“खुशकिस्मत हूं क्योंकि मैं रेप के बाद किसी नाले में मरी नहीं पड़ी हूं”

आपबीती , चंडीगढ़, रविवार , 06-08-2017


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(चंडीगढ़ छेड़छाड़ मामले में पीड़िता वर्णिका कुंडु की ओर से अपने फेसबुक वॉल पर अंग्रेजी में लिखी गई पोस्ट “WAS ALMOST KIDNAPPED ON A CHANDIGARH ROAD LAST NIGHT” के हिन्दी में मुख्य अंश।)

चंडीगढ़ पुलिस को शुक्रिया जिसने मेरे कॉल पर फौरी एक्शन लिया। उन्होंने सिस्टम में मेरे भरोसे को फिर से जिंदा कर दिया है।

सेक्टर 8 मार्केट से रात 12.15 बजे घर के लिए निकली और फोन पर एक दोस्त से बात करते हुए सड़क पार करके सेक्टर 7 में घुसी ही थी कि मुझे लगा कि एक कार मेरा पीछा कर रही है। सफेद रंग की एसयूवी कार मेरी कार के साथ-साथ चलने लगी। तब तक मैं सेक्टर 7 में थी और सेक्टर 26 के सेंट जॉन्स की तरफ बढ़ रही थी।

एसयूवी में दो लड़के आधी रात को एक अकेली लड़की को छेड़कर मजा ले रहे थे। ये लोग इस तरह से मेरा पीछा कर रहे थे कि कई बार मुझे लगा कि ये मेरी कार को ठोंक देंगे। तब तक मैं अलर्ट हो चुकी थी इसलिए मैंने सेंट जॉन्स से राइट टर्न लेकर मध्य मार्ग लेने का प्लान किया जो थोड़ा बिजी और सेफ माना जाता है।

लेकिन राइट टर्न लेने वक्त एसयूवी ने रास्ता रोक दिया जिससे मुझे सीधे सेक्टर 26 की सड़क लेनी पड़ी। मैंने अगले टर्न पर फिर राइट लेने की कोशिश की लेकिन इस बार तो उनलोगों ने सीधे मेरी कार के सामने अपनी गाड़ी लगाई और पैसेंजर सीट पर बैठा लड़का उतरकर मेरी तरफ बढ़ने लगा।

मैंने तुंरत बैक गियर लगाई और इससे पहले कि वो फिर मेरे पास आते, तेजी से अगला राइट टर्न लिया। इस दौरान मैंने 100 नंबर पर फोन करके पुलिस को अपनी हालत और लोकेशन बताई। फोन पर पुलिस ने कहा कि वो जल्दी पहुंच रहे हैं। मैं अब मेन रोड पर पहुंच चुकी थी और 15 सेकेंड से एसयूवी नहीं दिखी तो मुझे लगा कि फोन करता देख वो भाग गए होंगे लेकिन मैं गलत थी।

मध्य मार्ग पर मैं आगे बढ़ रही थी। इस सड़क पर 5-6 किलोमीटर तक एसयूवी मेरी कार के साथ-साथ चलती रही और हर 10-15 सेकेंड पर मेरी कार को रोकने की तरकीब लगाती रही। वो मेरी कार को बार-बार ब्लॉक करके रोकने की कोशिश कर रहे थे और मैं हर बार किसी तरह अपनी कार को निकालकर आगे बढ़ रही थी।

मेरे हाथ कांप रहे थे, कमर जकड़ रही थी, कुछ हक्की-बक्की और कुछ आंखों में आंसू लिए मैं ये सोच रही थी कि पता नहीं आज घर लौट पाऊंगी भी कि नहीं। पता नहीं कब पुलिस वाले आएंगे या आएंगे भी या नहीं.

