अरुंधति पर विवादित बयान : “परेश रावल पद्मश्री की कीमत चुका रहे हैं”

बिगड़े बोल , , सोमवार , 22-05-2017


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जनचौक स्टाफ

ये इस सरकार के पद्मश्री हैं. इनके सुविचार हैं कि अरुंधति रॉय को उस जीप से बांध देना चाहिए जिस पर सेना ने कुछ दिन पहले एक कथित पत्थरबाज़ को बांधकर बैठाया था. मेरा मानना है कि परेश रावल जैसे फासीवादियों को समाज के लिए हानिकारक मानते हुए तुरंत नज़रबंद कर देना चाहिए. समाज के लिए ऐसे लोग बहुत खतरनाक हैं जो किसी खास तरह की फ्रस्ट्रेशन में हिंसक हो जाएं। यह कहना है नितिन ठाकुर का।

फिल्म अभिनेता और सांसद परेश रावल (फाइल फोटो)

नितिन की तरह परेश रावल के बयान पर सोशल मीडिया पर बहुत लोगों ने प्रतिक्रिया दी है और यह लगातार जारी है।

दरअस्ल फिल्म अभिनेता और बीजेपी सांसद परेश रावल जो अपने परिचय में पद्मश्री लिखना नहीं भूलते उन्होंने लेखिका और एक्टिविस्ट अरुंधति राय को लेकर एक विवादित ट्विट किया है। इस ट्विट में उन्होंने लिखा है कि पत्थरबाज़ों की जगह अरुंधति राय को सेना की जीप के सामने बांधा जाना चाहिए।

परेश रावल का विवादित ट्विट

आपको बता दें कि पिछले दिनों भारतीय फौज की जीप के सामने बंधे एक युवक का वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो को जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट के माध्यम से शेयर किया था।

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का ट्विट (फाइल)

इस तस्वीर और वीडियो को लेकर तब काफी बवाल हुआ था। बताया गया था कि पत्थरबाज़ों से बचने के लिए भारतीय सेना ने इस युवक को जीप के आगे बांधकर घुमाया था। इस युवक का नाम फारूक अहमद डार था। इस वीडियो के वायरल होने के बाद आर्मी ने जांच के आदेश दिए, लेकिन कहा जा रहा है कि फारूक़ को जीप से बांधने वाले सेना के अधिकारी को क्लीन चिट दे दी गई।

लेखिका अरुंधति राय का फाइल फोटो

इसी संदर्भ में लेखिका अरुंधति राय ने कोई टिप्पणी की। बताया जा रहा है कि अरुंधति राय ने सेना के इस रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि ''भारत कश्मीर में अगर 7 से 70 लाख सैनिक भी तैनात कर दे, तब भी कश्मीर में अपना लक्ष्य नहीं पा सकता।''
इसके बाद परेश रावल ने अरुंधति को लेकर यह विवादित टिप्पणी की। परेश रावल की इस राय का विरोध करते हुए प्रीति चौहान फेसबुक पर लिखती हैं कि

वैसे मानना पड़ेगा इस सरकार में कई लोगों के असली चेहरे सामने आए हैं वो चाहे सेलिब्रिटी हो या हमारी फ्रेंडलिस्ट में शामिल लोग। कम से कम इसके लिए तो सरकार को थैंक्यू रहेगा।
शकील खान कहते हैं कि यह चेहरे भी बेनक़ाब होने चाहिए। कलाकार की आड़ में छुपे हुए फ़ासीवादी लोग। 

सुमित जून नाम के शख़्स फेसबुक पर लिखते हैं कि बेहद शर्मनाक और असीम दुखदाई है। यक़ीन नहीं हो रहा। जानता था कि परेश, मोदी के मुरीद हैं पर कहीं उनका कलाकार होना, उन के लिए मान बचाए रखे हुए था। आज कुछ टूट गया।

परेश रावल के ट्विट पर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।


वीरेंद्र पाल दत्त कहते हैं कि वैसे इस ट्वीट को परेशान रावल की आने वाली फिल्म का प्रमोशन समझो…।

कौशल कुमार श्रीवास्तव लिखते हैं कि पद्मश्री  की कीमत चुका रहे हैं।” 

एक अन्य कौशल किशोर लिखते हैं कि अनुपम खेर-परेश रावल हैं तो फ़िल्मी विलेन ही। पर्दे की जगह रियल लाइफ में रोल कर लिए।






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