायर” का कहना है कि जैन की तरफ से अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है।

“दि वायर” ने जैन को सूचना दी है कि उसके निवेदन पर चार सदस्यों की एक कमेटी उनकी शिकायत पर समयबद्ध जांच के लिए तैयार हो गयी है। इसमें सुप्रीम कोर्ट के एक रिटायर्ड जज, हाईकोर्ट के एक रिटायर्ड जज, विदेश सेवा के एक सेवानिवृत्त अधिकारी और एक रिटायर्ड प्रोफेसर शामिल हैं।

“दि वायर” ने कहा है कि एक बार दोनों पक्षों की सहमति मिल जाने के बाद वो बाहरी कमेटी के सदस्यों का नाम सार्वजनिक कर देगा।

इस बीच विनोद दुआ के मामले में “दि वायर” के भीतर एक और घटना घटित हुई। विनोद दुआ के कार्यक्रम “जन गण मन की बात” के 318वें एपिसोड का प्रसारण होने के कुछ ही घंटों बाद उसे हटा लिया गया। और फिर “राफेल सौदे और तेल की बढ़ती कीमतों” पर आधारित इस एपिसोड को कुछ तब्दीली के साथ फिर अपलोड कर दिया गया। बताया जा रहा है कि एपिसोड के कुछ उन हिस्सों को निकाल दिया गया है जिसमें दुआ ने चुनावी साल में “मीटू मूवमेंट” का मजाक उड़ाया था।

न्यूज़लांड्री के मुताबिक शो के पहले के संस्करण की शुरुआत में विनोद दुआ इस बात को चिन्हित करते हैं कि कैसे मीडिया सरकार से असली मुद्दों पर सवाल पूछने में नाकाम रहा है। इसकी बजाय मीडिया किसने किसको और कितने सालों पहले यौन उत्पीड़न का शिकार बनाया इसमें व्यस्त रहा।

उन्होंने कहा था कि “ज्यों-ज्यों चुनाव नजदीक आते रहे हैं, जो-जो सवाल पूछे जाने चाहिए, वो बैकग्राउंड में जा रहा है और न ही अखबार उनको उठा रहे हैं...जो चर्चा में है वो ये है कि किसने, कितने साल पहले, किसका सेक्सुअल हरासमेंट किया, या परेशान किया, इस पर चर्चा चल रही है...जिसमें केंद्र के एक मंत्री भी शामिल हैं। इसमें थोड़ा कीचड़ मुझ पे भी उछाला गया है....उसका भी मैं जिक्र करूंगा।”

दि वायर की विज्ञप्ति।

सवालों को जिन्हें सरकार से पूछा जाना चाहिए उन पर आने से पहले दुआ अपने ऊपर लगे आरोपों की एक और बार खिल्ली उड़ाते हैं। वो कहते हैं कि “सरकार से कायदे से जो सवाल पूछे जाने चाहिए, जो एकदम चुप गए हैं, इस पूरी डिबेट में, इस पूरे शोर में, कि कौन-कौन पकड़ा जा रहा है, या किस-किस पर आरोप लग रहे हैं सिर्फ....”

उसके बाद “दि वायर” द्वारा फिर से अपलोड किए गए एपिसोड के वीडियो में #MeToo अभियान से जुड़ी दुआ की टिप्पणियों को एडिट कर निकाल दिया गया है। लेकिन मजेदार बात ये है कि साइट ने शो के आखिर में उनकी टप्पणियों को बनाए रखा है। जिसमें दुआ “दि वायर” को अपने ऊपर लगे आरोपों की जांच के लिए एक सप्ताह का समय देते हैं। उन्होंने अपने ऊपर के सभी आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें महज कल्पना करार दिया।

एपिसोड के आखिर में अपनी टिप्पणी में दुआ कहते हैं कि “मुझ पर भी वो कीचड़ उछाला गया है, एक ऐसा कीचड़, सेक्सुअल हरासमेंट का तो नहीं है....परेशान करने का।”   