इन लड़कों ने 6 किलोमीटर तक लगातार मेरा पीछा किया और इस रोड के आखिर में ट्रैफिक लाइट के पास मेरी कार का रास्ता रोक दिया। मुझे भागने या कार निकालने का कोई रास्ता नहीं सूझ रहा, पैसेंजर सीट से फिर एक लड़का उतरकर मेरी तरफ बढ़ा, पता नहीं कैसे लेकिन मैंने कार को रिवर्स गियर में डाला और राइट की तरफ दिखी थोड़ी सी जगह से लगातार हॉर्न बजाती कार निकाली ताकि वहां गुजर रही दूसरी गाड़ियां मेरी हॉर्न सुनकर देखें कि दिक्कत क्या है कि ये लगातार हॉर्न बजा रही है।

तब तक वो लड़का मेरी कार के पास पास आ चुका था। उसने मेरे कार के विंडो पर जोर से हाथ मारा और गेट खोलने की कोशिश की. तभी मेरी नजर एक पुलिस कार पर पड़ी. मैं लगातार हॉर्न बजा रही थी। कुछ पुलिस वाले दौड़कर आए और एसयूवी वालों को पकड़ा।

डर से कांपती मैं सीधे घर गई और अपने पिता वीरेंद्र कुंडु को सब कुछ बताया और फिर उनके साथ एफआईआर करने वापस गई। दोनों लड़के गिरफ्तार हो चुके थे जो निश्चित रूप से प्रभावशाली परिवार से हैं और राजनीतिक कनेक्शन रखते हैं।

चंडीगढ़ पुलिस को शुक्रिया क्योंकि अगर उनके जवान समय पर नहीं आते तो शायद आज मैं ये स्टेट्स नहीं लिख पाती। अगर देश के सबसे सेफ शहर में एक लड़की के साथ ऐसा हो रहा है तो हम कहां जा रहे हैं।

मैं चकित हूं कि जिस शहर में हर रेडलाइट पर कैमरा लगा है और हर 200 मीटर पर पुलिस वाले हैं वहां इन लड़कों ने कैसे सोच लिया कि ये मेरी कार में घुस सकते हैं या मुझे अपनी कार में खींच सकते हैं। सिर्फ इसलिए कि वो एक ताकतवर परिवार से हैं।

ऐसा लगता है कि मैं एक आम आदमी की बेटी ना होने की वजह से खुशकिस्मत हूं, नहीं तो इन वीआईपी लोगों के खिलाफ खड़ा होने की उनके पास क्या ताकत होती है। मैं इसलिए भी खुशकिस्मत हूं क्योंकि मैं रेप के बाद किसी नाले में मरी नहीं पड़ी हूं। अगर ये चंडीगढ़ में हो सकता है तो कहीं भी हो सकता है।

लेडीज, अपनी सुरक्षा के लिए खुद सतर्क रहें. कोई गाड़ी अगर आपको तंग कर रहा है तो उसकी गाड़ी का नंबर नोट करिए। जैसे ही कोई पीछा करना शुरू करे तुरंत पुलिस को फोन करिए। अपने मां-बाप को फोन करिए और उनको बताइए कि आप कहां हैं और किस हालत में हैं। सुरक्षित तरीके से जैसे भी भाग सकती हैं, भागने की कोशिश करिए।

आपकी जान सबसे बड़ी चीज है। अगर वो आपके पास आता है तो जो भी चीज मिले उसे हथियार बनाकर खुद को बचाइए। पिछली रात तक मैं किसी भी हथियार की फैन नहीं थी, चाहे वो बंदूक हो, डंडा हो, गोल्फ स्टिक हो या चाकू। लेकिन ये आपको ज्यादा सेफ और आत्मविश्वास से भरे होने का एहसास कराएंगे।

STAY SAFE, LADIES!

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(हरियाणा बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला के नशे में धुत बेटे विकास बराला और उसके एक साथी ने सीनियर आईएएस की बेटी की कार का काफी देर तक पीछा किया, और बार-बार रोककर उनतक पहुंचने की कोशिश की। पुलिस ने दोनों लड़कों को गिरफ्तार किया लेकिन फिर शनिवार शाम में विकास बराला के जमानत पर छूटने की खबर आई।- संपादक)






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