कविता कृष्णन क्यों हुईं परेशान और उन्हें क्यों करनी पड़ी अपील

बीच बहस , , रविवार , 09-04-2017


kvita krishnan facebook website

जनचौक ब्यूरो

नई दिल्ली। जनवादी महिला नेता कविता कृष्णन ने कुछ वेबसाइटों पर अपने नाम से फेक न्यूज़ चलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने फेसबुक पर एक अपील जारी कर अपने समर्थकों और आम लोगों से इस पर विश्वास न करने और ऐसी फर्जी खबरों को न खोलने की बात कही है।

मामला क्या है

वेबसाइट की खबर में कविता कृष्णन के हवाले से प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की गयी है। जिसके बारे में कविता का कहना है कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा है और ये सब उनके यौन उत्पीड़न की साजिश का हिस्सा है। उन्होंने इस खबर को चलाने वाली वेबसाइटों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।

कविता ने कहा मेरे यौन उत्पीड़न का खतरा

कविता का कहना है कि ये न केवल उनके सम्मान पर हमला है बल्कि इसके चलते उनके यौन उत्पीड़न का खतरा पैदा हो गया है। वेबसाइट में बताया गया है कि कविता कृष्णन ने प्रधानमंत्री मोदी को नपुंसक करार दिया है। साथ ही उन्होंने महिलाओं के फ्री सेक्स की वकालत की है। इसके साथ ही बताया जा रहा है कि वेबसाइट कुछ अन्य सेक्स वीडियो भी चला रही हैं।

खबर न खोलने की अपील

उन्होंने लोगों से इसे न खोलने की अपील की है। उनका कहना था कि उन्हें इसलिए अपील करनी पड़ रही है क्योंकि उनके कुछ समर्थक यह सोचकर इस खबर को शेयर कर सकते हैं कि अगर कविता ने कही है तो बात सही होगी। कविता कृष्णन का कहना है कि उन्होंने न तो ऐसा कोई बयान दिया है और न ही इस तरह से वो सोचती हैं।

कविता कृष्णन को बदनाम करने की साजिश

पहले भी हुई हैं इस तरह की घटनाएं

ये कोई पहली घटना नहीं है जब कविता को इस तरह से परेशान किया जा रहा हो। इसके पहले भी सोशल साइट पर उनके खिलाफ अभियान चलाया जा चुका है। तकरीबन साल भर पहले फेसबुक पर सुमंत भट्टाचार्य नाम के एक सज्जन ने कविता के खिलाफ अश्लील टिप्पणी की थी।

मांगनी पड़ी थी माफी

जिसके बाद कविता ने उस पर कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की थी। और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। जिसके बाद उन्होंने माफी मांग ली थी। ऐसा माना जा रहा है कि चूंकि कविता बीजेपी और मोदी सरकार के खिलाफ खुलकर बोलती रहती हैं ऐसे में उसके समर्थक तरह-तरह से उन्हें परेशान करते रहते हैं। उसमें ट्रोलिंग सबसे आसान जरिया है।

कविता कृष्णन की फेसबुक अपील-

सावधान - मेरे बारे में एक फेक न्यूज कई वेबसाइट्स पर चलाई जा रही है। यह फेक न्यूज़ हिंदी में है और कहता है कि मैंने मोदी को नपुंसक कहा और 'फ्री सेक्स' की वकालत की। इस फेक न्यूज़ को चलाने वाले कुछ साइट तो अन्य अश्लील वीडियो भी चलाते हैं। ऐसा फेक न्यूज़ मेरे खिलाफ यौन उत्पीड़न है, मेरे सम्मान पर हमला है, और इससे मेरे लिये और यौन उत्पीडन का खतरा भी पैदा किया जा रहा है। ये सब सोचे समझे साजिश के तहत हो रहा है। मेरा अपील है कि कृपया ऐसे न्यूज़ को न खोजें और इन लिंक्स पर क्लिक न करें। यहां में सिर्फ इसलिए सबको सचेत कर रही हूं कि कोई मित्र बिना पढ़े गलती से ऐसे न्यूज़ शेयर न कर बैठे ये समझ कर कि मेरा बयान होगा तो ठीक ही होगा। मेरा इन वेबसाइट्स के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने का पूरा इरादा है

 

 






Leave your comment











:: - 04-10-2017

:: - 04-10-2017

:: - 04-10-2017

:: - 04-10-2017

gajendra :: - 04-10-2017
Sorry, i also share that.

:: - 04-10-2017

:: - 04-09-2017

:: - 04-09-2017