मुगलसराय... एक नाम नहीं पूरा इतिहास

खरी बात , , शुक्रवार , 04-08-2017


mughalsarai-railway-station

आशुतोष कुमार

(यूपी की योगी सरकार मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर जनसंघ नेता पंडित दीन दयाल उपाध्याय के नाम पर रख रही है। इसे लेकर केंद्र ने यूपी सरकार को हरी झंडी भी दे दी है। इस मसले पर आज शुक्रवार को राज्यसभा में हंगामा भी हुआ। योगी सरकार ने मुगलसराय के मुख्य मार्ग और प्रमुख चौराहे का नाम भी दीनदयाल के नाम पर रखने का निर्णय लिया है। 

इसी चर्चा के बीच इस शहर को लेकर पिछले दिनों शिक्षक-आलोचक आशुतोष ने एक छोटी सी लेकिन महत्वपूर्ण टिप्पणी लिखी थी। जिसे उन्होंने हमारे आग्रह पर आज हमें उपलब्ध कराया।- संपादक)

शहर का नाम उसकी याददाश्त होता है 

अगर आपकी याददाश्त चली जाए तो क्या होगा? आपको नए सिरे से दुनिया का ज्ञान मिल भी जाए तो भी?

हो सकता है याददाश्त की हर बात अच्छी न हो, लेकिन उन्ही को सहेजते, उन्ही से सीखते, उनमें ही कुछ नया जोड़ते आप बने हैं।

याददाश्त के साथ आपकी समूची शख़्सियत चली जाएगी।

आपकी पहचान, आपका वज़ूद चला जाएगा। आप रहेंगे ही नहीं। कोई और होंगे जिसका कोई इतिहास न होगा, जिसकी जड़ें नहीं होंगी। आपके लिए सारी दुनिया बड़ी इकहरी,एकरस और बेमानी होगी।

शहर का नाम उसकी याददाश्त होता है। जैसे मुगलसराय।

इस नाम में चटगांव से काबुल तक जानेवाली उस महान जीटीरोड का समूचा इतिहास समाया है, जिसकी शरुआत मौर्यकाल में हुई, जिसे शेरशाह ने पुनर्निर्मित किया, जिसे मुगलों ने देश की धड़कन में बदला और जिसे अंग्रेजों ने कुछ और बढ़ाया।

हिंदुस्तान की तारीख़

मुगलसराय हिंदुस्तान की तारीख़ है, उसकी पहचान है। यह एक नाम उस पुराने हिंदुस्तान की ज़िंदा तस्वीर है, जिसे खोकर हिंदुस्तान नहीं रह जाएगा, कुछ और भले हो जाए। 

दांव पर सिर्फ़ एक नाम नहीं, हिंदुस्तानी कौम की तहजीबी याददाश्त है। इसे बचाने के लिए लड़िए।






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:: - 08-05-2017

Siba Prasad Das :: - 08-05-2017
Sesa hona Nehi chahiye

Ravinder Bhakti :: - 08-04-2017
Good