“तीस साल पहले किसी महिला को लगा कि मैंने कुछ ऐसा किया जिससे कि उन्हें परेशानी हुई। अब ये ऐसा कीचड़ है जो किसी पादरी के चोंगे पर भी लग सकता है, जज के चोंगे पे भी लग सकता है, वकील के चोंगे पर भी लग सकता है, पुजारी पे भी लग सकता है, किसी शरीफ आदमी पे भी लग सकता है, डॉक्टर पे भी लग सकता है।”

वो आगे कहते हैं कि “कीचड़ एक दफे लग गया तो जिस पर फेंका गया, वो क्या कर सकता है सिवाय इसके कि वो इंकार करे कि ऐसा नहीं हुआ है।” इसके साथ ही वो कहते हैं कि वो अपना शो सस्पेंड कर रहे हैं- जिसे वो बगैर कोई पैसा लिए स्वयं करते हैं- और “दि वायर” को अपने मामले में जांच के लिए एक हफ्ते का समय देते हैं अगर वो ऐसा चाहते हैं तो उनकी गैरमौजूदगी में इस काम को कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि “मैं, जो मुझ पर आरोप लगाया गया है, उसको सिरे से नकार रहा हूं, खारिज कर रहा हूं, कि वो बिल्कुल बेबुनियाद है, कल्पना है किसी की, ऐसा कुछ नहीं हुआ। लेकिन क्योंकि मैं आपके प्रति जवाबदेह हूं, दि वायर के प्रति जवाबदेह हूं, इसलिए आज से.....इस कार्यक्रम को सस्पेंड कर रहा हूं एक हफ्ते के लिए। ताकि ये जो हफ्ता है दि वायर ने अगर कोई जांच करनी हो, तफ्तीश करनी हो, मालुमात करनी हो, तो मेरे बिना वहां रहे कर सकते हैं। 23 तारीख को आप से फिर मुलाकात होगी।” 

गौरतलब है कि 14 अक्तबूर को एक फेसबुक पोस्ट में फिल्ममेकर निष्ठा जैन ने दुआ का नाम लिया था। 1989 में हुई उस घटना का विवरण देते हुए जैन ने लिखा था कि “विशिष्ट किस्म की तिरस्कारपूर्ण हंसी के जरिये मेरा स्वागत किया गया था। मैं अभी ठीक से बैठ ही पाती उन्होंने बिल्कुल साफ्ट आवाज में एक अश्लील सेक्सुअल जोक बताना शुरू कर दिया, मुश्किल से ही वो अपना मुंह खोल रहे थे। मुझे चुटकुला याद नहीं है लेकिन ये हंसने के काबिल कतई नहीं था, केवल गंदा था।”

इस घटना के तुरंत बाद जैन को न्यूज़ट्रैक में नौकरी मिल गयी। अपनी पोस्ट में जैन ने आरोप लगाया है कि दुआ उनके दफ्तर के बाहर उस समय उनका इंतजार करते रहते थे जब वो रात में देर तक काम करती थीं।

जैन का कहना है कि एक दूसरी घटना में वो उन्हें किस करने की कोशिश करते हैं।

14 अक्तूबर को “दि वायर” ने एक बयान जारी किया जिसमें उसने बताया कि वेबसाइट की आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) ने जैन के आरोपों को संज्ञान लिया है।

हालांकि जैन की 15 अक्तूबर की फेसबुक पोस्ट के मुताबिक “दि वायर” ने अभी तक उनसे संपर्क नहीं किया था।

17 अक्तूबर को “दि वायर” ने चार सदस्यों की बाहरी कमेटी से मामले के जांच की घोषणा की। इसके साथ ही बयान में वेबसाइट ने कहा है कि उसने जैन से संपर्क किया है और उनसे एक औपचारिक शिकायत की मांग की है जिससे प्रक्रिया को शुरू किया जा सके। हालांकि बयान में ये भी कहा गया है कि “जैन की तरफ से अभी इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है।”

 










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